मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा की हिम्मत को सलाम !
जब लोग बोलने से डर रहे हैं उस दौर में ये स्कूल की आवाज उठा रहे हैं ऐसे गिनी चुने लोग हैं आज देश में !
नीति आयोग की रोपोर्ट के आधार पर 98000 सरकारी स्कूल में गर्ल्स टॉयलेट नही है?
डूब के मर जाने की बात है सभी सरकारों के लिए
वीडियो पूरा देखना शर्म को भी शर्म आजएगी !
नांदेड़ में इस धंसे पुल को आप ज़ूम करके देखेंगे तो
आपको साइट इंजीनियर साहब की ली हुई रिश्वत और सर्वेयर साहब की बीवी के झुमके क्रिस्टल क्लियर नज़र आएंगे।
•पुलिस के पास न्याय लेने जाओ तो घूंस दो,
•तहसील काम करवाने जाओ तो घूंस दो
•मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो घूंस दो
•जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है तो घूंस दो
•ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो घूंस दो
•पासपोर्ट वेरीफिकेशन करवाना है तो पुलिस को घूंस दो
•DM ऑफिस में कोई काम करवाना है तो बाबू को घूंस दो
•अपनी ही जमीन माफिया और अपराधियों के चंगुल से छुड़वानी है तो घूंस दो
•सरकारी अस्पताल में बिस्तर चाहिए तो घूंस दो या सेटिंग करो
•बिजली कनेक्शन का मसला है तो घूंस दो
•बिजनेस चालू करना है तो लाइसेंसज के लिए घूंस दो
•न्याय चाहिए तो पैसा खर्चा करो
क्या इस देश में कोई भी ऐसा डिपार्टमेंट है जहां बिना घूंस के काम चलता हो?
आपका नाम बृजेश पाठक है , आप उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं , आपने 2004 से लेकर 2016 तक बहुजन समाजवादी पार्टी से सत्ता के गलियारों में धूम धड़ाम किया , लेकिन मौसम बदलते ही 2016 में भाजपा के पाले में आ गए , 2022 विधानसभा चुनाव के बाद ब्राह्मणों के समीकरण को साधते हुए आपको उप मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई , आपकी PR टीम जबरदस्त है ,आप कैमरे की उपस्थिति में औचक निरीक्षण करने और ब्राह्मण महासभाएं संबोधित करने के लिए जाने जाते हैं, झांसी में NICU में 10 नवजात बच्चों की मृत्यु हो गई थी लेकिन अधिकारी गण आपके औचक निरीक्षण के लिए चूना डालकर आपके स्वागत की तैयारी कर रहे थे ,आप बीच सड़क पर ट्रैफिक जाम करवा कर स्वागत करवाने के लिए जाने जाते हैं , ये होती है राजा वाली क्वालिटी , अस्पतालों में लाइने लगी हैं,लेकिन राजा साहब का PR कार्यक्रम चलता रहना चाहिए, ये कर सको तो समझो राजा हो ।
काश! पाकिस्तान में भी 8.69 करोड़ की जल जीवन मिशन योजना चल रही होती,
तो वहां के राज्य छत्तीसगढ़ में विकलांग महिला को ऐसे पानी न भरना पड़ता, शुक्र मनाओ कि हम भारत में है
मैं उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जी को चैलेंज देता हूँ कि आप आम आदमी बनकर प्रदेश के किसी भी बड़े अस्पताल में बिना सोर्स सिफारिश के पेशेंट को एडमिट करके दिखा दीजिए,
मैं आपके पूरे दिन का डीज़ल और खाने पीने का खर्चा उठाने के लिए तैयार हूं।
रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आज प्रयोगशाला परिचारक के पदों पर चयनित युवाओं के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुआ। यह अवसर मेरे लिए संतोष का क्षण रहा, जब हमारे युवा अपने परिश्रम और प्रतिभा के बल पर एक नई शुरुआत की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
सभी नव-नियुक्त युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश के हर योग्य युवा को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर मिलें। हमारा उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पूरे देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति बचा होगा जिसने कैंसर जैसी बीमारी को नजदीक से न देखा हो , क्या नेता क्या अभिनेता कोई इससे बचा नहीं है,
इसके अलावा तमाम ऐसे डिसऑर्डर्स हैं जिनसे लोग डेली बेसिस में जूझ रहे हैं, डॉक्टर्स से आप कारण पूछेंगे तो वो आपको लाइफस्टाइल बोल कर आगे बढ़ जायेंगे,
आज के समय में हर कोई व्यक्ति स्वयं के लिए सारे सामान नहीं बना सकते , सुबह दांतों की सफाई से लेकर रात में कुल्ला करके सोने तक हम फैक्टरीज द्वारा बनाई गई पैकेज्ड चीजों पर निर्भर हैं और हर चीज पर सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स दे रहे हैं,
हम इस भरोसे पर चल रहे हैं कि इतना टैक्स देने के बाद सरकार द्वारा संचालित एजेंसियां अपना काम बखूबी कर रही हैं और हम सही चीज़ें कंज्यूम कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं , हम इस मामले में पूरी दुनिया से काफी पीछे हैं,
पूरे देश में मिलावट चरम पर है, जो भी चीजें हम सुबह से शाम तक इस्तेमाल करते हैं ,उनमें प्रिजर्वेटिव्स से लेकर खराब और खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है, कुछ ब्रांडेड प्रोडक्ट्स को छोड़ दे तो हालत बहुत खराब है , ये काम धड़ल्ले से चल रहा है और रोज बढ़ रहा है ,
जहां दुनिया के कई देशों में एजेंसियां बहुत सजग होकर काम कर रही हैं, बेहतरीन से बेहतरीन गाइडलाइंस और पैरामीटर्स बना रही हैं और टेक्नोजिकली बहुत एडवांस्ड हैं,वहां FSSAI जैसी एजेंसियां केवल लाइसेंस देने में और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं ,
आप और हम क्या बीमार होने का इंतजार कर रहे हैं?
इस मामले में हम सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए , खुद बीमार होने का इंतजार न करें। @fssaiindia