@SupremeCourtFan कैसे जब #CJI ही संविधान के मूल चरित्र से अनजान हैं?
Reiterating that
"गणतंत्र सनातन"(Sovereign Republic)
ही किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र के संविधान का मुख्य चरित्र या मूल सिद्धांत है.
@MLJ_GoI@PMOIndia@IASassociation@IPS_Association https://t.co/h6XZFapT1u
Article 226 is a bench to seek Government's assistance for self-enforcement, against violation of basic fundamental right. Peaceful Land(female) is most basic fundamental right for her self-right(possessory title). https://t.co/HxxDOC8Gez
इतना डर क्यों है आपको कि हमें ब्लॉक कर दिया
जहां आपकी आलोचना करना होगा वहां पर आलोचना करेंगे हम जहां तारीख करना होगा वहां पर तारीख वाला काम किया होगा तो करेंगे
जो व्यक्ति सच नहीं देखना चाहता है सच नहीं सुनना चाहता है उसके मन में चोर रहता है
@InduPrakashPCS
Agar humne galat kaha hai to uska jawab do agar Sahi kaha hai humne Sahi kaha hai to aap galat hai isliye to bhag rahe hain aap
Iska kasuriya tha jisne litti chokha ka form bhara lekin Noida pradhikaran ke apan abhiyanta Ne usko ek notice ki aap chicken ka kam band kar den Suresh bhai uchch nyayalay ke uchch nyayalay mein highcourt Ne iske Kar Diya
Stage receive karane ke bad aapan abhineta Ne bulldozer lakar dhvast kar diya kaha High court ka aadesh nahin mante
Ab yahi baat Himachal aur paraag dairy mein Hai jinki guideline hai un per itna meherban kyon Hai Noida pradhikaran ya Noida pradhikaran ke nodal Adhikari meherban hai
Jawab to Dena hoga
@CeoNoida@noida_authority@InduPrakashPCS@CMOfficeUP@dmgbnagar
Sirf Garib per kaarvayi hogi paise walon per nahin mafiyaon per nahin iska jawab kaun dega
श्याम नाम विश्वास का — विश्वास की पहचान श्याम
“श्याम” नाम ही विश्वास का प्रतीक है।
जिसने श्याम पर विश्वास किया, उसे धोखा नहीं, बल्कि विश्वास की ताकत मिलती है।
विश्वास कोई बाजार में बिकने वाली चीज नहीं है। विश्वास वर्षों की मेहनत, संघर्ष, ईमानदारी और अपने लोगों के साथ खड़े रहने से बनता है। जब कोई व्यक्ति बिना स्वार्थ के लोगों की आवाज बनकर उनके अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता है, तब उसका नाम केवल नाम नहीं रहता—वह विश्वास की पहचान बन जाता है।
श्याम किशोर गुप्ता ने रेहड़ी-पटरी संचालकों के अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई को केवल मुद्दा नहीं माना, बल्कि इसे अपना संघर्ष बनाया। रास्ते में कितनी भी मुश्किलें आईं, कितने ही लोगों ने साथ छोड़ा, लेकिन कदम रुके नहीं।
क्योंकि जिसने जनता के विश्वास को अपना साथी बना लिया, उसे भीड़ की जरूरत नहीं पड़ती—एक सच्चा विश्वास ही पूरा कारवां बना देता है।
रेहड़ी-पटरी संचालक मेहनत करके अपना परिवार पालता है। वह किसी से भीख नहीं मांगता, वह अपने श्रम का सम्मान मांगता है। उसके इसी सम्मान और अधिकार की आवाज को मजबूत करने का संकल्प राष्ट्रीय संगठन रेहड़ी पटरी संचालक लगातार करता आया है।
आज संदेश साफ है—
नाम श्याम है तो बात विश्वास की होगी।
इरादा साफ है तो संघर्ष अधिकार का होगा।
और साथ जनता का है तो मंजिल दूर नहीं होगी।
राष्ट्रीय संगठन रेहड़ी पटरी संचालक
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक — श्याम किशोर गुप्ता
उन्होंने सवाल किया कि महाकुंभ के दौरान पैदल चलने वाले नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बनाए गए फुटपाथ पर किसकी अनुमति से दुकानें लगाई गईं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फुटपाथ पर लगाई गई दुकानों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए स्थान पर किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि एजी ऑफिस क्षेत्र में दुकानों को लेकर करीब आठ लाख रुपये तक की पगड़ी और लगभग 50 हजार रुपये मासिक किराया वसूले जाने की चर्चा है। इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस स्तर से इन दुकानों के आवंटन की अनुमति दी गई।
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद कुछ देर में नवनियुक्त मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने हस्तक्षेप किया और मुख्यमंत्री को पूरे मामले की स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद अधिकारियों के बीच इस प्रकरण को लेकर हलचल बढ़ गई।
महाकुंभ के मद्देनजर शहर में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए विकसित किए गए फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री ने पहले भी सख्त रुख अपनाया है। एजी ऑफिस रोड का मामला सामने आने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका और दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।
स्वयं को शासकीय-अधिवक्ता लिखने वाले अधिवक्ता कोर्ट्स में राजकीय-अधिवक्ता बन कर राजकीय अधिकारियों को बचाने में व्यस्थ रहते हैं!
