#MahaPeriyava
Dr Kamakoti, the director of IIT was honored in Dharma Rakshana Mahotsava and do hear his acceptance speech. So humble and pious! This is how we should be.
बलिदान लेना हो तो हम हिंदू, और अगर हक की थोड़ी सी भी मांग कर ले...
तो सवर्ण समाज अत्याचारी है... संघ समेत सब समझाने आ जाते कि तुम बड़े भाई हो,तुम्हे ही सब सहना है
एक तरफा तो नहीं होगा अब...
Congratulations both cricket teams men and women for bringing gold,congratulations to women's hockey team and other https://t.co/6krkHFcLRG brought proud to the nation
फ्लाईदुबई: कॉकपिट में हिंदू पायलट पर मुस्लिम सह-पायलट का हमला, अरफ़ा-सायमा-अय्यूब ने भारत पर ही उठाए सवाल
भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने उड़ान के दौरान अदम्य साहस, असाधारण धैर्य और गजब की सूझबूझ का परिचय देते हुए 174 लोगों की जान बचाई। सह-पायलट के हमले के बावजूद उन्होंने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना विमान और यात्रियों को बचाने के लिए संघर्ष किया, वह बेहद प्रशंसनीय और प्रेरणादायक है। आरोप है कि सह-पायलट विमान को इज़रायल में गिराकर उसमें सवार सभी लोगों की जान लेना चाहता था।
जहां भारत और इज़रायल में लोग स्मित मच्छर की वीरता, जीवटता और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम कर रहे थे, वहीं अरफ़ा, सायमा और अय्यूब ने इस पूरे जश्न में भी आपत्ति और इस्लामोफ़ोबिया तलाश लिया। उन्होंने इस तथ्य को नजरअंदाज किया कि हमलावर पायलट मुस्लिम था और स्मित उस समय केवल अपनी ही नहीं, बल्कि विमान में सवार 174 जिंदगियों को बचाने के लिए मौत से लड़ रहे थे।
अनिल द्विवेदी को 2025 में पहले फर्जी SC/ST Modi Act में जेल भेजा फिर उसकी जेल में हि संदिग्ध मौत हो गई अनिल द्विवेदी अपने परिवार में अकेले कमाने वाला था आज उसके बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे यही है SC/ST Modi Act
हमने मोदी को सनातनी मानकर प्रधानमंत्री बनाया। जात-पात नहीं देखी। उन्होंने UGC और SC-ST एक्ट से पीठ में छुरा घोंप दिया।
SC-ST एक्ट अब कमाने का धंधा बन गया है। फर्जी केस, 5 लाख मुआवजा, हजारों परिवार बर्बाद।
UGC ने हमारे बच्चों के पैर बांध दिए।
99 नंबर वाला बैठा रहे, 30 नंबर वाला डॉक्टर-इंजीनियर बने। ऐसा डॉक्टर कैंची अंदर रख देगा, मकान 10 दिन में गिर जाएगा। देश कैसे बनेगा?
70 साल हो गए, गरीबी खत्म नहीं हुई। राष्ट्रपति कोविंद, द्रौपदी मुर्मू दलित बताए जाते हैं। खुद प्रधानमंत्री खुद को अति पिछड़ा कहते हैं। खड़गे अरबों के मालिक हैं, फिर भी दलित।
दलित की परिभाषा क्या है? समाज एक है।
जाति प्रमाण पत्र बंद करो। योग्यता और आर्थिक आधार पर आरक्षण दो। ये काले कानून खत्म करो, देश आगे बढ़े।
योगी जी 91% reservation के लिए लड़ रहे हैं, Supreme Court जा रहे हैं। मोहन यादव 73% reservation के लिए Supreme Court में appeal कर रहे हैं। Odisha Government ने SC का reservation disproportionately बढ़ाकर 15%, मतलब total कितना, 22% या जो भी है, वो कर दिया।
तो reservation तो BJP हर जगह बढ़ा रही है। Who are you trying to fool?
