Official Twitter Account of Roopesh Yadava(The Poet)
सफिनो के सागर में अब डूबा ही रहता हूं,..
(Initiation)My love started with wait and ends with initiation
धीरेंद्र शास्त्री जिनकी उम्र 28 साल, दिल्ली से वृंदावन 170 किलोमीटर की सनातन हिंदू एकता यात्रा में 100° बुखार से बीमार पड़ गए।
राहुल गांधी जिनकी उम्र 54 साल, भारत जोड़ो यात्रा में 4,080 किलोमीटर और भारत जोड़ो न्याय यात्रा में 6,713 किलोमीटर पैदल चले।
यानी कुल मिलाकर उन्होंने 10,000 किलोमीटर से ज़्यादा पैदल चले थे, ना रुके, ना बीमार पड़े।
राहुल गांधी का विजन साफ है OBC SC ST को आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी देना, आरक्षण की 50% लिमिट उखाड़ कर फेंक देना और जाति जनगणना कराना।
धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा सामाजिक न्याय की मांग को दरकिनार केवल हिन्दू राष्ट्र का मुद्दा उठाते हैं जिसमें केवल धीरेंद्र शास्त्री की जाति का आधिपत्य रहेगा।
आपको क्या लगता है कमेंट्स जरूर करें।
ये देखिए बिहार में शराबबंदी कितना प्रभावी है!
जीतन राम मांझी जी की बहु दीपा मांझी जो इमामगंज से प्रत्याशी हैं, उनके प्रचार गाड़ी से भारी मात्रा में एक लड़के द्वारा शराब पकड़ा गया है।
कहां है चुनाव आयोग..? जिंदा हो या मर गए..? इस तरह से चुनाव चल रहा है बिहार में।
सरकार को जब सड़क पर रोक कर ‘अकेली’ जनता भी सवाल पूछती है तो आवाज़ दूर तलक जाती है…
पूरा वीडियो सुनिए… सवाल पूछने वाला कह रहा है…
“मोकामा सवाल करेगा, मुद्दे पर सवाल करेगा, जात पाँत पर नहीं बंटेगा”
चुनाव आयोग जिंदा हो तो जिंदा होने का सबूत दीजिए।।।
@ECISVEEP@CEOBihar
केंद्रीय मंत्री सीधा ऐलान कर रहा है की किसी भी वोटर को वोटिंग के दिन घर से नहीं निकलने देना हैं यदि निकलेगा तो कहना की मेरे पार्टी को वोट दोगे तो चलो मेरे साथ नहीं तो घर में ही बंद रहो।
बिहार का पोखरा भी किसी स्विमिंग पूल से कम साफ नहीं है।
राहुल जी ने पूरे भारत को दिखा दिया है कि बिहार में जल जीवन हरियाली में बहुत बढ़िया काम हुआ है।
जल का क्वालिटी भी बढ़िया है। मछली प्रोडक्शन का आंकड़ा सिर्फ कागज़ी नहीं है। बिहार ने मछली उत्पादन में बड़ा जंप लगाया है।
पिछली बार की सड़क से यात्रा में बिहार के अच्छी सड़कों को पूरे देश ने देखा था।
विपक्ष को धन्यवाद।
भाजपा की रैली में भीड़ इकट्ठा करने की निंजा टेक्निक
लखनऊ समेत अलग-अलग जिलों और राज्यों से बिहार बुला लिया गया.. कहा गया कि मोदी जी का भाषण सुनो ₹10000 दिया जाएगा...
बाकी कोई जानकारी नहीं है, कुछ लोगों को तो यह भी नहीं पता है कि क्यों बुलाया गया किसने बुलाया
वंदे मातरम् पर फैलाए जा रहे झूठ का ऐतिहासिक सच
कुछ लोग आज कह रहे हैं “नेहरू और कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर कैंची चला दी क्योंकि मुस्लिम लीग और जिन्ना को आपत्ति थी।”
सच ये है कि यह बात अर्धसत्य और भ्रामक है।
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में ‘वंदे मातरम्’ लिखा था। यह गीत भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा बन गया लेकिन इसके कुछ छंदों में देवी दुर्गा के रूपक थे।
कई मुस्लिम नेताओं ने माना कि यह धार्मिक प्रतीकवाद उन्हें असहज करता है।
1937 का कांग्रेस अधिवेशन (फैज़पुर):
यहां पंडित नेहरू, मौलाना आज़ाद और रवींद्रनाथ टैगोर सहित कई नेताओं ने निर्णय लिया कि
केवल पहले दो छंद (जो राष्ट्रभूमि की प्रशंसा करते हैं, किसी देवी का उल्लेख नहीं करते)
सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय गीत के रूप में गाए जाएंगे।
यह किसी दबाव में नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव की भावना से लिया गया निर्णय था।
जिन्ना या मुस्लिम लीग का दबाव नहीं राष्ट्रीय एकता का निर्णय था।
कांग्रेस उस समय भारत को एकजुट रखना चाहती थी, जबकि मुस्लिम लीग देश को बांटने की राजनीति कर रही थी।
अगर कांग्रेस उस वक्त संकीर्ण दृष्टि अपनाती, तो शायद आज भारत का स्वरूप ही कुछ और होता।
24 जनवरी 1950 संविधान सभा का ऐतिहासिक निर्णय डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा में घोषणा की “वंदे मातरम्, जो हमारी स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है, उसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान प्राप्त होगा।”
यानि एक को राष्ट्रगान, दूसरे को राष्ट्रीय गीत का समान दर्जा दिया गया।
यह भारत की समावेशी भावना की मिसाल है।
“कैंची” नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक संतुलन बनाया गया।
नेहरू या कांग्रेस ने गीत को ‘काटा’ नहीं उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि देश के हर नागरिक को अपने राष्ट्र-प्रतीक से जुड़ने का अधिकार मिले, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो।
यही एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक राष्ट्र की पहचान है।
आज जो लोग झूठ फैला रहे हैं, उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान कांग्रेस ने ही तय किया, ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान घोषित किया,और दोनों को संविधान में समान गरिमा दी।
भारत माता की जय लेकिन सबकी भारत माता, न कि किसी एक धर्म की।
उनकी दूरदर्शी सोच, निडर नेतृत्व और समाज-हित की प्रतिबद्धता को हम आज याद करते हैं।
इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते है 💐
#IndiraGandhi
बिहार की महिलाएं समझदारी दिखा रही हैं। वीडियो वायरल होना चाहिए.
मोदी ने 10 हजार दिए हैं चाहे तो वो वापस ले ले हमें कोई दिक्कत नहीं।
अनाज के बदले हमारे बच्चों को रोजगार देते तो ज्यादा सही रहता।
बिहार की महिलाएं इसबार INDIA गठबंधन को चुनकर बिहार का भविष्य बदलेगी।
इंसानियत की पुकारः हिंदू राष्ट्र नहीं, मानव राष्ट्र चाहिए
"जाति के नाम पर बँट चुका ये देश... अब इंसानियत के नाम पर एक हो जाए। हमें हिंदू राष्ट्र नहीं, मानव राष्ट्र चाहिए जहाँ हर दिल बराबर धड़के
#MassJathara