बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की जमकर क्लास लगाई है. कोर्ट ने कहा 👇
• SIR ने पूरे सिस्टम को सस्पेंड कर दिया है. कानून भूल जाओ, अब सॉफ्टवेयर फॉलो करो - ऐसा नहीं चल सकता.
• आयोग का काम यह देखना है कि कोई भी मतदाता छूट न जाए. 6 लोग कोर्ट आए हैं, पता नहीं ऐसे और कितने हैं जो नहीं आए.
• मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) सॉफ्टवेयर पर निर्भर नहीं रह सकता. नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार उसके पास होना चाहिए, किसी सॉफ्टवेयर के पास नहीं.
दरअसल, गोवा के सांता क्रूज में एक परिवार के 6 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. उन्होंने पता बदलने के लिए Form 8 भरा था, फिर भी नाम कट गए. इसके बाद परिवार हाई कोर्ट पहुंच गया.
@RahulGandhi सर वोटर की जरूरत ही क्या है, जब EVM है अपने साथ?
इसीलिए किसी को मार सकते हैं, किसी डरा सकते हैं, वोट काट सकते हैं, लोग कुछ भी कहें लेकिन हम तो इस सत्ता में हमेशा के लिए आए हैं और रहेंगे, जब तक EVM है, और साथ में ज्ञानेश भाई जैसे कुत्ते भी हैं।
दिल्ली की BJP सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था।
मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है।
सड़क पर सवाल पूछो - थप्पड़।
पेपर लीक पर सवाल पूछो - लाठी।
संसद में सवाल पूछो - माइक बंद।
ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि इन्हें अब ये डर ही नहीं कि चुनाव इन्हें हटा सकता है। वोट चोरी यही ख़रीदती है - सिर्फ़ नतीजा नहीं, उसके बाद आने वाला अहंकार भी।
जो सरकार जीत को पक्का मान लेती है, उसे आपकी रज़ामंदी नहीं चाहिए - आपकी ख़ामोशी और अंधभक्ति चाहिए।
'मां, मैं जीना चाहता हूं, लेकिन...'
BLO सर्वेश सिंह इस आखिरी वीडियो में वो कितने असहाय नजर आते है, देखकर दिल कांप जाता है।
इस देश में SIR की प्रक्रिया में कई BLO ने अपनी जान दे दी, इन सबके हत्यारे ज्ञानेश कुमार है। ये व्यक्ति कानून से बचना नहीं चाहिए!
ये एक बेहद गंभीर समाचार है कि पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है।
इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और ख़तरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले!
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
18 के हो गए, वोट डालना चाहते हो - लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं है?
ये सब ज्ञानू की वजह है.
दरअसल, चुनाव आयोग हर साल Special Summary Revision (SSR) करता है. इससे नए 18 साल के युवाओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है.
साल 2024 से SSR पर रोक लगा दी गई है. दोनो चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी SSR फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन ज्ञानू मान नहीं रहा.
यूपी और गोवा में अगले साल चुनाव है - लेकिन अड़ियल ज्ञानू SSR को रोके हुए है.
ये रिपोर्ट Economic Times ने की है.
दिल्ली में वोटर लिस्ट से जो नामचीन लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, ये भ्रम फैलाने के लिए है.
कल को कहा जाएगा - देखो इनका नाम भी कटा था.
सब इनकी सेटिंग है, चाल है, साजिश है.
दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।
दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।
अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं।
दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सज़ा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो।
महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।
दिल्ली में 17 साल की लड़की का गैंगरेप करके उसकी लाश को खुले मैदान में फेंक दिया गया
यह बर्बरता और दरिंदगी देश की राजधानी में हुई - और अमित शाह की दिल्ली पुलिस सोती रही
किसी की कोई जवाबदेही नहीं है
मुख्यमंत्री दीप प्रज्वलन में व्यस्त हैं और गृह मंत्री लोकतंत्र का दमन करने में
सत्ता का अहंकार देख लीजिए। जनता ने सड़क क्या मांग ली, 'राजा जी' भड़क गए।
कहने लगे - मेरे सामने ऐसी भाषा का प्रयोग ना करना, मुझसे निवेदन करो।
जनता इनके अहंकार को जल्द ठिकाने लगाएगी।
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
Hello @DelhiPolice@DCP_IFSO.
Here are a few posts by Swatantra Bharadwaj using AI generated images to sexualize Muslim women.
Will you take cognizance of these provocative posts targeting Muslim Women?
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
'आम जनमत पार्टी' नाम की फर्जी पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 620 करोड़ रुपए का चंदा मिला.
इस पार्टी ने चुनाव में सिर्फ 1 कैंडिडेट उतारा. पार्टी की अध्यक्ष BJP की नेता थीं. पार्टी का ऑफिस गुजरात में है.
इसी तरह 2024 में 6 फर्जी पार्टियों को कुल 1700 करोड़ का चंदा मिला जो कि 5 राष्ट्रीय पार्टियों को मिले चंदे से ज्यादा है. ये 6 फर्जी पार्टियों भी गुजरात की हैं.
आप कुछ समझ पा रहे हैं?
पूरे देश से जो पैसा लूटा जा रहा है, वो इस तरह गुजरात में ठिकाने लगाया जा रहा है.
यूपी के अयोध्या में एक परिवार चावल और नमक खाकर जिंदा रहने को मजबूर है.
ये है छठवें नंबर की अर्थव्यवस्था का हाल. 7.8% की फर्जी GDP ग्रोथ का सच.
देखिए शिखर न्यूज की रिपोर्ट ⬇️
सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है
ऐस लोगों से क्या होना इंसाफ़ है
पर अब ये कुछ दिनों की बात है
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है
हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे!
यूपी इस हफ्ते 👇
• राजधानी लखनऊ में हिंदूवादी नेता धीरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की और लाश नहर में फेंक दी.
• बरेली में BJP OBC मोर्चा के उपाध्यक्ष सचिन कश्यप की चाकू से गोदकर हत्या की गई.
• शामली में सिंगर अंकित बालियान की गोलियों से भूनकर हत्या की गई.
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चाय की दुकान पर दलितों को कागज के कप में चाय दी जाती है.
इस बात को सुनकर बहुत से ज्ञानी लोग मजाक बनाने लगे.
असल में इनको ग्रामीण भारत में दलितों के साथ हो रहे भेदभाव की समझ ही नहीं है. ये वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का है.
देखिए👇