@DrAshokJat@BhajanlalBjp@arvindchotia@alokrajRSSB समस्त वे स्कूल जिनमें प्रिंसिपल और व्याख्याता के पद स्वीकृत होना बाकी है उनमें पदों का सृजन किया जाए और प्रिंसिपल पदों की डीपीसी जल्द से जल्द वाईस प्रिंसिपल का स्टे हटवा कर पूरी की जाए।
@Modified_Hindu9 भाई तू क्या कर रहा है जा वहां पर दूसरों को भड़काने के बजाय और वीडियो बनाकर भेज भी दिया रोक भी तो सकता था । मुझे तो ते��े अंदर ही ताकत लग रही है बाकी सब कमजोर है। दिखा अपनी ताकत
संविधान लागू होने से पहले दलितों को नौकरियां नही मिलती थी, इनको कोई पढ़ाता भी नही था..!
बाबा साहेब ने दिन रात अथक मेहनत करके आरक्षण दिलाया और आज आपको आरक्षण के बल पर नौकरी लग गई लेकिन उनकी एक फोटो के लिए आपके घर में जगह नही ��ै.
ऐसे मुर्ख SC ST& OBC के लोग देवताओ का कमाल बताते है । संविधान लागू होने से पहले इनके पूर्वज जंगल में निवास करते थे, गांव के बाहर जलालत भरी जिंदगी जीते थे, गुलामी किया करते थे.
सरकारी नौकरी लगने के बाद दो पैसे जेब में आ गयें तो कुछ लोग अपने ही बेरोजगार भाईयों को घृणा की दृष्टि से देखने लग गयें और साथ में बाबा साहेब को भी!
अपने आप को बामण समझने लग गयें और ऊँची जाति के सेवाभाव में लग गयें, मंदिरो में द���न करने लग गयें!
और अपने आप को पढ़ा लिखा कहते है ऐसे लोग ही दोबारा से गले में हांड़ी और पिछे झाड़ू बंधवाने और आरक्षण हटवाने को तत्पर है।
ये निम्नलिखित बातें उन सरकारी कर्मचारियों के लिये हैं जो आरक्षण के बल पर नौकरी लगकर अब बाबा साहेब को नही मानते और अपने घर में देवी देवताओ की फोटो लगाये हुये है और अपने समाज के गरीब लोगो और उनके बच्चों को हीन दृष्टि से देखते है और मनुवादी प्रवृति और सवर्णों के गुलाम है । ऐसे लोग ही बहुजन समाज पर बोझ है।
ऐसे लोग ही बाबा साहेब और उनके मिशनरियों की बुराई करते है ।
ऐसे लोग ही बहुजन समाज में फूट ड़ालने का काम करते है । और सवर्ण समाज को ज्ञानी और अमीर बनाने का काम करते है । और अपने समाज को कमजोर और अज्ञानी..!
@DrLaxman_Yadav