BCI ने इस अराजकता की सूचना/प्रश्न आज तक @BAI1959 को क्यों नहीं दिया है?
स्पष्ट है #Bci हों या #मनन सेकुलर "कठपुतलियाँ" हैं!
https://t.co/pvtvPs2Eka
स्वयं को शासकीय-अधिवक्ता लिखने वाले अधिवक्ता कोर्ट्स में राजकीय-अधिवक्ता बन कर राजकीय अधिकारियों को बचाने में व्यस्थ रहते हैं!
BCI ने इस अराजकता की सूचना/प्रश्न आज तक @BAI1959 को क्यों नहीं दिया है?
स्पष्ट है #Bci हों या #मनन सेकुलर "कठपुतलियाँ" हैं!
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रेहड़ी-पटरी है तो बाजार है, बाजार है तो इकोनॉमी है, इकोनॉमी है तो भारत है
@PMOIndia@CMOfficeUP
रेहड़ी-पटरी केवल सड़क किनारे खड़ा एक ठेला नहीं है। यह उस मेहनतकश भारत की पहचान है, जो सुबह अपना सामान लेकर निकलता है, दिनभर मेहनत करता है और शाम को अपने परिवार के लिए रोटी लेकर घर लौटता है।
@myogioffice@myogiadityanath
रेहड़ी-पटरी है तो बाजार है, बाजार है तो इकोनॉमी है, और इकोनॉमी है तो भारत है।
@yadavakhilesh
देश के करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों से पूरी होती हैं। फल, सब्जी, नाश्ता, कपड़े, घरेलू सामान और अनेक सेवाएँ उपलब्ध कराने वाला यह वर्ग स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगातार चलाता है। ग्राहक को उचित कीमत पर सामान मिलता है और छोटे व्यापारी को रोजगार मिलता है—यही बाजार की असली ताकत है।
@rashtrapatibhvn
इसलिए रेहड़ी-पटरी संचालकों को समस्या नहीं, अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा समझना होगा। उन्हें हटाने या कमजोर करने के बजाय व्यवस्थित वेंडिंग जोन, उचित लाइसेंस, पारदर्शी सर्वे, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक व्यापार का अधिकार मिलना चाहिए।
@CJP_for_India
सरकार से हमारी अपील है कि गरीब और मेहनतकश रेहड़ी-पटरी संचालकों की आवाज सुनी जाए। यदि बाजार मजबूत होगा तो स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, और जब स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
@ShayarImran
हम कमजोर नहीं हैं, हम भारत की अर्थव्यवस्था की जमीनी ताकत हैं। @pbhushan1@ravish_journo
राष्ट्रीय संगठन रेहड़ी पटरी संचालक
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक — श्याम किशोर गुप्ता @Lko_VivekSharma
🇮🇳 सरकार हमारी बनाओ — जनकल्याण संकल्प पत्र
सपने देखना सभी का अधिकार है वह भी खुली आंख से क्योंकि बंद आपसे जो सपने देखे जाते हैं तो कभी पूरे नहीं होते हैं
मैं आज सरकार में नहीं हूँ, लेकिन यदि जनता हमें सरकार बनाने का अवसर देती है, तो हम इन संकल्पों को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करेंगे।
📚 1. बच्चों की शिक्षा और भोजन
- नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों को स्वादिष्ट, पौष्टिक और भरपेट दोपहर का भोजन सरकार की ओर से दिया जाएगा।
- नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों को कॉपी-किताबें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
- सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
👧 2. बेटियों के भविष्य की सुरक्षा
- बेटी के जन्म के समय उसके नाम पर ₹5,000 की दीर्घकालीन जमा राशि (FD) की जाएगी।
- यह राशि निर्धारित नियमों के अनुसार बेटी की 22 वर्ष की आयु पर उसे प्राप्त हो सकेगी।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
🏠 3. भूमिहीन और गरीब परिवारों के लिए आवास
- जिन गरीब परिवारों के पास रहने के लिए भूमि नहीं है, उन्हें नियमानुसार भूमि का पट्टा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
- जिनके पास जमीन है लेकिन वे झोपड़ी में रह रहे हैं, उनके उसी स्थान पर पक्का मकान बनाने की योजना लागू की जाएगी।
👩🍳 4. घरेलू कामगार महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार
घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा, खाना बनाने और घरेलू कार्य करने वाली महिलाओं के लिए सरकार की ओर से पंजीकरण और रोजगार व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि उन्हें निश्चित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
🛡️ 5. सिक्योरिटी गार्ड को सरकारी रोजगार
देश में काम करने वाले जरूरतमंद सिक्योरिटी गार्डों के लिए सरकारी रोजगार व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिसमें निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास होगा।
🛺 6. ऑटो, ई-रिक्शा और ट्रक चालकों का दुर्घटना बीमा
- ऑटो चालकों का ₹500 वार्षिक प्रीमियम में ₹5 लाख तक का दुर्घटना बीमा कराने की व्यवस्था की जाएगी।
- इसी प्रकार ई-रिक्शा और ट्रक चालकों के लिए भी दुर्घटना बीमा सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
- योजना में पात्रता और बीमा की शर्तें पारदर्शी होंगी।
🎓 7. बेटियों और बेटों के लिए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज
- सरकारी स्तर पर आधुनिक इंजीनियरिंग कॉलेज विकसित किए जाएंगे।
- बेटियों और बेटों के लिए अलग-अलग संस्थानों की व्यवस्था का विकल्प रखा जाएगा।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश और शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी।
🧱 8. मजदूरों के लिए शहरों में रहने और भोजन की व्यवस्था
हर शहर में मजदूरों के लिए निर्धारित स्थानों पर रात्रि ठहरने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इन केंद्रों पर:
- राजमिस्त्री
- कारपेंटर
- पेंटर
- निर्माण मजदूर
- अन्य जरूरतमंद श्रमिक
के लिए सुरक्षित रहने की व्यवस्था तथा दो समय भोजन उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाएगी।
🛒 9. रेहड़ी-पटरी, ऑटो और परिवहन कर्मियों के बच्चों के लिए विशेष शिक्षा
रेहड़ी-पटरी संचालकों, ऑटो ड्राइवरों, ई-रिक्शा ड्राइवरों, ट्रक ड्राइवरों और अन्य स्वरोजगार/परिवहन कर्मियों के बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक संस्थान और डिग्री कॉलेज विकसित किए जाएंगे।
इन संस्थानों में पात्र बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य होगा, ताकि गरीब परिवार का बच्चा भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके।
✊ हमारा संकल्प
सरकार केवल अमीरों और बड़े लोगों के लिए नहीं होनी चाहिए।
सरकार उस गरीब के लिए भी होनी चाहिए जो सुबह से शाम तक मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालता है।
रेहड़ी-पटरी वाला हो, ऑटो चालक हो, ई-रिक्शा चालक हो, ट्रक ड्राइवर हो, मजदूर हो, घरेलू कामगार महिला हो या गरीब किसान—हर मेहनतकश परिवार को सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
मैं आज सरकार में नहीं हूँ।
लेकिन अगर जनता हमें सरकार बनाने का अवसर देती है, तो इन संकल्पों को कानून, बजट और पारदर्शी सरकारी योजनाओं के माध्यम से लागू करने की पूरी कोशिश हम करेंगे।
🇮🇳 जनता का विश्वास — हमारा संकल्प
🇮🇳 गरीब का सम्मान — हमारी प्राथमिकता
🇮🇳 शिक्षा, रोजगार, आवास और सुरक्षा — हमारा अधिकार
सरकार हमारी बनाओ,
जनता की सरकार बनाओ।
राष्ट्रीय संगठन रेहड़ी पटरी संचालक
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक श्याम किशोर गुप्ता
Basic federal character of Objective-Resolution dtd 26.1.1945 i.e, Sovereign(गणतंत्र) "Re_Public(सनातनी)",
has constituted federal structure dtd 30.10.1945!
GOI.1935 is "obeyed" governmental part of
said basic f. structure.
@HouseofCommons@CVCIndia
https://t.co/LCC8IFAm7V
Basic federal character of Objective-Resolution dtd 26.1.1945 i.e, Sovereign(गणतंत्र) "Re_Public(सनातनी)",
has constituted federal structure dtd 30.10.1945!
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said basic f. structure.
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