कभी कभी सच्चाई भी भ्रम सी लगती हैं
पानी से लबालब सागर भी झूठे प्रतीत होते हैं
खासकर तब….
जब कोई इंसान प्यास से व्याकुल होकर
मृगतृष्णा की ओर दौड़ता है
और वहाँ कुछ नही पाता सिवाय खुद के....
वर्षों से नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती रही ,
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में कोई दीदावर पैदा ।
दलितों शोषितों और गरीबों के मसीहा भारत रत्न बाबा साहेब डा0 भीमराव अंबेडकर जी के चरणों में महापरिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें कोटि कोटि नमन🙏
#राष्ट्रनिर्माता_बाबासाहेब_अमर_रहें
इंसान एक दूसरे को परखने में इतने व्यस्त थे
कि एक दूसरे को समझना ही भूल गए
वो भूल गए कि जिसे वो परख रहे हैं
वो कोई धातु नहीं
हाड़ मांस रक्त और संवेदनाओ से भरा इंसान है
फिर इक दिन परखते परखते वो मशीन बन गए।।
🌼जय भीम🌼🙏
लोग ऐसे दिखावा करते हैं
जैसे वो कितने खुश और शन्ति से परिपूर्ण है
पर वास्तव में तो एक शोर होता है उनके भीतर
जो उनको शांत नही होने देता है
पर इस बात को स्वीकार करना
सबके बस की बात नहीं हैं
उनको डर होता है लोगों से समाज से
कि कहीं लोग उनको कमजोर न समझ ले
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@SundreshPrakas6 आपको शायद याद हो,आपने एक केस मे मेरी बहुत हेल्प की थी,आपके अलावा ट्विटर के बहुत सारे जाने अनजाने दोस्तो ने भी,उस घटना को बहुत समय बीत चुके है पर जब भी मै आपको याद करती हूं मेरे मन में आपके प्रति सम्मान बढ़ जाता है
मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य और सुख शान्ति की कामना करती हूं
जय भीम🙏
सीपी में रेत की भावुक कणों ने प्रवेश किया
सब मोती के निकलने का इंतिजार कर रहे थे
जब सीपी खुली तो वो हैरान थे
वहाँ भावुक मोती नही कठोर हीरा पड़ा था
नियमों से परे था सब
Ruby
🌱जय भीम🌱
शायद समाज में भावनाओं से ज्यादा नामों को तबज्जो दिया गया होगा, पर क्या हमारे समाज के निर्माण में स्त्रियों की सलाह ली गयी थी? या फिर सारे रीति-रिवाज,नियम,कानून उनके लिए ही बनाई गई थी ,फिर भी स्त्रियाँ खुश हैं,उनके मन में कोई सवाल ही नहीं आता।।