राजस्थान संपर्क पोर्टल परिवाद नंबर: 022604125693545
21 जनवरी 2026 को राजस्थान संवाद द्वारा शाम 7.41 बजे मेरे पास मेल आया कि 22/01/2026 के अंक मे वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा भेजा गया विज्ञापन प्रकाशित करना है। 22 जनवरी को आयुष अंतिमा के दैनिक अंक मे भेजा गया विज्ञापन प्रकाशित कर दिया गया। जब रिलीज ऑर्डर भेजा गया तो उसमे 14.40 रुपये (DIPR रेट) दिया गया है, जबकि मेरा दैनिक समाचार पत्र DIPR द्वारा विज्ञापनों हेतु स्वीकृत ही नहीं है। इस हिसाब से मुझे फिक्स रेट पर विज्ञापन मिलना चाहिए जबकि मुझे 360.00 रुपये का रिलीज ऑर्डर भेजा गया है।
ये परिवाद मैंने 16 फरवरी 2026 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज करवाया था। 28 अप्रेल 2026 को पोर्टल पर निम्न जवाब दिया जाता है कि
दिनांक 17.01.2026 को राजस्थान संवाद की ईमेल पर वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा कार्यादेश संख्या 373 दिनांक 17.01.2026 आयुष अन्तिमा, राजस्थान दर्शन, दि डेसपरिंग तथा उद्योग आसपास समाचार पत्रों में डीआईपीआर/डीएवीपी दर पर वर्गीकृत विज्ञापन प्रकाशन हेतु भेजा गया। आयुष अन्तिमा समाचार पत्र के साप्ताहिक संस्करण की डीआईपीआर दर अनुमोदित है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के कार्यादेश अनुरूप ही डीआईपीआर दर पर विज्ञापन का कार्यादेश आयुष अन्तिमा के साप्ताहिक संस्करण में प्रकाश हेतु राजस्थान संवाद द्वारा जारी किया गया। कार्यादेश में फिक्स दर का उल्लेख नहीं किया गया है। अतः समाचार पत्र को फिक्स राशि का आरओ जारी नहीं किया जा सकता है।
मै विभाग के इस जवाब से पूर्णतया असंतुष्ट हूँ।
मैंने उसी दिन जवाब दिया कि जैसा कि बताया गया कि 17.01.2026 को राजस्थान संवाद की ईमेल पर वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा कार्यादेश संख्या 373 के अनुसार आपको 22 जनवरी हेतु विज्ञापन प्रकाशन हेतु निर्देशित किया गया था तो आपको जानकारी थी कि 22 जनवरी को आयुष अंतिमा दैनिक का प्रकाशन होता है ओर 21 को साप्ताहिक का ओर साप्ताहिक अंक के प्रकाशन का समय 21 जनवरी, बुधवार था ओर आपने मेल 21 जनवरी, बुधवार को शाम 7.41 बजे की ओर उसमे ऐसा कुछ भी निर्देशित नहीं किया गया था कि ये विज्ञापन किस संस्करण मे लगाना है।
जब मेल ही मुझे प्रकाशन वाले दिन शाम को की गई है तो उसी दिन सुबह के अंक मे विज्ञापन लगाना कैसे संभव था। ऐसी स्थिति मे मैंने वो विज्ञापन दैनिक अंक मे प्रकाशित कर दिया। इसमे विभाग गलत है ओर ठीकरा प्रार्थी पर फोड़ा जा रहा है।
अगर राजस्थान संवाद के पास VMOU, KOTA द्वारा मेल 17 जनवरी को ही भेज दिया गया था तो आपने मुझे देरी से मेल क्यों किया। आप 17 से 20 तारीख तक कहाँ थे। इसमे गलती मेरी कहाँ है, कृपया विभाग के अधिकारी मुझे इसका जवाब दें।
मेरी समस्या का समाधान नहीं हुआ ओर 08 मई को निस्तारण लिखकर मैटर क्लोज़ कर दिया गया, आखिर क्यों ? क्या इस गलती हेतु राजस्थान संवाद के अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। क्या वो अपने उसी पद पर बने रहेंगे।
मै बहुत बहुत बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूँ। मुझे विभाग ओर सीएमओ द्वारा कोई राहत ना मिलने पर मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। @DIPRRajasthan@RajCMO@RajSampark@svoruganti1466@BhajanlalBjp@RajGovOfficial@VasundharaBJP@ashokgehlot51@PMOIndia