बांदा उत्तर प्रदेश में सवर्णों का विरोध प्रदर्शन
भीजपा वाले अरे कोई विरोध नहीं हम लोग चुनाव जीत रहे 😂
लगे रहना IT CELL वालों ऐसे ही
बस ध्यान रखना तुम्हारे खोपड़ी जहां से सोचना बंद करेगी वहाँ से GC सोचना शुरू करेगा
सवर्णों का 85 - 90% वोट मिलता है न
सवर्णों के पास क्या विकल्प है
बस इस वोट % में से 10% वोट silent होने दो 😂😂
जब दारा सिंह जी जेल में थे, तब उनके समर्थन में धरने पर बैठने वाले आज मुख्यमंत्री हैं। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे दारा सिंह जी को न्याय नहीं दिला पाए। सत्ता में आते ही भूमिका बदल गई, यही है किस्सा कुर्सी का।
आप यही मुजफ्फरनगर में जाओ, वहां ठाकुर और ब्राह्मण की हालत एससी से भी खराब है।आप जाओ गाँव का सर्व करके आओ।
आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए।
राकेश टिकैत
विपक्षी पार्टी हमसे पहले ही दल-बल के साथ कोर्ट में आकर कह रही है की स्वतंत्र भारद्वाज को बेल मत दो।
इससे बड़ा संविधान का मज़ाक नहीं हो सकता।
~ स्वतंत्र के वकील, एडवोकेट उमेश शर्मा
यदि किसी ने बिनोद साहनी की हत्या इस फेसबुक पोस्ट के लिए कर दी तो यह अलार्मिंग बेल होनी चाहिए उन सारे अंबेडकरवादियों के लिए जो इससे भी घटिया लिखते रहते हैं। इसी जातिवाद और हिन्दूघृणा की अग्नि में मोदी के तुष्टिकरण की नीति ने हमें ला खड़ा कर दिया है।
जब किसी भी बात की अति हो जाती है तो समाज इसी तरह की अवैध प्रतिक्रिया देने लगता है। यह हत्या महीं होती यदि पुलिस लगातार ऐसे पोस्ट करने वालों पर ईशनिंदा कानून या अन्य कानूनों के माध्यम से कार्रवाई करती रहती। ऐसे कितने नवबौद्ध हर घंटे देवी-देवताओं को ले कर लिखते रहते हैं।
हाल ही में एक जाटव को इसलिए गोली मारी गई क्योंकि वो किसी जाट को ‘मोदी एक्ट’ में फँसाने की धमकी दे रहा था।
बिहार में पिछले 15 वर्षों तक एक कुशवाहा ही राजा था, अब भी एक कुशवाहा ही राजा है। इसके बावजूद कुशवाहा पिछड़े हैं, उन पर अत्याचार हो रहा है। बेचारे ब्राह्मणों, भूमिहारों और ठाकुरों को गाली दे सकते हैं, लेकिन फिर भी माना यही जाएगा कि ब्राह्मण, ठाकुर और भूमिहार कुशवाहा जी का शोषण कर रहे हैं😏
क्या @samrat4bjp कुशवाहा जी, अपना भाई है तो ये हगता रहेगा और आपकी @bihar_police देखती रहेगी? ऐसे ही बिनोद साहनी गोंडा में ब्राह्मणों और राजपूतों को रोज गरियाता था, कल उसकी हत्या कर दी गई।
इस जातिवादी उन्माद को रोकिए। बिहार फिर से नब्बे के दशक में पहुँचता दिख रहा है।
इतिहास के पन्नों में सबकुछ on Record है, लेकिन हिन्दू समझने को तैयार नहीं है । 🤷🤷
Convent School में पढने वाला भारत का हिन्दू आज मानसिक रूप से विकलांग हो चुका है ।
"लॉर्ड मैकाले" यही तो चाहता था । 🤷🤷
"लॉर्ड मैकाले" ने अपने देश की संसद में बोला था, यदि भारत पर लम्बे समय तक शासन करना है तो,
हिन्दूओं को उत्कृष्ट जीवन शैली सिखाने वाले, ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करना होगा।
उनके सबसे Powerfull Instutions "गुरुकुल" प्रणाली को समाप्त करना होगा । 💥💥
"अंग्रेज़ों ने वही किया"
देश का पहला Convent School बंगाल के अन्दर खोला गया ।
शर्त यह थी कि जो भी भारतीय इस Convent School से पढकर आयेगा, उसे British Government में सरकारी नौकरी दी जायेगी ।
हम ठहरे स्वार्थी और लालची हिन्दू,
"सरकारी नौकरी के लिए तो अपने बाप को भी घर से बाहर कर दें"। 🙋
अंग्रेज़ों ने हमारी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त की,
