नरेंद्र मोदी के वित्त सचिव रहे सुभाष चन्द्र गर्ग ने फर्जी जीडीपी आंकड़ों की पोल खोल दी
असल में जीडीपी 7.8% नहीं, 2.6% है। आंकड़ों में हेरफेर करके झूठ परोसा जा रहा है। वह भी विदेशी धरती से। मतलब अब हमारा झूठ भी इंटरनेशनल हुआ और हम बन गए झूठ के विश्वगुरु।
CNG महंगी, E20-डीज़ल की बारी. अच्छे दिनों की कर लो तैयारी 😜 मिलावटी E20 पेट्रोल ने लाखों गाड़ियों की ऐसी तैसी की, वही E20 अब हम सबकी जेबें भी काटेगा. चीनी, दूध, अंडा, मक्का, प्यार और तेल पहले ही महंगा हो चुका है. यानि विश्वगुरु बनने की क़ीमत तो चुकानी पड़ेगी ना भैया 🤨 लगाओ नारा… बहुत हुई महंगाई की ��ार, अगली बार फिर मोदी सरकार 😅🤪
@nitin_gadkari @OfficeOfNG @HardeepSPuri @ArvindKejriwal @BPCLimited @BPCLLPG @IndianOilcl @PetroleumMin @siamindia @HindiKhabar @LiPunjab #EthanolScam #CNG #CNGPriceHike
#CNGमहंगी #महंगाईकीमार #FuelPriceHike #महंगाई #NoE20Petrol #ethanolfreepetrol #StopE20petrol #fuelfreedom #ई20_पेट्रोल #E10 #E20 #E30
चाइना का साइलेंट किलर, अपने आप को बचाए भारतीय
@fssaiindia कृपया जांच करें और ऐसी हर वस्तु पर कठोरता से कार्यवाही करें जो भारत के भविष्य को नष्ट कर रही है
BJP Supported Ex-MP: ₹22,006 Crore
PM CARES ₹8,452 Crore
Electoral Bonds: ₹16,518 Crore
APG Shipyard Loan Scam: ₹22,00 Crore
DHFL Scam: ₹34,615 Crore
% the list goes on....
If you add, it would be more than ₹1,00,000+ Crore but they can't spend few crores for schools.
साढ़े तीन लाख लूटने वाले को मिलकर मारते हो साढ़े तीन लाख करोड़ लूटने वाले को माला पहनाते ह��।
इतना सन्नाटा क्यों है भाई?
अरे आपका मात्र 3.5 (साढ़े तीन लाख) करोड़ ही तो लूटा गया है।
और फिर लूटने वाला भी तो अपना भाई हिंदू हृदय सम्राट महामानव 56 इंची ही है।
तिब्बत से निकल कर नेपाल और फिर भारत में प्रवेश करने वाली भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ से...
नदी के किनारों में निवास करने वाले आम जनमानस का जन-जीवन प्रभावित हो चुका है
और सैकड़ों लोगो के मरने की तथा हजारों के बेघर होने की खबर आई है!
भगवान पशुपतिनाथ जी से प्रार्थना है की इस आपदा और संकट से नेपाल को मुक्ति दें!🧖🏻
आज जो हुआ है, वो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है। ज़ी न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 22 हज़ार करोड़ का लोन ले रखा था। आज सरकार ने उसे महज 6 करोड़ लेकर पूरा लोन माफ़ कर दिया। आपको ये पढ़कर दिमाग में चक��कर आ रहा होगा ना, कि नहीं, ऐसे कैसे हो सकता है? इतना बड़ा तो नहीं हो सकता। ��ो मैं फिर से कह रहा हूँ कि सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का लोन सरकार ने मात्र 6 करोड़ में माफ़ कर दिया, 99 प्रतिशत लोन माफ़ करवा लिया। इसमें LIC समेत कई बैंकों ने कर्ज दिया था। हैरानी की बात है कि LIC और बैंक विरोध करते रहे, लेकिन मोदी सरकार ने सुभाष चंद्रा का लोन माफ़ कर दिया। खैर, ऐसे थोड़े ही पूरा दिन ज़ी न्यूज़ अपने चैनल पर हिंदू-मुस्लिम और सरकार को डिफेंड करता है? उसका एक अमाउंट होता है। लेकिन अमाउंट इतना बड़ा और भयानक होगा, ये हमने भी नहीं सोचा था। सोचिए, ये किसका पैसा था। ये देश की जनता का पैसा था। आपका और हमारा पैसा था। और इन उद्योगपतियों का शातिर खेल देखिए की लोन लो दिवालिया दिखाओ और फिर माफ़ करवा लो। 22 हज़ार में ज़ीरो गिनते रहिए आप। 22 हज़ार करोड़ माफ़ करवा लिया। आम गरीब एक दवा के पत्ते के लिए भीख माँगता है, तिल-तिल कर मरता है, 5 किलो राशन पर पूरा देश जीता है। लोग परेशान हैं, उनके पास रोजगार नहीं है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। युवा ऑफिसों के बाहर रोजगार के लिए वॉचमैन से धक्के खाता है। लेकिन मोदी सरकार ने एक मिनट में 22 हज़ार करोड़ माफ़ कर दिया। आपको क्या लगता है कि चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ ऐसे ही माफ़ हो गया? बदले में चंद्रा ने भाजपा को पार्टी फंड में मोटा माल दिया होगा। ऐसे थोड़े ही भाजपा के बैंक अकाउंट में 15 हज़ार करोड़ जमा हैं और देश के हर जिले में 5 स्टार महल हैं पार्टी ऑफिस के रूप में। ये अंग्रेजों से भी बड़ी लूट है। कोई इस तरह से देश कैसे लूट सकता है? आप घर या बैंक की एक किस्त नहीं भरेंगे तो बैंक आपको बेइज्जत करता है, पुलिस लेकर आता है। लेकिन इन लुटेरों का खेल देखिए। लोगों को धार्मिक और देशभक्ति के नारों में उलझाकर ऐसे बहुत से घपले-घोटाले पिछले 12 सालों में हुए हैं।
एक मिडिल क्लास व्यक्ति एक-दो महीने का सिर्फ EMI ही मिस कर दें, लाठी-डंडे-गाली के साथ उसके घर गुंडे बैंक वाले आ जाते हैं.
और इधर मोदी जी के खास आदमी और पूर्व BJP सांसद Zee TV वाले सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का लोन सेटल हो गया सिर्फ 6.5 करोड़ में।
वापसी तय हुई: सिर्फ़ 0.03%
उनका बाकी का कर्ज माफ कर दिया जाएगा और वो अब आराम की जिंदगी जियेंगे।
सबसे बड़ी मार: LIC और जनता की जेब पर!
LIC Housing Finance : ₹1,322 क���ोड़ के दावे के बदले मिलेंगे महज़ ₹38 लाख!
इस भारी नुकसान का 55% बोझ आम लोगों पर पड़ेगा।
45% नुकसान अकेले LIC सहेगी—यानी सीधे तौर पर देश के Taxpayers का पैसा डूबा!
Subhash Chandra Settles Rs 22,000 Crore Debt for Rs 6.5 Crore in Court Approval