ये है भाजपा सरकार द्वारा पोषित अपराधियों का हाल, ख़ुद कैमरे पर बता रहा है कि जिस अपराध में इसे 307 में जेल में होना चाहिये था उसमें ये बाहर घूम रहा है।
@DelhiPolice आप सुन रहे हैं ??
नासिक, महाराष्ट्र में आज आदिवासी छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र भी शामिल थे।
उनकी समस्याएं और मांगें ध्यान से सुनीं।
हर छात्र को पढ़ाई के लिए एक सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उसका हक़ है। वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को सिस्टम की अनदेखी नहीं, उसके सहयोग और हर संभव मदद की जरूरत है।
शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं - यह भारत के हर छात्र का अधिकार है।
#ChhatronKiGoonj
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
हमारे माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री @DayashankarMi जी की नई पुस्तक ‘अख़लाक़’ प्राप्त हुई। यह पुस्तक मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी के सौजन्य से उनके मीडिया सलाहकार योगेंद्र जी ने भेंट की। @OfficeOfDVS
Today, we filed an FIR application at Padoli Police Station, Chandrapur, Maharashtra, seeking registration of an FIR and the arrest of those who organised and participated in the “ Ganga Jal purification” ritual following the public meeting of Hon’ble Congress President Shri Mallikarjun Kharge Ji in Haldwani, Uttarakhand, and demanding strict legal action against them.
If a Leader of opposition Rajya Sabha’s public meeting is followed by a “purification” ritual, the BJP-RSS cannot dismiss it as an isolated act. It reflects the poisonous caste mindset that their politics has allowed to thrive.
Imagine the audacity of performing a “purification” after a constitutional leader addresses a public gathering, as if a person’s caste can make a democratic space impure. This is not faith. It is caste prejudice dressed up as ritual. If the BJP and RSS have even a shred of respect for Dr. Ambedkar’s Constitution, they must confront this disgrace instead of hiding behind silence.
BJP’s Uttrakhand Government & Chief Minister Shri @pushkardhami must publicly apologise to Thiru Mallikarjun Kharge Ji and answer why such blatant caste humiliation continues to find space within the BJP-RSS ecosystem.
@INCIndia@kharge@RahulGandhi
हैलो @uttarakhandcops@nainitalpolice_,
इस पूरे प्रकरण में तुरंत SC/ST एक्ट के तहत लागू कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं, जो देश का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। साथ ही वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, उस ऐतिहासिक पार्टी के, जिसने देश की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों की स्थापना में योगदान दिया।
यदि एक दलित समाज से आने वाले व्यक्ति, जो देश के इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर है, उसके भाषण के बाद किसी सार्वजनिक स्थान को गंगाजल से ‘शुद्ध’ किया जाता है और यह कहा जाता है कि उसके आने से वह स्थान ‘दूषित’ हो गया, तो इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि देश के आम दलितों को ज़मीनी स्तर पर किस तरह के जातिगत भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ता होगा।
8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की रैली हुई। रैली के बाद तथाकथित हिंदूवादी संगठनों द्वारा मंत्रोच्चार, पूजा और गंगाजल से उस स्थान का ‘शुद्धिकरण’ किया गया। यह कहा गया कि इस स्थान पर रामलीला होती है और श्री @kharge जी के आने से यह स्थान ‘दूषित’ हो गया। RSS की विचारधारा और सोच से प्रेरित होकर खड़े हुए ऐसे हिंदूवादी संगठनों की यह मानसिकता बेहद गंभीर और चिंताजनक है। यह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे जी का अपमान नहीं है, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना का भी अपमान है। इस पूरे प्रकरण में तुरंत SC/ST एक्ट के तहत लागू कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसे ‘दूषित’ मानना और उसके बाद किसी स्थान का ‘शुद्धिकरण’ करना आज़ाद भारत और हमारे संविधान के मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। ऐसे जातिगत भेदभाव और अपमान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना आवश्यक है।
@RahulGandhi@INCIndia@INCUttarakhand
The youth of India have started to take our country back from those who tried to suppress their voice… today is the day an undemocratic and oppressive government was forced to bend to the will of the people of India.
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what is right. Don’t ever let your spirit be oppressed, you are the soul of our beautiful nation, stay strong and brave always.
2014 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2015 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2016 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2017 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2018 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2019 : "Rahul Gandhi is Pappu"
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2024 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2025 : "Rahul Gandhi is Pappu"
2026 🔥 : Rahul Gandhi brought the government on knees and forced the first ever resignation under BJP govt for the last 12 years
The stature will skyrocket from here 🗿
सभी छात्रों को दिल से धन्यवाद...
मेरी तरफ से छात्रों को जो भी समर्थन चाहिए, उसके लिए मैं तैयार हूं।
The Congress party's idea was to wholeheartedly support the protest, and we have done so. We are here to protect the students of India and safeguard the future of India.
This is a fight between the past - Narendra Modi and the RSS - and the future of India. We are very confident that the future of India will defeat the past.
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
The energy of India’s Gen Z gives me hope.
This generation believes in satya and ahimsa, carries compassion and courage, and will lead India towards a brighter, more just future.
I'm excited to see them step into the political sphere.
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।