OBC Act तुम already ला चुके हो।
मुझे पीएम के जन्मदिवस से समस्या नहीं है। मेरी समस्या तरीके से है। जो व्यक्ति सत्ता में आते ही दिखास और छपास पर नेताओं को समझाया करता था, आज उसकी चाटुकारिता में हर भाजपा सरकार, हर विभाग/मंत्रालय ओवर द टॉप उत्सवधर्मिता में डूबने को व्याकुल है। क्या यह दोगलापन नहीं है?
मोदी का जन्मदिवस उनके जीते-जी सरकारी खर्चे पर कैसे मनाया जा सकता है? उज्जैन के 58 लाख दीपों का व्यय भाजपा वहन करेगी या मध्यप्रदेश सरकार? दिल्ली के सवा लाख दीपकों का व्यय रेखा गुप्ता के व्यक्तिगत लॉकर से जाएगा या दिल्ली सरकार के फंड से?
मोदी का जन्मोत्सव एक व्यक्तिगत विषय है और उसका उत्सव पार्टी मना सकती है, सरकार नहीं। सरकार तब मनाएगी, जब वो सेवानिवृत्त हो चुके होंगे और जनता को लगेगा कि कुछ कर के गए हैं। संभवतः, राष्ट्रीय अवकाश हो जाए उस दिन, ‘सेवा दिवस’ मने और ड्राय डे रहे।
उनकी छवि नोटों पर आ जाए और… जो भी है, आप समझ गए होंगे। जीवित रहते ऐसा करना बिलकुल वही कार्य है जैसे गाँव में कुछ बुजुर्ग अपने जीवनकाल में ही मृत्युभोज करवा लेते हैं। उन्हें विश्वास रहता है कि उनके मरने पर नकारे लोग जमीन हथिया लेंगे, और भरगामा की जगह भैयारी भोज कर देंगे।
भाजपा मुख्यालय को दीपों से नहला दीजिए। हर भाजपा कार्यकर्ता कलशयात्रा निकाले। हर राज्य मुख्यालय में चायनीज झालड़ बँधे। महीने भर आयोजन हो। भोज और उत्सव हो। लोग उपवास और रोजे रखें। किसी को कोई समस्या नहीं होगी। पर स्कूलों में बच्चों को बुला कर दीये जलवाना, चित्रकारी, भाषण आदि, वह भी एक महीने तक!
बिहार में बाढ़ है और हमारे महान मुख्यमंत्री दीये जलवा रहे हैं! कर्ज में डूबे राज्य दीपकों का गिनीज रिकॉर्ड्स बनवा रहे हैं! और इन सबके मध्य मोदी जी की आत्मा धिक्कारती नहीं कि हे महामानव, ये तू क्यों करवा रहा है? रोक क्यों नहीं रहा अपने नाम पर हो रहे इस बकवास को?
सरकारी खर्च पर यह भौंडापन अस्वीकार्य है। मोदी ने देश के लिए बहुत कुछ किया है, क्योंकि वही कार्य होता है प्रधानमंत्री का। हमने अच्छी बातों की सराहना की है, और बुरी की आलोचना करते रहेंगे।
यह आत्ममुग्धता असुरक्षा की भावना और विश्वास की कमी के कारण बढ़ती जा रही है। आपका कार्य ही आपकी डिग्री, पहचान और पीआर होना चाहिए। इसके लिए कुछ भी अतिरिक्त करना, स्वयं के अच्छे कार्यों में कॉन्फ़िडेंस खोने जैसा है।
ब्रांड मोदी को मोदी के इनर सर्कल के मूर्खों ने जितना डाल्यूट किया है, वह एक केस स्टडी बनेगा।
खैर जो भी हो, आप शतायु हों। आप सत्ता में होने के कीर्तिमान बनाएँ। विहग, बंदी और चारण, आपका कीर्ति गायन करें। आपको भारत रत्न दिया जाए। आपके सम्मान में लोग स्वतः दीपक प्रज्वलित करें, आपको टैक्सपेयर के पैसों पर अम्बानी के स्तर का पीआर न करना पड़े, यही मेरी कामना है।
Happy Raksha Bandhan.Really Raksha Bandhan has happened with some people like below.We pay and You release what an administration.These people won't have money for appropriate needs and just have for such criminals.
https://t.co/HI7loCc17k