राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे द्वारा संघ के पंजीकृत होने की मांग उठाए जाने को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यह पॉलिटिक्स है। सरकार जानती है संघ क्या है। उन्होंने केरल में यह भी कहा कि हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं है।
त्रिशूर में ��ोहन भागवत ने कांग्रेस की इस मांग पर कि आरएसएस को एक संगठन के तौर पर रजिस्टर होना चाहिए पर कहा कि यह कदम राजनीतिक है। इसका मकसद लोगों के मन में शक पैदा करना है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कई चीजें रजिस्टर्ड नहीं हैं। यहां तक कि हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्हें सरकार से फंड चाहिए होता है, वे रजिस्टर होते हैं। दरअसल, कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की सरकार में गृह मंत्री बनने के बाद प्रियांक खरगे ने कहा था कि आरएसएस को भी कागज दिखाने पड़ेंगे। उन्होंने संघ प्रमुख को पत्र लिखकर जानकारी देने को कहा है।
इस पत्र में खरगे ने आठ सवाल पूछे हैं। खरगे ने यह भी कहा है कि संघ जो नैतिकता और कर्तव्य की बात करता है। वह 100 वर्ष पूरे होने पर जरूर खुद को पंजीकृत कराएगा। इतना ही नहीं नियमों और संविधान का पालन करेगा। खरगे ने फंडिंग के स्रोतों का भी जिक्�� किया है।
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ભારતીય બંધારણના ઘડવૈયા, સામાજિક સમરસતાના સૂત્રધાર, ભારત રત્ન ડૉ. બાબાસાહેબ આંબેડકરજીની જન્મજયંતીએ ભાવપૂર્ણ વંદન.
ન્યાય, સમાનતા અને બંધુતાના મૂલ્યો દ્વારા તેમણે આધુનિક ભારતના નિર્માણનો જે મજબૂત પાયો નાખ્યો છે, તે આપણી લોકશાહીનો પ્રાણ છે.
વંચિતોના ઉત્થાનથી લઈને મહિલા સશક્તિકરણ સુધીના તેમના વિચારો આજે પણ પ્રત્યેક ભારતવાસી માટે પ્રેરણાનો અખૂટ સ્રોત છે.
રાષ્ટ્રનિર્���ાણમાં તેમના અતુલ્ય યોગદાનને દેશવાસીઓ સદૈવ યાદ રાખશે.