दिल्ली में साक्षी की बेरहम हत्या.
साहिल के हाथ में कलावा क्यों?
क्या उसने अपना मज़हब छुपाया?
क्या ये लव जिहाद का मामला है?
वो सरे आम चाकू मारता रहा.
वहाँ से गुज़रते लोग देखते रहे.
क्या उनको एक बेबस बेटी की चीखें सुनाई नहीं दी?
किसी ने रोका क्यों नहीं? क्या हो गया है हमारे समाज को?
#AajKiBaat आज रात 9 बजे India TV पर
https://t.co/CaNcab3dqR
So it will take a 33% women reservation/quota for women of India to reach the parliament.
Given the schemes for girls right from primary education to college admissions, I wish they could become a parliamentarian on merits rather & not because of their gender.
#HistoricSession
*आसाम के एक मंत्री का सबसे ☝☝ छोटा भाषण, जिसमे उन्होने बिना लाग लपेटके सब कुछ समझा दिया!*
*सोचिये...समझिये...* *और अपनी contact लिस्ट में सबको भेजिए...* *अपने व्यक्तिगत क्षेत्र में, प्रभाव क्षेत्र में, लोगों को जागृत कीजिये...खत्म होने से पहले...*
रोंगटे खड़े हो जाते है
जब सम्भाजी महाराज की
39 दिनो की यातना पढ़ते है😢
मुस्लिम धर्म ना अपनाने पर
पहले दिन
नाखून उखाड़े
अगले दिन दाँत तोड़े
तीसरे दिन उंगलियां काटी
चौथे दिन कान काटे
5वें दिन आँख फोड़ी...
39वे दिन गर्दन कटवा ली
कैसी वीरता रही होगी?
ऐसे सनातनी
योगीयोद्धा
को नमन🙏
६ अगस्त १९९९ । त्रिपुरा। संघ के चार प्रचारकों - श्री श्यामल कान्ति सेनगुप्ता, श्री दिनेंद्रनाथ डे, श्री सुधामय दत्त और श्री शुभंकर चक्रवर्ती को बैप्टिस्ट चर्च और वामपंथियों के इशारे पर अगवा कर लिया गया। जुलाई २००१ में, दो साल तक यातनायें देने के बाद उनकी नृशंस ह्त्या कर दी गई।
💪💪अगर दम हो तो इस भाई जैसा हो,, एक क्रिश्चियन स्कूल में छात्रों को माथे पर टीका और हाथ में कलावा पहनकर स्कूल में आने नहीं दे रहे थे*
फिर हमारे शेर ने स्कूल में एंट्री मारी "नमन"है इस भाई को 🙏🚩
*फिल्म जरूर देखे रामलला के लिए किए गए 500 साल के संघर्ष और राम मंदिर निर्माण की कहानी खूबसूरती से दिखाया गया है यह 12 मिनट 41 सेकंड की विडियो को फेमस टीवी सीरियल चाणक्य के चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने बनाया है। डा. द्विवेदी ने अपनी फिल्म 'श्रीराम जन्मभूमि की विजयगाथा' में 1528 ई. से
“नूपुर शर्मा की वजह से उदयपुर की घटना हुई: सुप्रीम कोर्ट.”
मैं समझता हूँ माननीय उच्चतम न्यायालय का ये वक्तव्य नूपुर शर्मा के विरुद्ध भावनाएँ भड़का सकता है, उनकी जान ख़तरे में पड़ सकती है.
जूडिशीएरी भी शब्द सम्पादित किए बिना बोलने लग जाए, तो निस्संदेह हम कठिन समय से गुजर रहे है!
@TheAmitLakhani@FBDPolice Presenting a Insensitive tweet towards #Males
Public officers needs 2 b neutral & stay away from biased view.
What will be the result of investigation performed with a biased mindset?