महामहिम राष्ट्रपति जी,
अगर आपको मंदिरों में जाने से फुर्सत मिल गई हो तो आपके गृह राज्य ओड़िसा के इन आंदोलनकारी आदिवासियों से भी मिल लीजिए !
@rashtrapatibhvn
गुरुग्राम कब मोनूग्राम बन गया, कैसे बना , वहाँ के लोगों को मालूम था। मगर वे चुप रहे और शामिल रहे। मैंने गुरुग्राम के इंगलिश क्लास के लिए अंग्रेज़ी में ही एक गाना लिखा और ख़ुद गाया है । इस वीडियो को पूरा देखिए और गाना भी सुनिए। गाने का नाम है- मोनूनियम । प्लीज़ मोनूनियम को घर-घर में गाइये। बालकनी में आकर तो गाइये ही।
https://t.co/IUWX09kNfO
हिंदुस्तान में रहना है तो मोदी-योगी कहना है" ये कहते हुए आरपीएफ के जवान चेतन सिंह ने जयपुर-मुंबई ट्रेन में 4 लोगों की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मृतकों में 3 मुस्लिम और एक मीणा आदिवासी समुदाय का ASI टीकाराम मीणा शामिल है। यह दक्षिणपंथीयों द्वारा पोषित आतंकी हमला है। शर्मनाक।
Aaj jo bhi media busi hai na sab bik chuki hai sirf rravesh Kumar aur sanDilip Chaudhari kai alava hai lekin fir bhi Bhai bahan base Hain vah kab Tak basenge shukriya
दो-दो दिन तक भूखी रहने वाली बजरी की ख्वाहिशें आंखें नम कर देंगी...
देखिए देश के सबसे ग़रीब ज़िले अलीराजपुर से बीबीसी संवाददाता सलमान रावी की ये ग्राउंड रिपोर्ट...
BJP सांसद बृजभूषण सिंह का अहंकार देखिए।
एक महिला पत्रकार सवाल पूछ रही थी तो उसे डांटा और जब इससे भी मन नहीं भरा तो उसका माइक तोड़ दिया।
@narendramodi जी, अपने इस चहेते सांसद की करतूतों पर कब तक चुप रहेंगे?
यह देश कैसे चल रहा है, इस ख़बर को देखिए। इस वक्त जब चीन चीटीं के मट्टे की तरह सर पर लटका हुआ है, भारत की सेना में कैप्टन और मेजर की कमी हो गई है। गोदी मीडिया में तो यही छपता और दिखाया जाता रहता है कि सेना में निवेश हो रहा है। आधुनिक और ताकतवर बनाई जा रही है मगर यहाँ तो मोर्चे पर लड़ने वाले कैप्टन और मेजर की ही कमी हो गई है। इंडियन एक्सप्रेस की अमृता नायक दत्ता की रिपोर्ट है जो पहले पन्ने पर छपी है। सेना में अफ़सरों की कमी क्या इसलिए हो गई कि शरद पवार राहुल गांधी के साथ दिखे? गोदी मीडिया का क्या पता, ये तर्क इसमें भी ठेल देगा। जब तक मेजर और कैप्टन की बहाली नहीं होती सरकार एक काम करे। सीमा पर टीवी लगा दे, टीवी का मुँह दुश्मन देश की तरफ़ मोड़ दे और भौलूम तेज़ कर दे। हमारे गोदी एंकरों की दहाड़ सुनते ही दुश्मन की सेना ख़ुद को खदेड़ने लग जाएगी। हमें खदेड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
ED ने जितने नेताओं को जेल नहीं भेजा, उससे ज़्यादा बीजेपी में भेज दिया। ED का नाम BJP रख देना चाहिए। तब ख़बर ऐसे लिखी जाएगी, BJP ने अजित पवार पर केस किया, अजित पवार BJP में आ गए। उन्हें ED जाकर BJP में आने की ज़रूरत नहीं पड़ी। ED ही गारंटी है। ED ही वारंटी है। ED ही अंकल है। ED ही आंटी है। अगर ED का नाम BJP नहीं हो सकता तो BJP का नाम ED कर देना चाहिए। यह मेरा फ़ार्मूला नहीं है। उस जर्मन प्रोफ़ेसर का है जिसने योगी जी को फ़्रांस भेजने की माँग की थी। खुद फ़रीदाबाद में जा छिप गया है या फ़िरोज़ाबाद में, आप पता लगाते रहें । ED भी एक तरह से जर्मन प्रोफ़ेसर की तरह लगती है, जिसका असली नाम BJP है। उस प्रोफ़ेसर का असली नाम क्या था?