“अब कलम रुकेगी… आवाज़ नहीं
“हक़ की आवाज़, लेखपालों के साथ ✊🏻”
“मांगें जायज़ हैं, संघर्ष जारी है।”
“लेखपाल एकता — संघर्ष की ताकत ✊🏻”
“कलम से सेवा की, अब कलम से अधिकार की बात ✍️”
“एकजुट लेखपाल, मजबूत आवाज़।”
“जब तक मांगों पर निर्णय नहीं, संघर्ष रहेगा जारी।”
आज पूरे प्रदेश में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर लेखपाल साथियों द्वारा अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता तहसीलों में जमा किया गया।
यह कदम किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि अतिरिक्त कार्यभार से जुड़ी समस्याओं के समाधान और संघ की लंबित मांगों के प्रति ध्यान आकर्षित करना।