दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ में अपने अद्वितीय अभिनय से घर-घर में बसे पंकज धीर अब हमारे बीच नहीं रहे।‘कर्ण’ के रूप में उन्होंने अभिनय नहीं, इतिहास रचा था।उनकी अमर छवि ‘कर्मयोग’, ‘चाणक्य’ जैसे धारावाहिकों में भी झलकती रही।
On Vijaya Dashami, a hundred years ago, the RSS was born with the aim of working towards serving society and nation building. Over a hundred years, innumerable Swayamsevaks devoted their lives towards fulfilling this vision. Here are my thoughts.
https://t.co/2lBUxAOQKM
हनुमत मंडल कार्यशाला...
12/09/2025...
नगर के लोकप्रिय विधायक मंत्री आदरणीय कपिल देव अग्रवाल जी.. चेयरपर्सन श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप जी... जिला उपाध्���क्ष श्री संजय गर्ग जी व मंडल प्रभारी श्रीमती गीता जैन जी का मार्गदर्शन...🙏🇮🇳
@KapilDevBjp
@VImvinit007 @SHIV3333_ @RekhaVe32740384
निर्माणाधीन टॉयट्रेन... पानी वाली नाव आदि स्थानों का निरीक्षण कर योगा केंद्र में उपस्थित लोगों का हाल-चाल जानकर वहां की व्यवस्था को और अधिक सुंदर बनाने के लिए आश्वासन दिया...
😊���👌👌
@KapilDevBjp @RekhaVe32740384 @SHIV3333_ @RekhaVe32740384
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी, इस बार सुप्रीम कोर्ट के CJI पर, CJI के बयान हर सनातनी आहट है, उम्मीद करेंगे उसके बाद अन्य बाबा/संत/कथावाचक भी मैदान में उतर कर CJI के बयान पर अपनी बात कहेंगे, अनिरुद्धाचार्य महाराज को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है
टीआरपी का जमाना है, टीआरपी की मारामारी है।
समाज में अपराधियों की टीआरपी अधिक है,
पत्नी की कम है प्रेमिकाओं की ज्यादा है,जनता की कम नेताओं की ज्यादा है ,लेखकों की तुलना में जिन्दाबाद करने वालो की है।
जिसकी है टीआरपी
उसका ऊंचा खेल
उसकी ऊंची सेल है
उनकी कुर्सी,जेल ।
- अरुणेश मिश्र
Congratulations to Thiru Rajinikanth Ji on completing 50 glorious years in the world of cinema. His journey has been iconic, with his diverse roles having left a lasting impact on the minds of people across generations. Wishing him continued success and good health in the times to come.
@rajinikanth
एक वोट बैंक को खुश करने के लिए मुझे सजा दी गई
मैने सालों त�� जिस कुख्यात माफिया के खिलाफ दिन रात संघर्ष किया उसने मेरी 7 दिन में दुनिया उजाड़ दी मेरा पति छीन लिया मुझे डर के साए में ढकेलने की कोशिश की जब मै तब नहीं ��ुकी तो अब क्यों सच बोलने से हार मान लूं ?
भारत आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से देश के बंटवारे की त्रासदी को याद कर रहा है। यह हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान असंख्य लोगों द्वारा झेले गए दुख और पीड़ा को स्मरण करने का दिन है। यह दिन उनके साहस और आत्मबल को सम्मान देने का भी अवसर है। इन्होंने अकल्पनीय कष्ट सहने के बाद भी एक नई शुरुआत करने का साहस दिखाया। विभाजन से प्रभावित ज्यादातर लोगों ने ना सिर्फ अपने जीवन को फिर से संवारा, बल्कि असाधारण उपलब्धियां भी हासिल कीं। यह दिन हमें अपनी उस जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है कि हम सौहार्द और एकता की भावना को सुदृढ़ बनाए रखें, जो हमारे देश को एक सूत्र में पिरोकर रखती है।
#PartitionHorrorsRemembranceDay