चुनाव से पहले और रैली में हिन्दुत्व की बात करने वाली पार्टी, बंगाल में हिन्दुओं की एकता का उत्सव थमने से पूर्व ही जाति-जाति-जाति चिल्ला रही है।
लोग लिख रहे हैं कि मंडल ये सब कर रहा है, पर यह तो भाजपा के अपने हैंडल से हो रहा है। मंडल तो इसमें ब्राह्मणों-कायस्थों को मुल्लों के समकक्ष रख रहा है। वो तो पार्टी का ही अजेंडा चला रहा है।
लेकिन मजाल है कि कोई फट्टू, low IQ आइटीसेलिया एक भी शब्द बोले! न! वो तो उल्टे पार्टी की जातिवादी घृणित राजनीति के समीकरण शेयर कर रहे हैं।
कितनी विचित्र बात है कि हर बार आप इसलिए न्यायोचित कार्य नहीं करते क्योंकि ‘अरे, वो तो चाहते हैं कि दंगे हो जाएँ’ का कुतर्क आ जाता है।
साठ दिन तक CAPF को क्यों रुकने बोला गया था? इसी दिन के लिए न? ठीक है कि रैंडम हिंसा को नहीं रोक सकते, पर पुलिस और सुरक्षा बल पुराने अपराधियों को क्यों नहीं रोक पा रही?
ये चूरन मत दो कि ‘वो दंगा कर देंगे’। यही बता कर बार-बार हिन्दुओं की स्टेट-स्पॉन्सर्ड हत्याएँ होती रही हैं।
जब कानून को ही अपराधियों का भय सताने लगे, तो प्रतीक्षा कोई योजना नहीं होती, उसे कायरता कहते हैं।
आगरा: परशुराम चौक पर चढ़कर भीम आर्मी ने मचाया उत्पात, उतारे धार्मिक झंडे, ब्राह्मण समाज में उबाल
ताजनगरी आगरा में जातीय तनाव भड़काने की बड़ी कोशिश सामने आई है. सिकंदरा क्षेत्र में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने परशुराम चौक पर उत्पात मचाया और धार्मिक झंडे की जगह अपने संगठन के झंडे लगा दिए. इस घटना के बाद से ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश है.
पूरी खबर : https://t.co/arlx0aflVo
#Agra #BhimArmy #UttarPradesh
भारत ने 10 मार्च 2026 से अपने पड़ोसी देश Bangladesh को डीज़ल की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य वहाँ चल रहे गंभीर ईंधन संकट से निपटने में मदद करना है। यह संकट वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता और Strait of Hormuz के आसपास मध्य-पूर्व के संघर्ष के कारण पैदा हुआ है।
डीज़ल आपूर्ति के मुख्य बिंदु
1. पहली खेप (Shipment)
भारत ने लगभग 5,000 टन डीज़ल की पहली खेप भेजी है।
यह डीज़ल सीमा पार पाइपलाइन के माध्यम से भेजा गया।
2. समझौता (Agreement)
यह एक 15 साल का दीर्घकालीन समझौता है।
इसके तहत भारत हर साल लगभग 1,80,000 टन डीज़ल बांग्लादेश को देगा।
3. लक्ष्य (Target)
बांग्लादेश अगले 6 महीनों में कम से कम 90,000 टन डीज़ल आयात करना चाहता है ताकि उसके ऊर्जा भंडार स्थिर हो सकें।
4. लागत (Cost)
हर साल 1,80,000 टन डीज़ल की कीमत लगभग 119.13 मिलियन डॉलर (करीब ₹1000 करोड़ से ज्यादा) है।
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डीज़ल कैसे भेजा जा रहा है?
पाइपलाइन का नाम:
India–Bangladesh Friendship Pipeline
लंबाई:
यह लगभग 131.5 किमी लंबी पाइपलाइन है।
मार्ग:
भारत के Siliguri (West Bengal) से शुरू होकर
बांग्लादेश के Parbatipur डिपो तक जाती है।
डीज़ल का स्रोत:
डीज़ल Numaligarh Refinery Limited (असम) से आता है।
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भारत डीज़ल क्यों भेज रहा है?
