भरत भूषण तिवारी जी सरकार के ख़िलाफ़ नहीं थे उस सिस्टम के ख़िलाफ़ थे जहाँ ग़रीब की आवाज़ को दबा दिया जाता है।😢
क्या गलती थी भरत भूषण तिवारी की??
आपने कहा वो मानसिक रोगी थे यदि थे तो अभी तक किसी डॉक्टर का बयान क्यो नहीं आया जो उनका इलाज कर रहे थे??😢
मनीष कश्यप का यह बयान भरत भूषण तिवारी को लेकर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। मनीष कश्यप ने बहुत बड़ी बात कह दी।
आपके अंदर थोड़ा भी मानवता इंसानियत बची है तो इस बात को ध्यान से सुनिए👇
जो नफरती कीड़े वीर क्रांतिकारी "भरत तिवारी" का विरोध सिर्फ ब्राह्मण होने कि वजह से कर रहे हैं,
उन नफरती कबूतरों के मुंह पर करारा तमाचा है इस वीडियो के माध्यम से।
क्रांति कि कोई जाति नहीं होती..........
अमर क्रांतिकारी शहीद "भरत तिवारी " जी अमर रहें 🙏
बात अब बहुत आगे निकल चुकी है। जिस भरत तिवारी को बिहार में कुछ लोग उसकी जाति के आधार पर समर्थन या विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं, वह अब जाति, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से कहीं आगे निकल चुका है।
आज महाराष्ट्र में बैठा युवक मराठी में वीडियो बनाकर भरत तिवारी के लिए आवाज़ उठा रहा है ... "जब सुनीता नाम की एक माओवादी महिला ने आत्मसमर्पण किया, तो उसे 39 लाख का इनाम और नौकरी मिली। लेकिन एक समाजसेवी, जिसका अपना गांव गंगा में समा गया था, जिसने अपने गांव और लोगों के हित के लिए हथियार उठाए और बाद में आत्मसमर्पण किया, उसे इनाम नहीं, बल्कि गोली मिली।"
भरत तिवारी को मिलने वाला समर्थन पूरी तरह स्वाभाविक और जनभावनाओं से प्रेरित है। यह किसी राजनीतिक अभियान, जातीय समीकरण या क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा नहीं है। जो भी व्यक्ति उसके बारे में पढ़ रहा है, उसकी कहानी जान रहा है, उसके संघर्ष को समझ रहा है, वह उसके साथ खड़ा होता दिखाई दे रहा है।
आज भरत तिवारी सिर्फ एक नाम नहीं रह गया है। वह उन लोगों के मन आवाज़ बन चुका है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद रखते हैं। उसकी कहानी ने लोगों को जाति, भाषा और प्रदेश की दीवारों से ऊपर उठकर सोचने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है आनेवाले दिनों में भरत तिवारी के लिए उठ रही आवाज़ें सिर्फ यूपी बिहार से नहीं, बल्कि पूरे देश से सुनाई देंगी।
मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ आज़ाद यदि आज होते और आज का भ्रष्टाचार देखते तो वो क्या करते? वो भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया, जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन उसका चीरहरण कर रहा हो तब खून तो खौलेगा
शरण में आए हुए, व्यक्ति को मारना पाप है
पुलिस वालों को रामचरितमानस पढ़ना चाहिए।
भरत तिवारी हत्याकांड मामले में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।🔥
मुझे नहीं लगता कि वर्तमान CM से बड़ा कोई अपराधी था भरत तिवारी भाई..
क्रांति कोई बनी-बनाई चीज़ नहीं है जो बाज़ार में मिल जाए, यह लोगों के दिलों में पैदा होती है और व्यवस्था को बदलने की ताकत रखती है।💪
🙏शत शत नमन 💐