India and Pakistan have today worked out an understanding on stoppage of firing and military action.
India has consistently maintained a firm and uncompromising stance against terrorism in all its forms and manifestations. It will continue to do so.
संघर्ष जारी है ….🔥🔥🔥
न रुके थे न रुकेंगे जीतने तक संघर्ष जारी रहेगा।
हम पिछड़े दलित है हमको पता पर हम कमेरा वर्ग से भी है संघर्ष करने में कभी पीछे नहीं रहते!!
और जब हक की बात हो डट कर मुक़ाबला करते है।
आज माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री जी और बेसिक के सभी उच्च अधिकारियों के साथ बैठक पर 69000 शिक्षक भर्ती की सुनवाई पर लेट लतीफी के बारे में अवगत कराया और समाधान पर भी चर्चा हुई!
माननीय मंत्री जी ने भरोसा दिया की विभाग पैरवी में तेज़ी लाएगा और जल्द मामले का निपटारा कराएगा!
पर सबकुछ कल सामने होगा देखते है क्या पैरवी कल की सुनवाई में विभाग की तरफ़ से होती है ?
यदि किसी तरह लापरवाही हुई तो फिर माननीय मंत्री के आवास पर सभी पिछड़े दलित अभ्यर्थी पहुंचेंगे!!
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
@pallavi_apnadal धन्यवाद दीदी, आपने फिर एक बार 69000 शिक्षकभर्ती के 6800आरक्षण पीड़ितों की आवाज़ बुलंद की! मौजूदा उ•प्र• सरकार पीड़ितों के संघर्ष को कुचलने के प्रयास कर रही है, 6800पीड़ित NCBC,हाइकोर्ट,डबल बेंच से जीते @myogiadityanath जी ने 6800 दिया था
प्रेस नोट-:
69000 शिक्षक भर्ती मामले में एक बार फिर अभ्यर्थियों का आंदोलन होगा शुरू
गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व लखनऊ पहुंचेंगे लगभग 6 हजार अभ्यर्थी
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में एक बार फिर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने आंदोलन का आह्वान किया है यह आंदोलन गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व 25 जनवरी से शुरू होगा। इस आंदोलन में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों से 6000 से अधिक महिला व पुरुष अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह जनकारी अभ्यर्थियों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने दी।
अमरेंद्र पटेल का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया था और सरकार को तीन महीने के अंदर फैसले का पालन किए जाने का आदेश दिया था। लेकिन सरकार की लापरवाही की वजह से अभी तक फैसला का पालन नहीं हो सका और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार अपना पक्ष रखने में देरी कर रही है जिसकी वजह से मामला लटकता चला जा रहा है।
25 जनवरी के आंदोलन के माध्यम से हम सरकार से यही मांग करेंगे कि वह सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द सुनवाई कराये और मामले को निस्तारित करें। क्योंकि हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पिछले 4 साल से दर-दर की ठोकर खा रहे हैं और मानसिक अवसाद से गुजर हैं।
अमरेन्द्र पटेल
7668960566
यूपी में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती का मामला साढ़े पांच साल बाद भी अदालती चक्कर से नहीं निकल पाया। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होनी है सुनवाई। जानिए याचिकाकर्ताओं ने क्या गुहार लगाई?