1. ऊर्जा संकट
बांग्लादेश इस समय तेल और LNG की वैश्विक आपूर्ति में बाधा के कारण ऊर्जा संकट झेल रहा है।
2. “Neighbourhood First” नीति
भारत की विदेश नीति के तहत प्रधानमंत्री Narendra Modi पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर देते हैं।
3. पाइपलाइन के फायदे
पाइपलाइन से ईंधन भेजना
तेज़
सस्ता
पर्यावरण के लिए बेहतर
है।
पहले यह डीज़ल 512 किमी लंबी रेल लाइन से भेजा जाता था, जो ज्यादा समय और खर्च लेती थी।
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✅ सरल शब्दों में:
भारत बांग्लादेश की मदद के लिए पाइपलाइन के जरिए डीज़ल भेज रहा है ताकि वहाँ का ऊर्जा संकट कम हो सके और दोनों देशों के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग भी मजबूत हो।
उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती जहां 'पंडितों'(ब्राह्मणों) के अपमान और उनके खिलाफ चल रहे देश व्यापी अभियान के विरुद्ध खुलकर बोल रही है, वहीं 'पसमांदा सुल्तान' की पार्टी UGC कानून लागू कर ब्राह्मणों (एवं अन्य सभी सामान्य जाति) से 'हिसाब चुकाता' करने की ओर आगे बढ़ रही है।
फिर भी भाजपाई गुलाम ब्राह्मण भाजपा की दरी बिछाने को अपना सौभाग्य समझते हैं! एक पार्टी की गुलामी की इन्हें ऐसी आदत लगी है कि इनके लिए आज कोई राजनीतिक दल या नेता नहीं बोलता कि मरने दो इनको कौन से हमारे वोटर हैं? जो इनको लात मारता है, ये उन्हीं का चरण धो-धो कर पीते और उनके लिए सोशल मीडिया पर दिहाड़ी करते रहते हैं!
संघी-भाजपाई शासकों द्वारा शनै:शनै: 'पोलिटिकली अछूत' बना दी गई इस जाति को सम्मान मिले, इसके लिए मायावती जी ने कम से कम पहल तो की। मायावती जी का हृदय से धन्यवाद 🙏
#sandeepdeo
Before 1757, scholars traveled 𝐭𝐨 India for mathematics, medicine, philosophy. Now we travel 𝐭𝐨 the West for validation of our own heritage. 🧭
Who flipped the compass?
भारत को तोड़ने की साजिश करने के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में उतरे AIMIM के प्रवक्ता आदिल हसन ने #DoTook में जुड़ने से पहले मुझे प्यार से धमकी भिजवाई कि
Behave like an Anchor
पर जब मैंने उनका नकाब उतारा और कहा कि
Behave like an Indian
तो भाग खड़े हुए।
Ambedkarite Activist Threatens RSS Workers at Chhatrapati Sambhajinagar College Stall.
Our leaders are busy glorifying Ambedkar and his followers. While they are threatening our grassroot workers.
https://t.co/jFGB1mzAgc
"मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण, गौरी, गणेश, किसी हिन्दू देवी देवताओं को ना मानूंगा, ना उनकी पूजा करूंगा!"
"मनुष्य की उन्नति के लिए हानिकारक, और ऊंचनीच मानने वाले हिंदू धर्म को त्यागता हूँ"
ये कौन सी "सनातन संस्कृति के लिए श्रद्धा" है मालवीय जी, थोड़ा हमको भी समझाइए🙏
Mamata Banerjee has mastered the art of vote bank politics protecting illegal Bangladeshi Muslims, appeasing communal outfits and simultaneously insulting Hindu beliefs.
Washing hands on a Shivling is not a slip it is a symbol of how little Hindu sentiments matter to her.