Dozens of journalists covered the student protest in BJP ruled Delhi with total freedom, while in Opposition ruled Jharkhand @AmanChopra_ is picked up by cops, questioned, and slapped with an FIR.
No outrage. Because Democracy is alive and so is Press Freedom under the Congress.
Testimony of a police officer’s daughter: My father was on duty at Jantar Mantar. He was almost lynched. He remained unconscious for hours. He was brought home drenched in blood. His attackers are now filing complaints against him.
The price of bravery in this country is blood.
Evidence found on Nida Khan's laptop from TCS of her contacts with 136 radical organizations worldwide. She used to take video calls from several organizations in Pakistan to train in converting Hindus to Mu$lims.
“कोई कोई वैश्या तो भली ब्राह्मण भला ना कोय” - राजकुमार राष्ट्रीय प्रवक्ता सपा
Please take strict action against this man @myogioffice. Everyone can’t just insult Bramhins and move on.
There has to be consequences.
2024 NEET Paper Leak
2026 NEET Paper Leak
UGC Rules Debacle
The Most Incompetent Minister and Ministry of Modi Ji’s Government needs total Overhaul
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किशन हलधर (28) को कुछ घंटे पूर्व हँसुआ से काट दिया गया। भाजपा कार्यकर्ता थे। मैंने हिंसा की आशा पाँच मई से की थी। एक दिन देर से आरंभ हुआ।
जिहादियों से भरी पार्टी या संस्था या तो कानून को अपने हिसाब से चलाती है, या कानून मानती नहीं। सत्ता में हो तो संरक्षण में काटेगी, बाहर हो तो संख्या बल के आधार पर, दंगों की धमकी की आड़ में काटेगी।
काटना इसका चरित्र है। जिन्हें विजय पर यह कहना था कि ‘अपराधियों को उनके बिलों से निकाल कर न्याय तक लाया जाएगा’, वो स्टेट्समैन बने, ‘बदला नहीं बदलाव’ जैसी साहित्यिक शब्दावली दे कर बुद्ध बन रहे थे।
गिनते रहो शवों को। और वह भी क्यों नहीं, यह तो तुम्हारी सहायता कर रहा है यह बताने में कि देखो टीएमसी कितनी क्रूर है। विक्टिम कार्ड खेलने में भाजपा प्रवीण हो चुकी है।
मोदी से ले कर इनके छात्र संगठन तक, सब स्वयं को सताया हुआ साबित करने में लगे हुए हैं।
अबे जीत गए हो झोपड़ीवालो! बिहेव करो विजेता की तरह! हत्यारों को पकड़ना तो आरंभ करो, या गिनते रहने में अधिक लाभ है?
'यह फैक्ट है कि कैसे कुछ डॉक्यूमेंट्स(पुस्तकें) पढ़ने पर दलितों/OBCs को अंधा कर दिया जाता था, कुछ verses(श्लोक) सुनने पर उनके कानों में पिघला मैटल(धातु) डाला जाता था।'
नोट: राहुल गाँधी ने जिस समय भरी संसद में यह कहा, तब वहाँ मौजूद किसी भी पक्ष/विपक्ष के MP ने इसपर कुछ नहीं बोला।
प्रिय @BhajanlalBjp जी, एक वर्दीधारी अधिकारी पॉडकास्ट दे सकता है क्या? क्या यह ऑन ड्यूटी है? इसने जो बोला है, वह तो अलग डिबेट है, पर किया ‘मीणा’ होने के कारण इन्हें विशेष छूट है हिन्दुओं को अपमानित करने का?
इस मूर्ख को यह पता भी है छत के नीचे कैप/बैरे हटाना होता है? यदि आपके पास शस्त्र हैं, कोई सेरेमनी है, या संतरी का कार्य कर रहे हों, तब ही छत के नीचे कैप पहनना अनिवार्य है।