वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है
ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
दोस्त बन कर दुश्मनों सा वो सताता है मुझे
फिर भी उस ज़ालिम पे मरना अपनी फ़ितरत है तो है
- दीप्ति ���िश्रा
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए.. ये गाना सभी को दिल को छू जाता है.. और कितना प्रैक्टिकल शब्द हैं.. .. चलो सुनते हैं ये खुबसूरत गाना अपने सदाबहार गाने की खज़ाने में..
शुभ रात्रि दोस्तों 💤...
जानती हो, कुछ ख्वाब आज भी पलकें निचोड़कर जाग रहे हैं।आंख गहरी नींद में है फिर भी तुम्हारी याद में घुटनो पर सर रखकर मैं तुम्हारे मैसेज का इंतजार कर रहा हूं।सारे जज़्बात रेत बन अब वक्त के समंदर में फिसलते जा रहें हैं।तुम्हारे पास से हरबार खाली और उदास लौटना बहोत दर्द देता है लड़की।
सुनो न! आज फिर तुम्हें लिखते हुए वही पुरानी-सी हलचल उँगलियों में उतर आई है। जैसे कागज़ कोई साधारण कागज़ न होकर तुम्हारी हथेली हो और मैं उस पर अपने स्पर्श की परछाइयाँ रख ���हा हूँ।
तुम्हें पता है, कुछ लोग ज़िंदगी में शोर बनकर आते हैं और कुछ लोग ख़ामोशी बनकर। तुम मेरे जीवन की वही ख़ामोशी हो, जो भीतर उतरकर धड़कनों को भी सलीक़ा सिखा देती है।
जब तुम मुस्कुराती हो, तो लगता है जैसे शाम की थकी हुई धूप ने किसी नदी में अपना चेहरा धो लिया हो। तुम्हारी हँसी में कोई बनावटी खनक नहीं है, वो बिल्कुल वैसी है जैसे पहली बारिश के बाद मिट्टी क�� सोंधी ख़ुशबू अनायास, सच्ची और सीधी दिल तक उतर जाने वाली।
मैंने अक्सर सोचा है, तुम्हें चाहना क्या है? शायद ये वैसा ही है जैसे कोई चाँद को छूने की कोशिश न करे, बस उसकी रौशनी में देर तक बैठा रहे।तुम्हें पाने की बेचैनी से ज़्यादा तुम्हें महसूस करने की तसल्ली अच्छी लगती है मुझे।
तुम्हारी आँखें…उनमें एक अजीब-सी गहराई है। जैसे किसी शांत झील के भीतर पूरा आकाश समाया हो। कभी-कभी डर लगता है, कहीं मैं उ�� आँखों में इतना न उतर जाऊँ कि लौटना भूल जाऊँ, पर फिर सोचता हूँ अगर डूबना ही है, तो ऐसी ही आँखों में क्यों न डूबा जाए, जहाँ डूबना भी मुक्ति जैसा लगे।
तुम्हारे नाम का असर भी अजीब है मुझ पर। जब कोई और लेता है, तो बस एक शब्द लगता है। जब मैं लेता हूँ तो वो मेरी साँसों का हिस्सा बन जाता है।
तुम्हारे साथ बिताए वे छोटे-छोटे लम्हें चाह��� कुछ पल की बात हो या बस नज़र भर देख लेना, मेरे लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं। तुम पास होती हो तो दुनिया थोड़ी धीमी चलने लगती है, जैसे वक़्त खुद तुम्हें देखना चाहता हो।
कभी-कभी कल्पना करता हूँ…एक शांत-सी शाम हो, आसमान में हल्की गुलाबी आभा हो, और हम दोनों किसी छत पर बैठे हों। हवा तुम्हारे बालों से खेल रही हो, और मैं चुपचाप तुम्हें देख रहा हूँ। तुम पूछो “क्या देख रहे हो?” और मैं बस इतना कह सकूँ “वही, जो मेरी पूरी दुनिया है।”
सच कहूं तो तुम्हारी मौजूदगी मेरे लिए किसी इत्र की तरह है दिखाई नहीं देती, पर हर तरफ़ महसूस होती है। तुम चली भी जाओ, तो तुम्हारी ख़ुशबू देर तक मेरे आसपास रहती है।
मैं तुम्हें किसी भारी-भरकम वादे में बाँधना नहीं चाहता। मोहब्बत मेरे लिए कोई शोर नहीं, एक धीमा संगीत है। मैं चाहता हूँ, तुम मेरे साथ रहो जैसे नदी के साथ उसका किनारा रहता है। दोनों अलग होते हुए भी ��क-दूसरे के बिना अधूरे।
