#Reminder : Sunil Arora, the new CEC has featured in the infamous Nira Radia tapes scandal. Jeb-lootley ji brought him as Secretary in Information & Broadcasting ministry in 2016. Another officer with tainted background makes to the top of Election Commission. Waah Maggy ji wah.
23 सितंबर, 1965 को भारत ने पाकिस्तान को प्रत्यक्ष युद्ध में रौंद डाला था. सेना के 3 हज़ार जवानों ने शहादत देकर कश्मीर हासिल करने के पाकिस्तानी सपने को सदा के लिए चकनाचूर कर दिया. लेकिन इतनी बड़ी जीत को भुलाकर सर्जिकल स्ट्राइक की राई को पहाड़ बनाकर तमाशा बनाया जा रहा है.
सेना ने Surgical strike 2 साल पहले किया. पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में. #ParaKramParv मन रहा राजस्थान में, जहाँ चुनाव होने हैं. सलामी और सुर्ख़ियाँ साहेब बटोर रहे हैं. सेना के पराक्रम को बेचकर वोट ख़रीदा जा रहा है मित्रों.
यूएन कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों पर रिपोर्ट जारी करे तो दुत्कार और युगपुरूष जी पर पुरस्कार बरसाए तो प्यार ? इतना दोगलापन कहाँ से लाते हो भाजपाईयों ?
मोदी जी ने गिने-चुने दो दर्जन मीडिया चैनलों की मॉनिटरिंग में 200 लोग लगा रखे हैं। बाक़ी 600 करोड़ आबादी की पर्सनल मॉनिटरिंग संभव नहीं है, इसलिए आपके गले में आधार की घंटी लटका दी गयी है। फ़िलहाल आपके फ़ोन में आधार नंबर चेंपने की टेस्टिंग भी चालू है।समाचार समाप्त हुए।
रेलवे ग्रुप डी और ग्रुप सी परीक्षा का online centre संघी मानसिकता के मोदी सरकार ने 1000-2000 KM दूर बनाया है
ताकि बिहार यूपी के गरीब गुरबो के बच्चे इतनी दूर पैसे के अभाव में न जा सके और वे बेरोजगार ही रहे
Online centre तो कही भी बन सकता है फिर मोहाली, बंग्लोर और चेन्नई क्यो?
साहेब सिर्फ़ विपक्षियों को कोस-कोस कर सत्ता हथियाने के लिए “किसान कल्याण रैली” के बहाने जितना पैसा बहा रहे हैं, उतने में लाखों किसानों का सचमुच कल्याण हो जाता। लेकिन मूर्ख मनोरोगी को कौन समझाए ? #BengalWithModi
अरे सस्ते व्यंग्यकार, तुम्हारा पिछला अन्नदाता सुब्रत राय और वर्तमान अन्नदाता विनीत जैन दोनों के पाप किसी से छिपे नहीं हैं। और तुम न कभी सहारा श्री से सवाल कर पाए न जैन से। रवीश के ख़िलाफ़ विषवमन हो गया हो तो कभी इतना ही बड़ा निबंध लिखकर अपने लंपट आकाओं का भी चरित्र-चित्रण करो। https://t.co/Jq7VPXrKxH
अगर वो ये सब सवाल पूछ पा रहे हैं तो पत्रकारिता पर संकट कैसे आ गया? अगर कोई मोदी को जान से मारने की धमकी दे तो क्या उससे लोकतंत्र खतरे में आ जाता है? नहीं आता, तो पत्रकार को मिली धमकी से कैसे आ गया? सवाल पूछते हुए खुद को पीड़ित बताते रहना ही Rubbish मीडिया का लक्षण है। https://t.co/wggQboIF18