अपनी बेटियों को कटोरे में नमक
और काली मिर्च डालकर खिलाना पड़े खिला दो।
उन्हें रोटी को पानी में
भिगोकर खिलाना पड़े, खिला दो।
लेकिन उनसे इन ज़!लिमों के घर काम मत करवाओ।
क्योंकि तुम्हारी बेटी बस तुम्हारे लिए ही बेटी है।
इन ज़!लिमों के लिए वो ज!नवरों से बदतर है।
Sometimes, we mistake someone’s helplessness for arrogance without even knowing their story.
Not every silence is attitude, not every distance is ego, and not every refusal comes from pride.
Sometimes, people are simply fighting battles they cannot explain to the world.
Before judging someone, try to understand their circumstances. A little empathy can prevent a lot of misunderstandings. ❤️
How broken must a man be when ending his life feels easier than living another day under mental and financial pressure?
Sambhav Jain’s story reflects the silent suffering of countless men trapped between debt, a broken marriage, legal battles and financial pressure.
A man’s silence does not mean he isn’t suffering.
Sometimes, his silence is his final scream.
#MensRights #JusticeForMen #ShoneeKapoor
मन्दिर दुर्गवारे और दूसरी जगहो से जब मदद नही मिली तो हिंदू बहन ने लोगो के लाख मना करने के बाद
बच्ची को लेकर मस्जिद पहुंची हैरान रहगई जिसे गोदी मीडिया और कुछ नफरती लोग इतना गलत बताते है वही मुस्लिम ने इतना दिया पैसा रखने का जगह नही बचा
कोई मीडिया दिखाएगा हमे और आप को दिखाना होगा
🙏 विसर्जनानंतर बाप्पाचं पुढे काय होतं?
मुंबईत POP गणेशमूर्तींच्या विसर्जनानंतर उरलेल्या अवशेषांनाही
आता नवा अर्थ मिळतोय! 🌱
पर्यावरण कार्यकर्ते मल्हार कळंबे (Beach Please India) आणि
रिसायकलिंग तज्ज्ञ डॉ. बिनिश देसाई यांच्या पुढाकारातून Project
HARMONY अंतर्गत ‘Murticycle’ तंत्रज्ञानाच्या मदतीने या
अवशेषांचा पुनर्वापर करून विद्यार्थ्यांसाठी मजबूत Study Tables
तयार केल्या जात आहेत. 📚
म्हणजेच—
कालचा बाप्पा आज विद्यार्थ्यांच्या शिक्षणाला आधार देतोय! ❤️🙏
श्रद्धा जपताना पर्यावरणाचं भान आणि त्यातून शिक्षणाला हातभार—
यापेक्षा सुंदर पुनर्वापर कोणता?
#GanpatiBappaMorya #Recycling #Environment #Mumbai #StudyTable
धर्म की चाशनी में डूबे अंधे लोगों की आँखें शायद इसे देखने के बाद खुल जाएं।
दिल्ली AIIMS में एक हिंदू मां अपनी बच्ची के इलाज के लिए आती है तो पता चलता है कि उसे एक जेनेटिक Deadly डिसऑर्डर है।
उसके इलाज में जो इंजेक्शन लगेगा उसकी कीमत 9 करोड़ रुपए है वो मां अपनी बच्ची को सीने से चिपकाए हुए आती है और एक ऑटो में बैठकर रोने लगती है।
वहां पर कुछ मुस्लिम युवक उन्हें रोता देखते हैं तो उनसे कारण पूछते हैं जब उन्हें पता चलती है तो
वो लड़के वहां से पीछे नहीं हटते बल्कि उस मां की मदद के लिए सोचते हैं और अगले ही दिन Jama Masjid में जुमे की नमाज थी तो
वो दोनों लड़के वहां खड़े हो जाते हैं और लोगों से मदद की गुहार लगाते हैं। लोगों ने बिना जाति धर्म देखे खूब मदद की और देखते ही देखते ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
अब ऐसे ही मदद करते कुल 6 करोड़ रुपए इक्कठा हो चुके हैं बाकी जो पैसे बचे हैं उन्हें इक्कठा करने में समय नहीं लगेगा क्योंकि लोग ऑनलाइन भी मदद कर रहे हैं।
इसमें न किसी ने जाति देखी और न ही धर्म सिर्फ कुछ देखी गई है तो वो इंसानियत।❤️🔥
थू है ऐसी औलादों पर 😡
अगर औलाद ऐसी हो तो उससे अच्छा है न हो।
मां को मुखाग्नि देने से 4 बेटों का इनकार... और मौत के 3 दिन बाद भी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे।
मां ने पूरी ज़िंदगी बच्चों के लिए खपा दी, लेकिन आख़िरी सफर में ही बच्चे साथ न हों — इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा?
