पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में पत्थर आखिर आए कहां से?
क्या इस हिंसा की वजह कुछ और था, या इसके पीछे कोई और कारण था?
फिलहाल जांच और गिरफ्तारी तेजगति हो रहा।
ऐसे इस्तीफ़ा नहीं हुआ जी, आज प्रयागराज में लाखों छात्र सिविल लाइंस में एकत्रित हुए थे
वाटर कैनन पर छात्रों का कब्जा हो गया था
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए 🔥💪👏
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
लड़की - भैया बिहार से सम्राट चौधरी को हटा दो उसने अनपढ़ गवार ने हमारे बिहार को बर्बाद कर रखा है
अभिजीत दीपके - मैं बहुत पहले से कह रहा हूं यहां से खत्म करने के बाद मेरा पहला जो इवेंट होगा बिहार के पटना गांधी मैदान में होगा।
देश के छात्रों और हमारी जो मांग थी, उनमें से अभी केवल एक मांग ही पूरी हुई है।
लेकिन 20 जुलाई को छात्रों के साथ जो हिंसा हुई, उसकी जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
• प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए, सिर्फ उस हिंसा के लिए नहीं, बल्कि उन छात्रों के लिए भी जिन्होंने इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई
• कोई भी इस गलतफहमी में न रहे कि यह संघर्ष का अंत है। यह संघर्ष की शुरुआत है। जवाबदेही तय करनी होगी, माफी मांगनी होगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने होंगे
: राज्यसभा सांसद @Pawankhera जी
📍 दिल्ली