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#savas#Khamenei#Iran
@_Sweet_Parul_ रोबोट तो ठीक है,
लेकिन coding देखकर लग रहा है developer ने ‘सोच’ वाली file ही delete कर दी 😏
भाई update डालो ज़रा…
ये version तो सीधा ‘confusion 1.0’ चल रहा है 🤪🔥
अगर यह खबर सच है तो आमीन।
जिसने मासूम फ़िलिस्तीनी बच्चों पर ज़ुल्म करने की खुली छूट दी, उसका अंजाम यही होना चाहिए।
या अल्लाह! उन मासूमों पर हुए हर ज़ुल्म का इंसाफ़ हो और ज़ालिमों को उनके किए की सज़ा मिले। 🤲💔
ईरान ने यरूशलम निवासी इजरायली मेजर जनरल यिफात तोमे की हत्या कर दी है,
जिसने सैनिकों को फिलिस्तीनी बच्चों के साथ बलात्कार करने की अनुमति दी थी.!
#israelterroritstate
कमाल है…
ईरान में जो बच्चियाँ मारी गईं, उनके ज़ुल्म को कुछ लोग आज भी जस्टिफ़ाई करते फिरते हैं… और फिर वही लोग इबादत का ढोंग भी दिखाते हैं।
याद रखो, झूठ और ज़ुल्म को सही ठहराकर इबादत का दिखावा करने से सच नहीं बदलता। 😏
आज शब-ए-क़द्र है.. इस्लाम की सबसे मुक़द्दस रातों में से एक।
कहते हैं कि इसी रात पहली बार क़ुरआन नाज़िल हुआ और इसी रात की इबादत हज़ार महीनों से बेहतर मानी गई है।
मुसलमान इस रात अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और दुआ करते हैं.. अपने लिए, अपने परिवार के लिए और पूरी इंसानियत के लिए।
आज जब दुआ के लिए हाथ उठे तो वतन की तरक़्क़ी और बेहतरी ज़ेहन में रहे… 🤲🏻
@KarishmaAziz_ ईरान में बच्चियों की मौत को कुछ लोग बड़े आराम से जस्टिफ़ाई भी कर देते हैं,
और फिर कैमरा ऑन होते ही इबादत का फोटोशूट भी शुरू हो जाता है।
याद रखिए, झूठ और ज़ुल्म को ढककर की गई इबादत से न सच बदलता है, न हिसाब बचता है। 😏
@middle_East_up अगर यह खबर सच है तो आमीन।
जिसने मासूम फ़िलिस्तीनी बच्चों पर ज़ुल्म की खुली छूट दी, उसका अंजाम यही होना था।
या अल्लाह! उन मासूमों के हर आँसू और दर्द का इंसाफ़ फरमा, ज़ालिमों को उनके किए की सज़ा दे और मज़लूमों को सब्र और राहत अता कर। 🤲💔
मोहब्बत की कहानी को भी कुछ लोग ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे कोई बहुत बड़ा अपराध हो गया हो।
अरे भाई, मोहब्बत है… इसमें लोग मंदिर भी जाते हैं, मस्जिद भी — क्योंकि प्यार जात-धर्म देखकर नहीं होता।
लेकिन कुछ अंधभक्तों को हर जगह साजिश ही दिखती है।
किसी की मोहब्बत से इतनी जलन क्यों हो रही है?
सच तो यह है कि
दूसरों की मोहब्बत देखकर अंधभक्तों के दिल में ही सबसे ज़्यादा आग लगती है। 🔥😏
यूपी के Aligarh का मामला बड़ा दिलचस्प निकला… 😏
होटल के कमरा नंबर 302 में मैडम अपने बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ी गईं।
मजेदार बात ये कि करीब साढ़े 3 साल पहले इन्होंने लव मैरिज की थी… और उसी पति पर दहेज एक्ट का केस भी ठोक रखा है!
वाह मैडम!
इश्क़ किसी और से, केस किसी और पर…
आजकल कुछ लोग प्यार भी करते हैं और कानून को भी वेब सीरीज़ की स्क्रिप्ट समझ लेते हैं।
ये ग़ज़ा की तस्वीर नहीं है… ये अफ़ग़ानिस्तान है।
यहाँ किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि एक मुस्लिम मुल्क ने दूसरे मुस्लिम मुल्क पर हमला किया है।
काबुल में नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमले में सैकड़ों लोग मारे गए… बेगुनाह जानें चली गईं।
सोचने की बात है — जब मुसलमान ही मुसलमान से लड़ रहा हो, तो उम्मत की हालत कैसी होगी। 💔
#Pakistan #Afghanistan
सबसे बड़ा सवाल कानून-प्रशासन से है —
क्या ऐसे लोगों को खुली छूट दी जा रही है? कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
अगर अभी भी सख्ती नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि नफरत फैलाने वालों को संरक्षण मिल रहा है।
कानून सबके लिए बराबर है — वरना हालात बिगड़ने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की होगी। ⚖️ @DelhiPolice
रमज़ान में रोज़ा खोलते हुए लोगों पर हमला करना इंसानियत और क़ानून दोनों के खिलाफ है।
सरकार की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को सुरक्षा दे — चाहे वह किसी भी धर्म का हो।
जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, वरना कानून पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।
नफरत फैलाने वाले गुंडों पर लगाम लगाना ही असली शासन की पहचान है।
@Saharshaikfans आमीन… 🤲💔
अल्लाह मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में जगह अता करे।
बहुत भारी इम्तिहान है कि बेटा सलाखों के पीछे हो और बाप दुनिया से रुख़्सत हो जाए…
या अल्लाह! शाहरुख भाई और उनके पूरे घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन। 🤲
इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन… 💔
एक्टिविस्ट शाहरुख पठान के वालिद का इंतकाल हो गया।
बाप का साया उठ जाना ज़िंदगी के सबसे भारी ग़मों में से एक होता है… अल्लाह मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे।
अल्लाह शाहरुख पठान और उनके पूरे परिवार को सब्र-ए-जमील दे।
आमीन। 🤲
@Cibnewzz लगता है देश में ‘विकास’ इतना तेज़ हुआ है कि
पहले सांस महंगी थी… अब रोटी भी महंगी हो गई है।
नाम रखा है अमृतकाल,
लेकिन जनता पूछ रही है —
ये अमृत है या खुली लूटमार?” 🤡*
कुछ नफ़रतियों को ये मंजर ज़रूर चुभेगा 🤡
“नफ़रतों की आग लगाने वाले जलते ही रह गए,
मोहब्बत का रोज़ा था—इंसानियत से खुल गया।
एक हिंदू बेटी ने अपने मुस्लिम दोस्त को इफ़्तार कराया,
और अनभक्तों का सारा ज़हर उसी पल धुल गया।” ❤️🤝🌙