सुल्तानपुर
अवधी के मशहूर गायक संजय ��दुवंशी के घर पुलिस का छापा, नहीं मिले सिंगर
सुल्तानपुर में अवधी के सबसे मशहूर गायक और यूट्यूबर संजय यदुवंशी के घर पुलिस ने आधी रात छापा मारा।
पुलिस के मुताबिक संजय कई मामलों में वांछित चल रहे हैं। नगर कोतवाली और धम्मौर थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज हैं। छापे के दौरान संजय घर पर नहीं मिले।
छापे के दौरान पुलिस और संजय के परिवार के बीच नोंकझोंक की भी खबर है। वहीं संजय यदुवंशी ने फेसबुक पर सवाल उठाया है कि आखिर मामला क्या है, वारंट कहां है, क्यों एक सिंगर को अपराधी बनाया जा रहा है। संजय यदुवंशी का घर धम्मौर थाना क्षेत्र में है।
#sultanpur
जैसे सत्ताधारी, वैसे अधिकारी!
नैतिकता की सीमा लांघकर, निजता का अतिक्रमण करनेवाली उप्र सरकार की पुलिस का ये ‘अपशब्द वचनीय मौखिक शारीरिक व्यवहार’ किससे प्रेरित है, ये सब जानते हैं।
अब पुलिस का ये ही कहना बाक़ी है कि ‘हम किसी नियम-क़ानून को मानने के मूड में नहीं ह��।
ज्ञानेश कुमार के घर का शुद्धिकरण किया जा रहा है, क्यों किया जा रहा है देख लो
वैसे ज्ञानेश कुमार जी शुद्धिकरण तो हम लोग करेंगे तुम्हारा इस्तीफा लेके।
इनकी मानसिकता देखो कितनी गिरी....Read News
@sultanpurpolice धम्मौर थाना के SHO शराब पीके ,चारदीवारी कूदकर, गाली गलौज देकर, रात 12 बजे विवेचना करते हैं |
ऐसा कौन सा मुकदमा है मेरे ऊपर ?
किसकी हत्या किसका अपहरण किया है ? अगर इस SHO को निलंबित नहीं किया गया, लखनऊ में धरना दूंगा 🙏
@Uppolice@CMOfficeUP@sultanpurpolice
संविधान और आरक्षण के लिए BJP सबसे बड़ा ख़तरा है।
BJP ने आरक्षण ख़त्म करने को लेकर फिर से मुहिम तेज कर दी है।
इस कोशिश को नाकाम करना ही होगा।
69 हज़ार शिक्षक भर्ती में योगी सरकार ने पिछड़ों का हक़ मा��ा है।
सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
ऐसे तमाम मुद्दों पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. @yadavakhilesh जी से विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ‘आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने ��र ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ���आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने पर ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती ��ा आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ‘आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने ��र ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्री हर्ष दुबे जी के साथ आज लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों एवं ���नकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री जी से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
@BJP4India
@BJP4UP
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज प्रदेश में चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। आमजन को किसी भी प्रकार से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
जून एवं जुलाई म���ं चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है, जिसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन प्रारंभ किया जाए।
UGC के समर्थन के लिए बेगूसराय में छात्रों का बड़ा आंदोलन!
विश्वविद्या���य और कॉलेज के छात्र संगठनों ने UGC के नए गाइडलाइंस के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया !
#UGC_लागू_करो