एक होती है" बात" ...जिसका अर्थ व तथ्य होता है ..
और दूसरा है - "बतंगड़"...
उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर ऐसा ही बतंगड़ आजकल देखने को मिल रहा है !!
मुंबई ..हिंदी यशोभूमि में ...गढ़वाली बोली में ..मेरा यह लेख
इस चुनाव में विपक्षी इंडी गठबंधन दलों ने ..प्रभु श्री राम का अपमान किया .
जिसका अभिशाप उन्हें मिला .!
मुंबई (महाराष्ट्र ) से प्रकाशित चर्चित हिंदी दैनिक समाचार पत्र ..यशोभूमि .में 6/05/206 को (प्रत्येक बुद्धवार ) पढ़े ..इस विषय में ..गढ़वाली बोली में लिखा मनोगत ..चिठ्ठी पत्री
क्या ..संसद में विपक्ष ने जिस प्रकार से महिला 33% आरक्षण बिल को एक षडयंत्र व योजनाबद्ध तरीके से ...गिरा दिया गया .!
क्या यह कांग्रेस व विपक्ष की वास्तविक मानसिकता को परिलक्षित नहीं करता ..?
उत्तराखंड प्रवासियों के मध्य सबसे बड़ी दुविधा होती है ...समर वेकेशन में अपने गांव जाने की ..! क्योंकि अधिकांश प्रवासी बंधु ट्रेन से ...अपने गंतव्य तक यात्रा करते हैं !
..गढ़वाली बोली भाषा में आज 8/ अप्रैल /2026 के मुंबई से प्रकाशित प्रसिद्ध हिंदी पत्र ...यशोभूमि "" में
उत्तराखंड चार धाम यात्रा में यात्रियों को परेशानियों से बचने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है ! इन्हीं बातों को प्राथमिकता देते हुए मुंबई से प्रकाशित दैनिक हिंदी समाचार पत्र "यशोभूमि".के 4 मार्च बुद्धवार अंक के चार नम्बर पृष्ठ पर ..एक आलेख गढ़वाली बोली में !
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में हुई दीपक मोहम्मद घटना एक ..सांकेतिक ट्रायल है सम्पूर्ण उत्तरखंड में डेमोग्राफी परिवर्तन के साथ साथ ..गैर हिंदू कट्टरता भी चरम पर है !
अधिकांश का मानना है कि उत्तराखंड के गाँव में भूमि बंजर रहने का एक कारण यह भी है कि जो लोग खेती - बाड़ी में काम करते थे ..वे अब सरकार की मुफ्त राशन ,स्कूल में मिड डे ,में पर्याप्त राशन मिलने से खेतों में काम करने में रुचि नहीं ले रहे हैं ! या फिर भारी भरकम मजदूरी माँग रहे हैं
@nehraji77 @Manoj_Yadav_ टोंटी चोर की ..कमाई खाने वाला ..और राम भक्तों का खून पीने वाले सपाइयों को सब फ्री ही दिखेगा ...चुंकि सूअरों की तुस्टीकरण करते करते ये भी सूअर मनोवृति वाले हो गए ..ये साधू संतों को क्या जानेगा ..
@RuhiVerma011 सरकार को इसको किसी मदरसे में भेजना चहिये ..हिन्दुओं के टैक्स ऐसे सूअरों को नहीं पालना चाहिए ..नहीं किसी सनातनी को इनके पास जाना चाहिए ..इनका एक ही उपचार आर्थिक बहिष्कार