अंग्रेज़ों के जाने के बाद म्लेच्छ जिहादियों और वामपंथियों ने हमारी गौरवशाली History ध्वस्त की ।
स्वतंत्र भारत 🇮🇳 में लगातार एक के बाद एक 6 मुस्लिम शिक्षामंत्री बने, उनमें से कुछ तो ऐसे थे जो कभी स्कूल ही नहीं गये अर्थात बिल्कुल अनपढ़ ।
उन्हीं जाहिल अनपढों ने अकबर, बाबर, औरंगजेब, खिलजी, तुगलक, चंगेज खान, तैमूर लंग, टीपू जैसे क्रूर और अत्याचारी मुगलों को महान बना दिया । 😥😥
छत्तीसगढ़ में एक छात्रा दीप माला गुरली को ग्रेजुएशन की परीक्षा में नकल करते प्रोफेसर मृगेंद्र कुमार यादव ने चिट के साथ पकड़ा
छात्रा दीप माला गुरली ने नकल करते हुए पकड़ने वाले प्रोफेसर मृगेंद्र कुमार यादव पर एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर दिया
उसके बाद प्रोफेसर मृगेंद्र कुमार यादव हाई कोर्ट में गए और हाईकोर्ट ने न सिर्फ प्रोफेसर मृरेंद्र कुमार यादव पर से एससी एसटी एक्ट हटाने का आदेश दिया बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को यह कहा इस तरह के मामले में केस दर्ज होने में पूरी तरह से जांच करनी जरूरी है
चंद्रशेखर रावण मेरे सामने कुछ भी नहीं मुझे उसके सहारे की कोई जरूरत नहीं वो गली का नेता एक्सीडेंटल लीडर गलती से सांसद बना अगली बार वो भी नहीं बनेगा
UN की चौखट पर वो नहीं यह बेटी तीन बार वाल्मीकि समाज से स्पीच देकर आई उसका कंपैरिजन मुझसे नहीं हो सकता
रोहिणी ने चंदू के धागे खोले
उत्तर प्रदेश के बागपत में सद्दाम नाम के मजहबी ने दलित हिंदू की बर्बरता से हत्या कर दी है | यह दलित परिवार पहले चंद्र शेखर आजाद का समर्थक था और चंद्र शेखर पर गर्व करता था |
लेकिन इनके लड़के की हत्या के बाद चंद्र शेखर रावण की चुप्पी ने इनकी आंखों से पर्दा हटा दिया है | अब परिवार खुल कर कह रहा है कि अगर मारने वाला कली हिंदू होता तो रावण भाग कर आता |
लेकिन मारने वाला मजहबी सद्दाम है इसलिए ना रावण आया ना ही उसकी टीम का कोई कबूतर | हिंदुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले को इतना उठा देना जितना अंकित बालियान शामली का उठाया था |
पत्रकार - आप दलित हो आपके हाथ में ॐ लिखा है और हाथ में कलावा है।
पीड़ित परिवार - हम हिंदू है, मुस्लिम थोड़ी ना है। हिन्दुओं में तो कलवा पहनते है।
पत्रकार - आपके भाई की हत्या हो गई चंद्रशेखर रावण क्यों नहीं आया ?
पीड़ित परिवार - चूंकि आरोपी मुस्लिम है ।
पत्रकार - अगर आरोपी मुस्लिम नहीं होते तो?
पीड़ित परिवार - चंद्रशेखर 100% आता
पत्रकार - अब किस पर भरोसा है?
पीड़ित परिवार - अब केवल योगी आदित्यनाथ जी पर भरोसा है।
सुना है रोहिणी घावरी के बाहर आने के बाद एक नेता जी डिप्रेशन में हैं, क्योंकि नेता जी के ऊपर FIR होने वाली है।
वैसे नेता जी एक लड़की को न्याय दिलाने लिए पैदल थाने पहुंच सकते हैं तो इस बार नेता जी को एक लड़की के आरोपों पर सांसदी से इस्तीफा देकर अपनी बेगुनाही का सबूत जनता के सामने पेश करना चाहिए।
वैसे इस बार @DrRohinighavari के साथ पूरा सामान्य वर्ग तन मन धन से है, जहां जैसी जरुरत पड़ेगी हम सब लोग साथ हैं और बहन को न्याय दिलाकर रहेंगे।
इसी पवित्र हरमिंदर साहिब में कई बार हिन्दू परिवारों को निहंगों ने पीटा है सेल्फी लेने और फोटोग्राफी करने पर,
अब वहीं, उसी जगह पर पूरी मज़हबी भीड़ बना रही है रील और खिंचवा रही हर पोज में फोटो,
फिलहाल इस भीड़ के आगे कहीं नहीं दिख रहे सिख पंथ के वो तथाकथित रक्षक,
उठ रहे सवाल- वो अपने धर्म की रक्षा थी या बस हिंदू के विरुद्ध आयातित नफरत.
#Sikh #Muslim @SGPCAmritsar