मध्य प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा जी राष्ट्रीय महासचिव या मंत्रिमंडल में आने की दौड़ में काफी आगे थे। लेकिन वो प्रकोष्ठ के संयोजक जैसे लूप लाइन में आ गए।
जानकार वजह बता रहे हैं पत्नी स्तुति मिश्रा के दो ट्वीट, जिसने सरकार को उलझन में डाला।
✍️ समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय पर आधारित राष्ट्र का निर्माण करने वाले संविधान रचयिता *डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर* की 134 वीं जन्म जयंती पर समस्त भारत के मूल निवासियों को बहुत-बहुत 🌹शुभकामनाएं,🌹 🙏जय भीम, जय मूलनिवासी, जय संविधान,🙏
@DrMohanYadav51@BJP4MP 25 वर्षों से शासकीय महाविद्यालय मे सेवा दे रहे अतिथि विद्वानो का भविष्य सुरक्षित नही @DrMohanYadav51 ने घोषणा की थी कि 65 साल तक अतिथि विद्वानो की नोकरी सुरक्षित करेगे नौकरी नहीं रहेगी तो अपने बच्चो का भविष्य कैसे बनाएंगे हिंदू सनातनी अतिथि विद्वानों की नौकरी बचा लेना
@KunalChoudhary_ नियमित शिक्षकों को स्थायी वेतन, भत्ते, पदोन्नति की सुविधाएँ मिलती हैं, वहीं #अतिथिविद्वान को न तो स्थायित्व मिलता है, न ही पर्याप्त वेतन। कई बार तो महीनों तक भुगतान नहीं होता।
विचारणीय बात यह है कि काम वही है, ज़िम्मेदारी वही है, लेकिन वेतन और सुविधाओं में ज़मीन-आसमान का फर्क।