#SupremeCourt#ReporterDiary (@sanjoomewati)
हम जिस सामाजिक लड़ाई को पिछले 4 साल से लड़ रहे है ,उस लड़ाई को जन जन तक पहुंचाना हम सब का दायित्व है ।हम जिस तरह से 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले के शिकार अभ्यर्थी लगातार अपनी आवाज उठा रहे मगर हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद भी हम लोग नियुक्ति नहीं पा सके !आज हमने और हमारे कुछ संघर्ष के साथियों के साथ पहुंच कर फतेपुर में एक सामाजिक कार्यक्रम में अपने साथ हुए अन्याय को जन जन तक पहुँचाने का काम किया और आज यहाँ सामने बैठे आये हुए समाज के लोगो से जो प्रतिक्रिया आ रही थी उससे यही मालूम हुआ की 69000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण घोटाला जन जन तक पहुँच चुका है ।हमे उम्मीद है समाज जरूर जुड़ेगा और हमारी आवाज बनेगा ।आज समाज जानता है हम पिछड़े दलित वर्ग को किस तरह बांट कर हक लूटा जा रहा ।हमे आपस में लड़ा कर वोट लिया जाता और वोट लेकर हमे कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती ।मगर आज खुशी है देर ही सही समाज तक बात पहुँच रही है…हम लड़ेंगे जीतेंगे
#69000_शिक्षक_भर्ती
@BhimArmyChief
धन्यवाद हम 69,000 शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों की मुखर संरक्षक और समय समय पर मजबूती से आवाज उठाने वाली दीदी माननीय अनुप्रिया पटेल जी ।🙏🙏🙏
ये बात जरूर सच है की हमारा मामला आज लंबे समय से इस सबका साथ सबका विकाश कहने वाली सरकार से न्याय के लिए इंतज़ार कर रहा है……..
वही इस 69,000 शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी ही न्याय का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं बल्कि पूरे प्रदेश के हर गांव शहर के पिछड़े दलित इस इंतज़ार में बैठे हैं कि सरकार कब इनको नियुक्ति देगी….
अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया और सरकार अब पिछड़े दलित वर्ग के लिए कुछ करना चाहती है तो सरकार को जल्द वकीलों का बड़ा पैनल उतार कर मामले का जल्द हल कराना चाहिए क्योंकि इस पूरे प्रकरण में आरक्षित वर्ग ही है जो लगातार 4 सालों से संघर्ष कर रहा है और बेरोज़गार है,जो अब जो सामान्य वर्ग के लोग मामले को लटकाना चाहते वो चार साल से नौकरी कर रहे।
अब भी सरकार पिछड़े दलित वर्ग का हित चाहे तो तत्काल कोई योजना के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुचे और हम सब को न्याय दिलाए.
दीदी अनुप्रिया पटेल जी आप सरकार में शामिल होते हुए आपने सरकार को बार बार याद दिलाया परंतु मामले का हल नहीं हुआ हम सब अभ्यर्थियों द्वारा यही निवेदन है दीदी अब सार्थक और ठोस कदम उठाने का समय आ गया है जिससे हम सभी के लिए जल्द न्याय हो सके क्योंकि इस न्याय की आश हम पीड़ित को ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को है
हमे उम्मीद है जहाँ अब मामला देश की सर्वोच्च अदालत में है वहाँ अब आप और सजकता से और मजबूती के साथ सरकार से हमारी पैरवी कराएँगी जिससे न्याय मिल सके ।
वही सरकार में शामिल अन्य सभी पिछड़े दलित वर्ग के मंत्री विधायक जो अभी मौन है उन सभी को याद रहे 69000शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले की इस लड़ाई को केवल हमारी लड़ाई न समझे बल्कि इसका बहुत व्यापक होगा …
मूक दर्शक न बने साथ दे ये लड़ाई बहुत नाजुक मोड़ पर है -
“जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है”
ये लाइन तो सभी ने सुना होगा
सभी का साथ चाहिए
एक बार फिर धन्यवाद दीदी अनुप्रिया पटेल जी को उम्मीद ही नहीं भरोसा है आप कभी साथ नहीं छोड़ेंगी ।🙏🙏
@AnupriyaSPatel@ErAshishSPatel@kpmaurya1@myogiadityanath@narendramodi@swatantrabjp@oprajbhar@yadavakhilesh@RahulGandhi@priyankagandhi@AmitShah
