तुलछाराम जी जाखड़ का पहाड़ा ओर गणित के बड़े बड़े पटवारी फेल जमीन नापने के बारे में एक बार सबको ये वीडियो देखना चाहिए जयपुर राज्यपाल महोदय के सामने पदमश्री पुरस्कार का दावेदार दादा जी तुलछाराम जी जाखड़ नागौर 🚩🙏
#केसरिया_बालम" और #गदर (#Gadar: Ek Prem Katha)
फिल्म के संगीत की मूल धुन पारंपरिक राजस्थानी मांड शैली पर आधारित है।
फिल्म गदर के लिए संगीत उत्तम सिंह (Uttam Singh) ने तैयार किया था,
जबकि फिल्म के गानों में इस्तेमाल की गई पारंपरिक लोक धुनों और प्रेरणा का श्रेय राजस्थान के स्थानीय लोक कलाकारों (जैसे जैसलमेर-जयपुर के पारंपरिक सारंगी/रावणहत्था वादक जैसे #हरिराम जी) को दिया जाता है,
जिनकी पारंपरिक राजस्थानी लोक धुनों से प्रेरणा लेकर फिल्म के संगीत को गढ़ा गया था।
अब न दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत, न लाइनों का झंझट और न ही बिचौलियों की कोई चिंता। बस WhatsApp नंबर 94610 62705 पर संदेश भेजिए और निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र सहित अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे, कुछ ही क्लिक में उठाइए।
डिजिटल राजस्थान के माध्यम से हमारी सरकार सुशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाते हुए सरकारी सेवाओं को हर नागरिक तक सहजता से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
'राजस्थान की बेटी' अरुंधति चौधरी जी को ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 70 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
आपकी यह स्वर्णिम सफलता प्रदेश सहित पूरे देश को गौरवान्वित करने वाली है। आपका यह समर्पण और कड़ी मेहनत देश की युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
आपके उज्ज्वल भविष्य और आगामी अभियानों के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं!
#Cheer4Bharat #CWG2026
सत्ता पक्ष के 240 सांसदों को साइड कर दिया जाए…
तो बाक़ी बचे हुए लगभग 300 सांसदों में से…
क्या कोई एक भी ऐसा सांसद हैं…
जो हनुमान बेनीवाल की तरह कार्यरत हो…??
सड़क से लेकर संसद तक…
पाँच साल चौबीस घंटे लगातार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कहा जाता है कि 18 घंटे काम करते है, कभी छुट्टी नहीं लेते…
उनकी हक़ीक़त तो हमें नहीं पता…
लेकिन हनुमान बेनीवाल को हम अपनी आँखों के सामने देखते है
18 घंटे नहीं चौबीसों घंटे…
और मजाल है कभी किसी ने बेनीवाल को छुट्टी मनाते या घूमने जाते हुए देखा हो…
आपको एक फ़ोटो या विडियो तक नहीं मिलेगा घूमते हुए या छुट्टी मनाते हुए का…!!
और संसद का कोई ऐसा सत्र नहीं रहा होगा…
जहाँ घंटों पूरे सदन को सुनने के बाद…
अपने हिस्से के 2-3 मिनट के समय का पूरा utilisation ना किया हो…!!
ऐसा दूसरा कोई सांसद हो तो ज़रूर बताइएगा…!!
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीतने पर मुरली श्रीशंकर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
#CWG2026
हनुमान बेनीवाल जैसी दमदार और आक्रामक भाषण शैली आज न भाजपा में आसानी से दिखती है, न कांग्रेस में।
अगर भाजपा के पास ऐसा वक्ता होता तो विपक्ष को जवाब देना मुश्किल हो जाता, और कांग्रेस के पास होता तो सत्ता पक्ष पर लगातार भारी पड़ता...
ऐसी खबरों को मोटिवेशन के रूप मे लिया करो ,मुझे लगता है ज़्यादा ज़ोर लगाना चाहिए जब एग्जाम से पहले ऐसी खबरें आती है यह बड़े अवसर होते है इनको खोना मूर्खता है अच्छे से करो सब हो जाएगा
डॉ धीर सिंह धाभाई
#rpsc
लगे रहो,BJP की दमनकारी नीतियों से राजस्थान का जवान किसान डरने वाला नहीं है !
हनुमान सेना राजस्थान की जनता की आवाज दिल्ली तक जरूर पहुंचाएगी!!
#राजस्थान_में_आपातकाल@hanumanbeniwal
समय बदल रहा है, और उसके साथ मनुष्य का अवचेतन भी।
एक समय था जब गाँव में किसी के घर शादी होती थी, तो पूरा गाँव परिवार बनकर खड़ा हो जाता था। दुख किसी एक का नहीं होता था, और खुशी भी सबकी होती थी। रिश्ते किसी सुविधा का साधन नहीं, जीवन का सहारा होते थे।
लेकिन धीरे-धीरे हमने सुविधा को संबंधों से बड़ा बना दिया। आज साथ चलने वाला, बात सुनने वाला, शादी में बैठने वाला, खरीदारी करने वाला, यहाँ तक कि हँसने-बोलने वाला साथी भी किराए पर उपलब्ध है।
यह केवल एक व्यापार नहीं है, यह हमारे समय का मनोवैज्ञानिक संकेत है।
हमारे आसपास लोग पहले से अधिक हैं, लेकिन अपनापन पहले से कम है। संपर्क (Contact) बढ़ा है, पर संबंध (Connection) घटा है। हम शुकून को बाज़ार में खोज रहे हैं, जबकि वह कभी रिश्तों की गर्माहट में मिला करता था।
शायद यह सही है या गलत, यह समय तय करेगा। लेकिन इतना निश्चित है कि यदि संवेदनाएँ, आत्मीयता और मानवीय जुड़ाव इसी तरह कम होते रहे, तो आने वाली पीढ़ियाँ सुविधा से भरपूर होंगी, पर भीतर से कहीं अधिक अकेली।
मशीनें हमारा काम कर सकती हैं,
लेकिन हमारे रिश्तों की जगह नहीं ले सकतीं।
और जिस दिन रिश्ते भी पूरी तरह सेवाओं में बदल गए, उस दिन मनुष्य तकनीकी रूप से सबसे विकसित, लेकिन भावनात्मक रूप से सबसे गरीब प्राणी होगा।
डॉ. धीर सिंह धाभाई
#रिश्ते #समय #service