अगर कभी मैं शब्दों में उलझ जाऊँ, तो समझ लेना दिल बहुत कुछ कहना चाहता है, बस ज़ुबां उतनी सक्षम नहीं। क्योंकि तुम्हारे लिए जो महसूस करता हूँ, वो किसी भाषा का मोहताज नहीं।
तुम्हें देखना एक आदत बनती जा रही है। तुम्हें याद करना एक सुकून और तुम्हें चाहना एक इबादत।
तुम्हारे बिना भी दिन कट जाते हैं, पर तुम्हारे साथ होने की कल्पना ही दिन को अर्थ दे देती है। जैसे सूखे पन्ने पर अ��ानक कोई रंगीन अक्षर उभर आए हों।
मैं नहीं जानता भविष्य क्या लिखेगा। पर इतना जानता हूँ अगर मेरी ज़िंदगी एक किताब है, तो उसका सबसे खूबसूरत अध्याय तुम हो, और अगर कभी ये किताब अधूरी भी रह जाए, तो भी तुम्हारा नाम उसमें सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा।
यकीन मानो तुम्हारे लिए मेरी चाहत कोई आवेग नहीं, एक शांत समर्पण है। तुम्हें छूने से पहले तुम्हें समझना चाहता हूँ। तुम्हें पाने से पहले तुम्हें महसूस ���रना चाहता हूँ। और अगर कभी तुम्हें मेरी ज़रूरत पड़े किसी भी रूप में तो जान लेना, मैं वहीं मिलूँगा जहाँ ��ुम्हारी धड़कन थोड़ी तेज़ हो जाती है।
तुम्हें लिखते-लिखते सच में एक मदहोशी-सी उतर आती है। जैसे हर शब्द के साथ मैं तुम्हारे और करीब आ रहा हूँ।
बस इतना जान लो तुम मेरे लिए कोई कहानी नहीं, एक एहसास हो, और एहसासों को भुलाया नहीं जाता…उन्हें जिया जाता है, हर रोज़, हर साँस के साथ..! ❤️
राघवेन्द्र चतुर्वेदी ✍️
युवाओं को मेरी सीधी-सपाट सलाह है — ज़िंदगी कोई ट्रायल वर्ज़न नहीं देती, यहाँ हर क्लिक गिना जाता है।
1. अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखिए। यही नियंत्रण आपकी सफलता और असफलता के बीच की पतली रेखा है। जिसने खुद को जीत लिया, उसने आधी दुनिया जीत ली।
2. पोर्न और लगातार हस्तमैथुन को हल्का मत समझिए। यह धीरे-धीरे आपके दिमाग की धार कुंद करता है। जो ऊर्जा सपनों में लगनी थी, वह स्क्रीन पर बह जाती है।
3. ऊ��ट की तरह शराब पीना बहादुरी नहीं, बेवकूफी है। होश खोकर कोई महान नहीं बना। नशे में इंसान पहले हँसी का पात्र बनता है, फिर अफ़सोस का।
4. अपने मानक ऊँचे रखिए। सिर्फ़ इसलिए किसी चीज़ पर समझौता मत कीजिए क्योंकि वह आसानी से मिल रही है। सस्ता हमेशा सुकून नहीं देता।
5. अगर कोई आपसे ज़्यादा होशियार मिले तो उससे भिड़िए मत, उसके साथ जुड़ जाइए। प्रतिस्पर्धा से ज़्यादा तरक्की सहयोग में है।
6. आपकी समस्याएँ ���ठाने कोई नहीं आ रहा। 100% ज़िम्मेदारी आपकी है। बहाने सस्ते होते हैं, नतीजे महँगे।
7. सलाह उसी से लीजिए जो वहाँ पहुँचा हो जहाँ आप पहुँचना चाहते हैं। भीड़ दिशा नहीं देती, बस शोर देती है।
8. पैसे कमाने के नए रास्ते खोजिए। कमाइए… और जो मज़ाक उड़ाएँ, उन्हें मुस्कुराकर अनदेखा कीजिए। अंत में हिसाब बैंक बैलेंस से होता है, ��ालियों से नहीं।
9. 100 सेल्फ-हेल्प किताबें नहीं, एक्शन चाहिए। अनुशासन वह ताकत है जो साधारण को असाधारण बनाती है।
10. नशीली दवाओं से दूर रहिए। “बस एक बार” अक्सर सबसे बड़ा झूठ होता है।
11. YouTube पर कौशल सीखिए, नेटफ्लिक्स पर घटिया कंटेंट में रातें मत डुबाइए। मनोरंजन ठीक है, मगर लत बर्बादी है।