मेरे मरने के बाद मेरे शरीर को आग देने तुम ही आना बेटा 😭
मेरा बेटा मेरा बेटा कहकर बुजुर्ग माता जी ने युवक को अपने सीने से लगा लिया
बेटा मैं तुम्हारे बिना रह नहीं पाऊंगी मेरा बेटा मेरा लाल कितनी अच्छी तरह से अपने पास रखा मुझे
बुजुर्ग माता जी खो गई थी उनकी बेटी उन्हें ढाई साल से ढूंढ रही थी वीडियो देखकर बेटी अपनी मां को लेने पहुंची थी
बेटी मां को देखते ही लिपटकर रोने लगी
माता जी ने कहा कि इस बेटे ने ढाई साल मुझे फूल की तरह अपने साथ रखा मेरी बहुत सेवा की है
युवक बोला माता जी आप अपनी बेटी के साथ अपने घर जाओ माता जी बोली बेटा मुझसे मिलने आते रहना
युवक बोला हां मां मैं आपसे मिलने आता रखूंगा
माता जी बोली बेटा मेरे मरने के बाद मेरे शरीर को आग तुम ही देना 😭
मुंबई की अनमता अहमद का हाथ करंट लगने से कट गया था,
2024 में गुजरात की 9 साल की रिया मिस्री ब्रेन डेड हो गईं,
रिया के परिवार ने अंगदान किया,
रिया का हाथ अनमता अहमद को ट्रांसप्लांट हुआ,
और तभी से हर साल रक्षाबंधन पर अनमता अहमद रिया के भाई शिवम को रिया के उसी हाथ से राखी बांधती हैं,
यही तो हिंदुस्तान है
जहां धर्म दीवार नहीं बनता बल्कि पुल बन जाता है,
जहां इंसानियत खून से ऊपर है और मोहब्बत मज़हब से बड़ी,
और इसी खूबसूरती को हिंदुस्तान कहा जाता है,
हैप्पी रक्षाबंधन 🎉🎉🎉
नेपाल की 9वीं कक्षा की छात्रा अस्मिता
तामांग है।
माँ का निधन हो जाता है और पिता की काम पर जाने की मजबूरी की वजह से
घर में डेढ़ साल के छोटे भाई की देखभाल करने वाला कोई नहीं था,
इसीलिए बच्ची ने पढ़ाई न छोड़कर अपने भाई को साथ रखने का साहसिक फैसला लिया।
कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठाना यह संदेश देता है कि
कठिन से कठिन समय में भी उम्मीद और कर्तव्य का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।
सुरक्षित समाज केवल कानूनों से नहीं,
बल्कि अच्छे संस्कारों, सम्मान और
जिम्मेदारी की भावना से बनता है। 🚩
जब सोच में मर्यादा होती है,
तो व्यवहार में सुरक्षा और समाज
में विश्वास बढ़ता है।
संस्कार ही वह नींव हैं,
जो एक सभ्य और सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
#Motivation #PositiveThoughts
इन बच्चों की पूरी दुनिया उजड़ गई… इससे बड़ा दुख और क्या होगा, जब बच्चों के सिर से मां बाप दोनों का साया ही उठ जाए।😢
सरस्वती देवी अपने बीमार बच्चों बेटी आरती और बेटे अमित का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ,
बताया जा रहा बच्चों के पिता पहले ही परिवार को छोड़ चुके थे ,मां की मौत के बाद दोनों मासूम घंटों तक अस्पताल में अपनी मां के शव के पास भूखे-प्यासे बैठे रोते रहे ,
उन्हें यह भी नहीं पता था कि मां जिंदा है भी या नहीं, अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है ,
वीडियो देखने के बाद लोग भावुक हो रहे हैं।