इन खोखले वादों से न तो इस मामले का हल होगा और न ही किसी पिछड़े, दलित वर्ग के अभ्यर्थी को न्याय मिल पायेगा।
दीदी @AnupriyaSPatel जी आपकी लाख कोशिशों के बाद भी ये सरकार हमें न्याय नहीं देना चाहती।लात मारिए ऐसी सत्ता को और खुलकर अपने भाइयों बहनों के साथ कोर्ट में लड़कर न्याय दिलाओ।
इनके और इनके आका दोनों की गर्मी निकलेंगे
तैयारी दमदार हम लोग भगवा लाल पीली नीली काली सब टोपी वाले है ।
सरकार जनरल से मिलकर लड़ाई लड़ रही है पिछड़े दलितों से ।
ये हमको न बताओ पाड़े हमको पता है
फिर भी हम जीतेंगे ।
बहुजन बहुत ताक़त वर है ।
अब फोटो नहीं खिचवा पाएंगे पाड़े
जी
@kpmaurya1@myogiadityanath@narendramodi
प्रिय शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों
69000 शिक्षक भर्ती मामले में आप बरसते पानी में उनके सामने अपना स्वास्थ्य ख़राब न करें, जिनकी आँख का पानी मर चुका है।
सच तो ये है कि भाजपा न पहले नौकरी देने के पक्ष में थी, न अब है। नयी सूची निकालने में देरी, दरअसल प्रभावित होने वाले दोनों पक्षों के साथ एक छल है। इससे चयनित होने वाले अभ्यर्थियों के साथ ही, जो निकाले जाएँगे उन सबका भी मानसिक उत्पीड़न निरंतर बढ़ रहा है।
आप दोनों पक्ष ये मानकर चलें कि ये सरकार किसी के साथ भी न्याय नहीं करनेवाली। कुरेद-कुरेदकर दूसरों की कमियाँ ढूँढकर बुलडोज़र चलवाने वाले भाजपाई अपनी सरकार की इतनी बड़ी धांधली के लिए किसका घर गिरवाएंगे?
आप देखियेगा ये नियुक्तियाँ या तो सरकार की तरफ़ से हीलाहवाली से लड़े जानेवाले मुक़दमों शिकार हो जाएँगी या फिर लालफ़ीताशाही का।
जिनका जीवन दान-चंदे व भ्रष्टाचार के बल पर चलता हो, वो क्या जानें कि एक घर-परिवार के लिए हर महीने मिलनेवाले ईमानदारी से कमाए वेतन का क्या महत्व है।
एक बार फिर निवेदन है कि आप अपने घर, परिवार, माता-पिता, बच्चों व जनता को अपने साथ लेकर ये संघर्ष करें, जिससे शायद इन हृदयहीन-असंवेदनशील भाजपाइयों में ये डर पैदा हो कि वो जहाँ जाएंगे, वहाँ उन्हें विरोध झेलना पड़ेगा, तो हो सकता है, वो कूटनीति छोड़कर सच में दोनों पक्षों को नौकरी दे पायें। यही सच्चा और सही इंसाफ़ होगा। ध्यान रखें कि भाजपा सरकार दोनों पक्षों को आमने-सामने करके, आपके आंदोलन को अंदर से कमज़ोर करने व तोड़ने की अपनी परंपरागत नीति में सफल न हो।
इसलिए सलाह है कि एक नयी तरह की एकजुटता दिखाएं और सफलता पाएं!
ऐसे लोगों से उम्मीद रखना बेमानी है
‘जिनकी’ आँख का मर गया पानी है
आपके संघर्ष में आपके साथ!
आपका
अखिलेश
#69हजार_शिक्षकभर्ती
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
उत्तर प्रदेश में यह दृश्य युवाओं का नसीब बन गया है। आज लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को पुलिस उठा ले गई।
इस भर्ती में भाजपा सरकार ने घोटाला किया और हजारों पिछड़े युवाओं का हक मार लिया। युवाओं ने प्रदर्शन किए, लाठियां खाईं और अंत में कोर्ट में भी साबित हुआ कि युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।
अब कोर्ट के आदेश के बाद भी नई संशोधित सूची जारी नहीं की जा रही है और प्रदेश के हजारों युवा अब भी प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
अभ्यर्थियों पर सिपाही ने चलाई लाठी तो कांस्टेबल की गर्दन पकड़कर ले गए दरोगा
यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी कर रहे हैं प्रदर्शन
#UttarPradesh#TeacherRecruitmentCase
अभ्यर्थियों पर सिपाही ने चलाई लाठी तो कांस्टेबल की गर्दन पकड़कर ले गए दरोगा
यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी कर रहे हैं प्रदर्शन
#UttarPradesh#TeacherRecruitmentCase