12. सच कड़वा है — कोई आपकी उतनी परवाह नहीं करता जितनी आप सोचते हैं। शर्म छोड़िए, बाहर जाइए, अवसर खुद बनाइए।
13. आराम सबसे खतरनाक लत है। ज्यादा आराम, सस्ता अवसाद।
14. परिवार को प्राथमिकता दीजिए। वे परफेक्ट नहीं होंगे, मगर अपने हैं। उनकी कमज़ोरियों को ढाल बनाइए, हथियार नहीं।
15. नए अवसर तलाशिए और अपने से आगे के लोगों से सीखिए। ठहरा पानी सड़ता है।
16. आँख बंद कर किसी पर भरोसा मत कीजिए। विश्वास कीजिए, मगर पहले खुद पर।
17. चमत्कार का इंतज़ार बंद कीजिए। मदद मिल सकती है, मगर शुरुआत आपको ही करनी होगी। राय सुनिए, मगर अपनी राह खुद चुनिए।
18. कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का कोई विकल्प नहीं। और याद रखिए — विनम्रता ही असली ऊँचाई है।
19. खुद को “खोजने” का इंतज़ार मत कीजिए। खुद को गढ़िए। पहचान बनती है, मिलती नहीं।
20. दुनिया आपके लिए धीमी नहीं होगी। आपको ही तेज़ चलना होगा।
21. कोई भी आपका कुछ कर्जदार नहीं है। हक़ कमाइए, मांगिए म��।
22. जीवन एक सिंगल-प्लेयर गेम है। आप अकेले पैदा हुए, अकेले जाएँगे। तीन पीढ़ियों बाद नाम भी धुँधला पड़ जाता है। इसलिए दूसरों की तालियों से ज्यादा अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनिए।
23. ज़िंदगी आपको कई बार ज़रूरतमंद, उदास और कमज़ोर महसूस कराएगी। बाहर निकलने का दरवाज़ा एक ही है — फैसला। और वह फैसला सिर्फ़ आप ले सकते हैं।
24. हर दिल आपके जैसा साफ़ नहीं होता। ��ुछ लोग इस्तेमाल करेंगे और आगे बढ़ जाएँगे। जागरूक रहिए, कड़वे नहीं।
25. 25 की उम्र तक इतना समझदार बन जाइए कि —
→ दूसरों की सफलता पर खुश हों
→ ईर्ष्या से बचें
→ खुले दिमाग रखें
→ अनुमान लगाने से पहले समझें
→ इरादे से काम करें
→ कृतज्ञ रहें
→ सच बोलें
→ रोज़ व्यायाम करें
→ गपशप से दूर रहें
→ साफ़ भोजन करें
→ माफ़ करें
→ सुनें
→ सीखें
→ और दिल से प्यार करें
ज़िंदगी आसान नहीं ह��, मगर साफ़ है। जो जाग गया, वही आगे निकल गया।
जिनके हिस्से में जितना है
उनको उतना करना होगा,
सबके, अपने कुरुक्षेत्र हैं
लेकर शस्त्र, उतरना होगा,
क्षमा धर्म है, लेकिन किसको?
साधु, सज्जन, सेवकजन,
यदि जयद्रथ को छोड़ोगे तो,
अभिमन्यु को मरना होगा,
अभिमन्यु क�� मरना होगा।
चरैवेति चरैवेति।
तुम वो प्यार थे जो बिना किसी वॉर्निंग के मेरी ज़िंदगी में आए।
मुझे सोचने या समझने का मौका ही नहीं मिला।
एक सुबह उठा और सबसे पहला ख़याल तुम थे,
सबसे पहला मैसेज भी तुम्हें ही किया।
तुम्हारा जवाब आया… और मैं मुस्कुरा दिया।
उसी पल समझ गया कि दिल अब मेरा नहीं रहा।
आज तुम मुझसे दूर हो,
पर आख़िरी मुलाक़ात में तुमने जो कहा —
“आप मुझे हमेशा याद रहोगे”
वही शब्द अब हर दिन मेरे साथ रहते हैं।
मैं आज भी तुमसे उतना ही प्यार करता हूँ।
कर दिया आप की क़ुर्बत ने बहुत दूर मुझे
आप से बोद का एहसास न इतना था कभी
दोस्त नादाँ हो तो दुश्मन से बुरा होता है
मुझ को अपने ��िल-ए-नादाँ पे भरोसा था कभी
~मज़हर इमाम 🌻💚
जिंदगी की सबसे विकट "परिस्थितियों" में आप हमेशा अकेले ही होंगे, और यही समय आपको "बुद्धिमान" "समझदार" स��घर्षशील, "ताकतवर" और "निडर" बनाएगा, "हिम्मत" मत हारना l