प्रदेश में सुख समृद्धि, खुशहाली और भाईचारे की कामना के साथ वीर तेजाजी धाम सुरसुरा जाते समय प्रदेश कांग्रेस के ऊर्जावान अध्यक्ष आदरणीय श्री गोविंद सिंह जी डोटासरा का सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के भांकरोटा चौराहे पर सांगानेर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी बड़े भाई पुष्पेन्द्र भारद्वाज जी के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया और तेजा दशमी व बाबा रामदेव जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की l @GovindDotasra@INCRajasthan@PbhardwajINC@AshokChandnaINC@withabhinsui@RamsinghIyc
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
@RahulGandhi जी
वोट लूटने एवं सरकारें गिराने का जो 'गुजरात मॉडल' BJP ने देशभर में अपनाया, उसी पैटर्न को पहले राजस्थान में SIR प्रक्रिया के जरिए लागू करने की कोशिश की गई।
फिर निकाय चुनाव में भी राजस्थान में यही पैटर्न देखने को मिला। परिसीमन के नाम पर खुलेआम ऐसी गड़बड़ियां की गई जो भाजपा के हित में हो। सामान्यत एक वार्ड से दूसरे वार्ड की जनसंख्या में 10 से 15% तक का अंतर समझ में आता है, लेकिन जोधपुर में एक वार्ड से दूसरे वार्ड के बीच जनसंख्या का अंतर 287%, अजमेर में 144%, जयपुर में 139%, कोटा में 66%, और भरतपुर में 55% तक किया गया ताकि चुनाव जीत सकें।
फिर भी जब जनता ने इन्हें वोट नहीं दिए, तो सत्ता और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर डराने-धमकाने और दबाव बनाकर जनादेश लूटा गया।
जनता के वोट से न तो कुछ बड़ा है, और न ही ऊपर
लेकिन अगर वोट ही चोरी हो रहा हो, तो फिर लोकतंत्र की बुनियाद कैसे सुरक्षित रहेगी?
नेता विपक्ष @RahulGandhi जी पिछले कई सालों से यही बात देश के सामने रख रहें हैं कि.. कि कैसे मोदी-शाह की सत्ता ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था से "सत्ता कब्जाने और वोट चोरी" की व्यवस्था बना दिया है।
वोट चोरी की जो बात राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी कह रही है, वही बात अब चुनाव आयोग के 2 आयुक्त कह रहे हैं। ये देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरी चोट है, जिससे देश का भरोसा हिल गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और वोट चोरी से सत्ता लूटने वाले मोदी-शाह की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मैं तीन साल से 'वोट चोरी' की बात कर रहा हूं और हर बार मैंने सबूत दिए हैं।
• दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी एक नया कानून बनाते हैं, जो ज्ञानेश कुमार को immunity देता है- क्योंकि ज्ञानेश कुमार, मोदी के लिए काम कर रहे थे
• 7 फरवरी 2025 को मैंने महाराष्ट्र में 'वोट चोरी' से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• 17 फरवरी 2025 को ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर मैंने प्रधानमंत्री को डिसेंट नोट भेजा, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया
• 7 अगस्त 2025 को मैंने महादेवपुरा में हुई वोट चोरी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• 16 अगस्त 2025 से 1 सितंबर 2025 के बीच हमने 'वोटर अधिकार यात्रा' की, जिसमें हमने वोट चोरी के मुद्दे को उठाया
• 18 सितंबर 2025 को मैंने आलंद में हुई वोट चोरी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि सेंट्रलाइज्ड तरीके से वोट चोरी हो रही है
• 28 अक्टूबर 2025 से बाकी दो चुनाव आयुक्तों ने चिट्ठियां लिखना शुरू कीं
• 5 नवंबर 2025 को हमने हरियाणा वोट चोरी से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• आखिर में 23 सितंबर 2026 को इंडियन एक्सप्रेस में expose आया, जिसमें बताया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों को लेकर 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
मैं तीन साल से 'वोट चोरी' की बात कर रहा हूं और हर बार मैंने सबूत दिए हैं।
• दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी एक नया कानून बनाते हैं, जो ज्ञानेश कुमार को immunity देता है- क्योंकि ज्ञानेश कुमार, मोदी के लिए काम कर रहे थे
• 7 फरवरी 2025 को मैंने महाराष्ट्र में 'वोट चोरी' से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• 17 फरवरी 2025 को ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर मैंने प्रधानमंत्री को डिसेंट नोट भेजा, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया
• 7 अगस्त 2025 को मैंने महादेवपुरा में हुई वोट चोरी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• 16 अगस्त 2025 से 1 सितंबर 2025 के बीच हमने 'वोटर अधिकार यात्रा' की, जिसमें हमने वोट चोरी के मुद्दे को उठाया
• 18 सितंबर 2025 को मैंने आलंद में हुई वोट चोरी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि सेंट्रलाइज्ड तरीके से वोट चोरी हो रही है
• 28 अक्टूबर 2025 से बाकी दो चुनाव आयुक्तों ने चिट्ठियां लिखना शुरू कीं
• 5 नवंबर 2025 को हमने हरियाणा वोट चोरी से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की
• आखिर में 23 सितंबर 2026 को इंडियन एक्सप्रेस में expose आया, जिसमें बताया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों को लेकर 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
@INCIndia@INCRajasthan
देश को ये तस्वीरें जरूर देखनी चाहिए..
