पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं?
बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता ‘न्याय की गुहार’ करते हुए सड़क पर नहीं आ गई।
क्या अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे? आखिर पीड़ितों के लिए पुलिस थाने तक जाना भी इतना मुश्किल क्यों हो गया है?
न्याय दिलाने से अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए किया जाता है, जिसका सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और कमज़ोर वर्ग के लोग होते हैं।
FIR दर्ज नहीं होना न सिर्फ पीड़ितों को हतोत्साहित करता है बल्कि अपराधियों का हौसला भी बढ़ाता है।
सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।
न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की ‘मर्जी का मोहताज’ नहीं बनाया जा सकता।
मध्यप्रदेश सरकार का 73% आरक्षण वाला केस आज निरस्त हो गया। यह भाजपा सरकार द्वारा अपील किया गया था। पहले ही हायकोर्ट निरस्त कर चुकी थी। पर ओबीसी प्रेम में अंधी भाजपा भगवान राम को जातिवादी हत्यारा बताने के एफिडेविट को आधार बना कर ओबीसी को ऐतिहासिक प्रताड़ना का शिकार बता रही थी।
बहुत बढ़िया कार्य YFE द्वारा! देते रहो गाली! लोग समाज के लिए लड़ते रहेंगे।
सब लोग तैयार रहिए और बाकियों को भी करिए।
@ajeetbharti 🚨
अधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग अब केवल डिजिटल मंचों तक सीमित नहीं रह सकती। समय आ गया है कि अपने भविष्य और स्वाभिमान के लिए विचारों को धरातल पर उतारा जाए। यदि अपने हकों के लिए आज खड़े नहीं हुए, तो कल आने वाली पीढ़ियों के पास कोई अवसर नहीं बचेगा। एकजुट होइए और इस लड़ाई के लिए तैयार रहिए।
#GCStudents #EqualOpportunities #JusticeForGC
यदि @narendramodi अपनी घटिया जातिवादी नीतियों के चक्कर में इतना नहीं गिरते, तो लोग कई बातों को इग्नोर करते रहते। परंतु, दुष्कर्म जैसे अपराधों में मेडिकल की अनिवार्यता समाप्त कर के, सवर्णों के विरोध में 'मोदी एक्ट' जैसा एक हथियार दे दिया, जिसमें ना तर्क है, ना तथ्य।
कोई नेता जब दुष्कर्म में जाति ढूँढ रहा हो, तो समझिए कि उसे महिला सुरक्षा की चिंता है या 'दलित महिला वोट' की? यह समाचार पढ़ कर उल्टी आ रही है कि इस घृणित जातिवादी सोच वाले व्यक्ति को देश चलाने का कार्य मिला हुआ है।
@PragyaLive तूं केवल पैदा ब्राह्मण हुई थी लेकिन अब तो तन मन से ग्वालि हो चुकी है अब तो कम से कम जाति की इज्जत मत उछाल तेरी इज्जत तो है नहीं कोई तो ब्राह्मणों की इज्जत के पीछे कहें पड़ी है
@savedemocracyI जब तुम सालों किसी लायक नहीं हो तो बीजेपी ही आयेगी न तुम लोगों को जनता से जुड़े मुद्दे तो दिखाई नहीं देते शिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाते नहीं संसद में भी और रोड पर भी केवल झूठे मुद्दे मोदी चोर evm हैक है चिल्लाने से वोट नहीं मिलने वाले
बिहार सरकार के लिए निर्धन और आवासहीन केवल SC/ST/OBC/EBC में हैं। यानी सामान्य वर्ग की जातियों से टैक्स लो और उनकी जातियों के लोगों को किसी भी स्कीम का लाभ मत दे। यही बकलोली इन्होंने हर योजना में कर रखी है। समाज को पूछना चाहिए कि हमारे पैसे का लाभ हमारी ही जाति के निर्धनों को क्यों नहीं दिया जा रहा? हर बात क्या जाति देख कर ही होगी?
रावण को लगता है बार-बार ये भीड़ की धमकी दे कर, देश में आग लगा कर ये जाटवों द्वारा अनुपात से अधिक आरक्षण लेने के बाद भी, अपनी राजनीति के लिए ब्लैकमेलिंग करता रहेगा और समाज होता रहेगा।
इस बार यदि हिंसा हुई तो इसकी सांसदी चली जाएगी। पर सरकार को अराजक और दंगाई लोग पसंद है, आयोजकों पर ये सरकार FIR ही नहीं करती। पिछली बार के जातवादी दंगों में 14 लोग मरे थे। उससे पहले इसने एक और जातिगत संघर्ष चालू कराया था, तब इसे जेल में NSA लगा कर रखा गया था।
बाल्मीकी, डोम और खटीक समुदाय में नेता नहीं हैं क्या? उनके अधिकार कब मिलेंगे? या इन जातियों को भी एक दंगाई भीड़ सेना में ही नेतृत्व दिख रहा है? उपवर्गीकरण से ही कम प्रतिनिधित्व वाली जातियों को आरक्षण मिल सकता है।
मायावती के समय से ही जाटवों ने SC आरक्षण का बहुत बड़ा हिस्सा लिया है। अब समय आ गया है कि समीक्षा हो और इन्हें SC के हिस्से से 4-5% ही आरक्षण मिले और बाकी में बाल्मीकि, खटीक, मुसहर, डोम, हेला, कंजर, नट, बहेलिया आदि को आगे किया जाए।
इन जातियों के नेता नहीं हैं तो बाबा साहेब का आशीर्वाद ले कर इनके युवाओं को नेतृत्व हाथ में लेना चाहिए। कोई अनपढ़ नेता आपके अधिकारों का हनन कर रहा है, जागो और छीन लो अपना अधिकार।
@Mayawati जब मंच कांग्रेस का था तो मंच का शुद्धिकरण करने वाले भी कांग्रेसी ही रहे होंगे दूसरी पार्टी का तो कोई वहां जायेगा नहीं और जायेगा तो वहीं बेइज्जत होगा इससे जाहिर होता है कि कांग्रेसियों ने ही सब कुछ किया है