मोदी ही नहीं चाहिए ये clear हो गया है.. मोदीजी आप क्यों ज़बरदस्ती लोगों के मम्मी पापा मसीहा बने हो, लोग नहीं चाहते है आपको.. इतना मौज काट लिया है झूठ फरेब करके, अब देश को बख्स दो न प्लीज
यह बिना वर्दी में कौन लोग थे?
इन्होंने युवाओं को बेदर्दी से मारा
क्या यह दिल्ली पुलिस के थे?
कौन थे यह अज्ञात लोग?
भाड़े के गुंडे भी मंगवाये थे क्या मोदी जी?
मैं छात्र जीवन में नेता टाइप का था । कोई पोस्ट वोस्ट नहीं, पर ज़िंदाबाद, मुर्दाबाद बहुत किया है । कई सारे आंदोलनों का हिस्सा रहा । और जब रहा तो ये देखा कि पुलिस वाले हाथ में लाठी लेकर डराते थे, मारते नहीं थे ।
आंसू गैस के गोले दागने से पहले इशारा कर देते थे कि हमारे पीछे आ जाओ , आंखें बंद कर लो। वो हममें अपने बच्चे देखते थे । वो जानते थे कि ये आतंकवादी नहीं हैं ये बच्चे ।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में कई बार बंद हुआ सुबह से शाम वाला बंद । एसएचओ चाय समोसे मंगा कर खिलाता था ।
आज जिस तरह निरंकुश लाठियां चली हैं, ये अच्छा नहीं हुआ है ।
मैं अभी कैब से जंतर मंतर जा रहा हूँ। कैब में ड्राइवर @Saurabh_Unmute की ग्राउंड रिपोर्ट देख रहे हैं।
क्या समझा जाए इससे?
इससे यह समझा जाए कि मुख्य धारा के मीडिया को न ग्राउंड पर भाव दिया जा रहा है और न ही दर्शक देख रहे है।
इससे यह समझा जाए कि अब सोशल मीडिया ही मुख्य धारा का मीडिया है।
सोशल मीडिया ने ही ने ही आज इतना बड़ा आंदोलन खड़ा किया है।
एक और अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला लड़की पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा लगाकर वर्तमान हालातो का चित्रण कर रही है
यह यह प्रदर्शन अब आंदोलन का रूप ले चुका है
और यह आंदोलन बताता है कि जनता भाजपा से बहुत नाराज है।
आज नरेंद्र मोदी की डर की सत्ता का अंत हो गया.
युवाओं ने मोदी का घमंड चूर कर दिया.
संसद का गेट बंद हो गया.
आंसू गैस, वाटर केनन, लाठी चार्ज, गोदी मीडिया, आई सेल सब नाकाम.
युवा संसद की तरफ़ बढ़ रहे हैं.
Look at the misleading caption by the Godi media and Godi Anchor @chitraaum. Praising Govt abd blaming the opposition.
'Sarkaar karegi Chhatro se Samvad, Vipaksh karega Fasaad'.