देखिए तिजारा (अलवर) में कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों को भाजपा और पुलिस के चंगुल से किस तरह छुड़ाया गया।
हालात ऐसे बना दिए गए कि पार्षदों को मजबूरी में बस के शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा। महिला पार्षदों को भी बस से कूदकर बाहर निकलना पड़ा।
21 सितंबर को वोटिंग से पहले 2 दिन तक राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस ने सत्ता के इशारे पर कांग्रेस के पार्षदों को बंधक बनाकर रखा, ताकि वो अपने वोट का इस्तेमाल न कर सकें।
सोचिए.. जिस BJP को राजस्थान की जनता ने नकार दिया, उसने प्रदेशभर में लोकतंत्र को लूटने के लिए सत्ता के दुरुपयोग से लेकर पुलिसिया तंत्र के बेजा इस्तेमाल तक तानाशाही के क्या-क्या हथकंडे अपनाए हैं।
सत्ता के दम पर चुने हुए कांग्रेस पार्षदों पर फर्जी मुकदमे लगाए गए, जबरन उठाया गया, बंधक बनाया गया, धमकाया गया, ताकी उनसे वोटिंग का अधिकार छीन सकें। लेकिन भाजपाई सत्ता की सारी ताकत के बावजूद तिजारा की जनता की ताकत के आगे तानाशाही को झुकना पड़ा।
भाजपा और पुलिस के शिकंजे से निकलकर रात 10 बजे कांग्रेस पार्षदों ने तिजारा पहुंचकर वोट किया और कांग्रेस की जीत हुई।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, चुनाव जीतने के लिए आपने जिस तरह लोकतंत्र को कलंकित किया, उसे राजस्थान न कभी भूलेगा, न ही कभी आपको माफ़ करेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इशारे पर चुनाव आयोग की इसी "चोरी" के खिलाफ नेता विपक्ष @RahulGandhi जी पिछले 2 साल से पुख्ता सबूतों के साथ देश को आगाह कर रहे हैं।
राहुल जी ने जिस "वोट चोरी" और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाया, उस सब के बीच चुनाव आयोग के भीतर से उठी ये आवाज़ और आपत्तियां लोकतांत्रिक व्यवस्था व चुनाव प्रक्रिया के लिए बेहद गंभीर एवं चिंताजनक है।
इंडियन एक्सप्रेस के इस खुलासे के बाद ज्ञानेश कुमार को 1 मिनट भी अपने पद पर रहने का अधिकार नहीं है। देश के चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के फैसलों पर आपत्ति दर्ज की। उनकी बिना सहमति और जानकारी के फैसले लिए गए जाने, मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
देशभर में भाजपा की सरकारें बनाने के लिए जिस तरह चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र लूटा गया, वो शर्मनाक है।
सवाल ये है कि 3 सदस्यीय संवैधानिक संस्था के भीतर 2 चुनाव आयुक्तों ने बार-बार फैसलों पर आपत्ति दर्ज कराई, बावजूद इसके उन्हें गुमराह रखकर निर्णय कैसे लिए गए? ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों में फेरबदल से लेकर SIR प्रक्रिया में वोट काटने का खेल किसके आदेश पर किया? देश को जवाब दीजिए।
@ECISVEEP
नगर निकाय चुनावों में तानाशाही के दम पर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास करने वाली भाजपा सरकार अब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से उनका अधिकार भी छीनने का प्रयास कर रही है।
अजमेर जिले की केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी श्री अनिल मित्तल जी सभापति निर्वाचित हुए, लेकिन आज जब वे नगरपालिका पहुंचे तो उनके लिए सभापति का कक्ष खोलने से मना कर दिया गया कि स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा उसी कक्ष में जनसुनवाई केंद्र चलाया जा रहा है।
भाजपा नेताओं से हार बर्दाश्त नहीं हो रही है। जनता ने जिसे सभापति चुना, उसे अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और सत्ता के अहंकार में भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। आखिर प्रदेश में यह कैसा मजाक चल रहा है?
इसके विरोध में पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा जी के साथ कांग्रेस नेता धरने पर बैठे हैं और निर्वाचित सभापति को उनका दफ्तर तत्काल सौंपने की मांग कर रहे हैं। नगरपालिका के अधिकारी भी सत्ताधारी दल के आगे नतमस्तक हैं। चुनाव का नतीजा जनता ने दिया है, उसे सत्ता और कुर्सी के बल पर बदला नहीं जा सकता। यह जनमत और लोकतंत्र का अपमान है। भाजपा समझ ले, हार के बाद कुर्सी पर कब्जा जमाने से जनादेश नहीं बदलता।
मेरी जिलाधिकारी से मांग है कि मामले में तत्काल संज्ञान लें और सभापति का कक्ष खाली करवाकर नवनिर्वाचित सभापति श्री अनिल मित्तल जी को तुरंत सुपुर्द करवाएं।
@RaghusharmaINC@RajCMO@INCRajasthan
तेजा दशमी के शुभ अवसर पर मेरे पेतृक गांव कल्याणपुरा के श्री वीर तेजाजी मंदिर में दिए गए सम्मान के लिए समस्त ग्रामवासियो का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद
जय श्री वीर तेजाजी महाराज 🙏
#tejajimaharaj#tejaji
Held an in-depth meeting in Jaipur with Rajasthan PCC President Sh. @GovindDotasra ji, LOP Sh. @TikaRamJullyINC ji and senior party leaders to review our performance in the recently concluded urban local body elections. This election cycle, we saw a significant growth in our urban support base and our grassroots organisation gave a formidable fight to the BJP.
This, despite the BJP's best efforts to rig the elections through a patently unfair delimitation exercise and by misusing the police machinery in their favour. We are confident that we will only grow further from this performance in the coming days.
We also assessed our preparedness for the upcoming Panchayati Raj elections, and chalked out a clear plan of action to defeat the BJP and emerge victorious across the rural landscape of Rajasthan.