हिंदू नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या। बार-बार सुरक्षा मांगी थी।
BJP राज में हिंदूवादी आवाज़ों को खुलेआम खत्म किया जा रहा।
हिंदुत्व सिर्फ भाषण में है, धरातल पर हिंदुओं के खिलाफ काम।
`#हिन्दुत्व_के_नाम_पर_राजनीति`
@YssSpeaks करणी सेना के सुखदेव गोगामेड़ी, महिपाल मकराना समेत 15-20 हिंदू कार्यकर्ताओं की हत्या।
BJP सरकार हिंदू संगठन के लोगों की सुरक्षा नहीं कर पाई।
कहने को हिंदुत्व की सरकार, पर हिंदू कार्यकर्ता ही टारगेट।
`#हिन्दुत्व_के_नाम_पर_राजनीति`
Since 2008, a calculated game has unfolded—saints, reformers, and independent Hindu voices systematically targeted, silenced, or sidelined. Sant Shri Asharamji Bapu, despite immense public support, was imprisoned under disputed circumstances. Ashok Singhal’s mysterious death, Kamlesh Tiwari’s murder, Praveen Togadia’s marginalization, and the silencing of Ramdev Baba all point to a deliberate pattern.
The method is chillingly consistent: infiltrate organizations, win trust, then trap or eliminate their leaders. What was once dismissed as “someone else’s problem” has now reached every Hindu institution. When a saint with 10 crore followers can be branded and jailed, no organization is beyond reach.
Today, RSS, VHP, Bajrang Dal, and others appear less as independent dharmic voices and more as extensions of party interests. Hindutva, once a movement of faith and resistance, is being reduced to a political mask. Leaders who once spoke boldly now remain silent, fearing the same fate.
#हिन्दुत्व_के_नाम_पर_राजनीति
भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी पहचान है। यदि हम अपनी जड़ों को सुरक्षित रखेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ भी इन मूल्यों से जुड़ पाएँगी। मोटेरा आश्रम जैसी धरोहरों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। #SaveAshram इस संदेश को आगे बढ़ाता है। Youth Empowerment
@YssSpeaks आने वाली पीढ़ियों तक संस्कृति और जीवन मूल्यों को पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। युवा सेवा संघ और मोटेरा आश्रम समाजसेवा व सांस्कृतिक संरक्षण के प्रेरक केंद्र हैं। इस विषय पर खुलकर चर्चा करें। Youth Empowerment #SaveAshram
If the younger generation does not understand its culture, traditions, and life values, the roots of society will inevitably weaken. Inspired by Sant Shri Asharamji Bapu, the Yuva Sewa Sangh has emerged as a powerful force for Youth Empowerment, carrying forward diverse seva initiatives across the nation. From de‑addiction campaigns to environmental drives, from Matru‑Pitru Pujan to Gau Sewa, these youth movements are shaping a future grounded in values and service.
The Motera Ashram stands at the heart of this transformation. It is not merely a place of worship—it is a hub of Samaj Utthan, nurturing discipline, spirituality, and cultural preservation. Through Bal Sanskar Kendras, Gurukuls, and meditation camps, the Ashram continues to inspire generations to live with dignity and devotion.
To weaken such an institution is to weaken the very foundation of cultural continuity. #SaveAshram
तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
स्टेडियम ईंट-पत्थर से बन जाएगा।
पर बाल संस्कार केंद्र, गुरुकुल और सेवा का केंद्र दोबारा नहीं बनेगा।
मोटेरा आश्रम को मत तोड़ो। खिलाड़ियों को सम्मान दो।
यही असली Mission 2036 है। #ProtectAshram
@SunilGu97486504 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की तैयारियों के बीच संत श्री आशारामजी आश्रम की भूमि का विवाद सामने आया है। विकास ऐसा हो जो समाज की आस्था और सेवा कार्यों को ठेस न पहुँचाए। #ProtectAshram
@bajaj2107 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
देश के लिए खेलने वाले भूखे और देश की सेवा करने वाला आश्रम खतरे में?
2036 ओलंपिक के लिए विकल्प बहुत हैं, पर मोटेरा आश्रम जैसा एक भी नहीं।
विरासत बचाओ, खिलाड़ी बचाओ। #ProtectAshram
@MereMalik1 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
कमल, दीपक, दिनेश... पदक लाए, नाम किया, पर आज भी भूखे।
अगर खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते तो 2036 के नाम पर अहमदाबाद का मोटेरा आश्रम क्यों तोड़ रहे हो?
वहाँ से हजारों बाल संस्कार केंद्र और सेवा चलती हैं।
#ProtectAshram
@nirmal26182697 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
@nirmal26182697 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
@RvRv334672 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
सीधा साहू, पुष्पा मीणा पदक के बाद संघर्ष। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
@nirmal26182697 तेजस्विन, पुष्पा, यमुना - सब पदक के बाद उपेक्षित। अगर ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान नहीं कर सकते, तो 2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम जहाँ से मानवता के लिए हजारों सेवाएँ चलती है, उसे तोड़ना कितना उचित है? #ProtectAshram
जब तक हमारे खिलाड़ी पदक के बाद भी संघर्ष करें, तब तक ओलंपिक की मेजबानी अधूरी है।
और जब तक मोटेरा आश्रम जैसी सेवा संस्थाएं सुरक्षित नहीं, तब तक विकास अधूरा है।
दोनों को बचाना होगा। #ProtectAshram