मन बहुत होता है बात करने का,लेकिन
अब वो शादीशुदा है,मैं पहल नहीं कर सकता,हां उसके फोटो,सोशल मीडिया अकाउंट व कुछ पुरानी चैट देखकर संतुष्ट हो जाता हूं,लेकिन मन बहुत होता है कि तुझसे बात करूं,माँ बनने की बधाई दूँ,हमेशा एक गिल्ट सा रहता है,माफी भी मांगना चाहता हूं,कर्मा भुगत रहा हूं।
ब्राह्मण सांसद लोकसभा में 80% हैं?
ब्राह्मण सांसद राज्यसभा में 96% हैं?
छत्तीसगढ़ का यह शिक्षक खुलेआम-सरेआम ब्राह्मणों के खिलाफ झूठा नफरत फैला रहा है। झुलेकर कोचिंग राजनांदगाँव के इस टीचर के वीडियो को अब तक 23 लाख लोग देख चुके हैं।
इसका ये झूठ ना तो अभी तक हटवाया गया है ना ही इस पर कोई कार्रवाई की गई है। जबकि ये पूरे आंकड़े झूठे हैं। लोकसभा में 60-70% SC/ST/OBC/माइनॉरिटी हैं।
तृतीय श्रेणी DPC मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई
यह केस सप्लीमेंट्री लिस्ट में 108 में नंबर पर लिस्टेड हुआ है उम्मीद है आज सुनवाई हो जाएगी सरकार से भी अनुरोध है इस मामले में अच्छी पैरवी करवा कर युवाओं को रहत दे।
आपको क्या लगता हैं आज सुनवाई होगी??
जब मेवाड़ यूनिवर्सिटी, OPJS यूनिवर्सिटी, सनराइज यूनिवर्सिटी फर्जी हैं तो इसकी फर्जी डिग्री लेकर लगे लोग आज भी नौकरी कर रहे हैं!
मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी REET 2016, REET 2018 में स्नातक के अंकों को जोड़कर तथा उनके आधार पर मेरिट बनाई गई थी। बहुत सारे फर्जी इन युनिवर्सिटी और अन्य से फर्जी डिग्री लेकर नौकरी लग गए थे जो आज भी नौकरी कर रहे हैं।
आपसे निवेदन हैं युवाओं के सपनों को रौंदने वालों की जांच कर आप युवाओं के साथ न्याय करेंगे..
माननीय मुख्यमंत्री जी एक जांच ये बहुत जरूरी है।।
क्योंकि बहुत सारे लोगों ने 97-98 प्रतिशत की फर्जी डिग्री लगा कर नौकरी लग गए हैं।।
REET 2016 और 2018 की भर्ती प्रक्रियाओं में 70:30 (REET स्कोर/ स्नातक अंक) के अनुपात ने वास्तव में एक ऐसा "लूपहोल" तैयार किया था, जिसका फायदा उठाकर कई लोगों ने बाहरी राज्यों या संदिग्ध विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्रियां हासिल कीं।70/30 का वेटेज था उस समय चयन प्रक्रिया में स्नातक (Graduation) के अंकों को 30% वेटेज दिया गया था। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि जिन अभ्यर्थियों के REET में कम अंक थे, उन्होंने फर्जी तरीके से स्नातक में 90% से अधिक अंक वाली डिग्रियां बनवाईं और वास्तविक रूप से योग्य उम्मीदवारों को मेरिट से बाहर कर दिया।
सभी चयनित अभ्यर्थियों की स्नातक की अंकतालिकाएं और विश्वविद्यालय का नाम एक सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। इससे 'सोशल ऑडिट' संभव हो सकेगा।
बाहरी राज्यों की डिग्रियों का गहन सत्यापन: राजस्थान से बाहर की यूनिवर्सिटीज, विशेषकर जो 'ब्लैकलिस्टेड' या संदिग्ध रही हैं, उनकी डिग्रियों की जांच के लिए विशेष टीमों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाए।
DEEO स्तर पर सख्त निर्देश देकर प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी (DEEO) को पाबंद किया जाए कि वे अपने जिले में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की पुनः जांच करें और संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज कराएं।
जब तक डिग्रियां सार्वजनिक नहीं होंगी, तब तक फर्जीवाड़ा पकड़ना मुश्किल है। यदि सरकार इन आंकड़ों को सार्वजनिक करती है, तो स्थानीय स्तर पर लोग पहचान पाएंगे कि किस व्यक्ति ने कभी कॉलेज देखे बिना ही डिग्री हासिल कर ली।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता केवल एक सिस्टम नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं का हक है जो दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व वाली सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि वे "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए इन पुरानी भर्तियों की भी जांच कराएंगे या इन सबकी डिग्रियां सार्वजनिक करवा दो सब समझ में आ जाएंगे।
फर्जी डिग्री धारकों को सेवा से बाहर करना न केवल न्याय होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी जालसाजी करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश भी होगा।
@BhajanlalBjp@topfans
अधिकारी: कौन जात हो?
किसान: हम पांडे, वो पासी!
अधिकारी: ले चलो इसको, SC वाला लगाओ!
कितने आराम से SC/ST एक्ट प्रसाद जैसा बांटा जा रहा है और मामूली वादविवाद में लगाया जा रहा है, ये वीडियो उसका उत्कृष्ट नमूना है!
ब्राह्मणों ने इस देश में कभी राज ही नहीं किया तो शोषण कैसा? हमारी ख़ामोशी को कमज़ोरी ना समझी जाए हमारी ख़ामोशी को कायरता ना समझें:- नरोत्तम मिश्रा (BJP नेता)
नरोत्तम मिश्रा जैसे बड़े नेताओं का मंच से ये बात कहना अपने आप में बहुत कुछ बताता है………
76 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान नोएडा में रहते थे।
एक पार्क में ADM, उनकी पत्नी और सरकारी गनमैन ने कथित तौर पर कर्नल चौहान की पिटाई की।
इसके बाद उन्होंने कर्नल पर छेड़छाड़ और SC/ST एक्ट के मामले दर्ज कर दिए।
पुलिस ने 76 साल के कर्नल को गिरफ्तार कर Luksar जेल भेज दिया।
पार्क के CCTV फुटेज देखने पर पता चला कि कर्नल चुपचाप बैठे थे, जबकि ADM, उनकी पत्नी और गनमैन ही उन पर हमला कर रहे थे।
तब जिलाधिकारी ने ADM, उनकी पत्नी और बेटे समेत सात लोगों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया, ADM को सस्पेंड किया गया और कर्नल को जमानत मिल गई।
इसीलिए लोग आरोप लगाते हैं कि SC/ST एक्ट का कभी-कभी निजी रंजिश निकालने और निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए दुरुपयोग होता है।
#StopMisuseOfSCSTAct
अमर क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, लेकिन आज उनकी वर्तमान पीढ़ी ठेला लगाकर जीवनयापन करने को मजबूर है।
आर्थिक मदद तो दूर, उन्हें उचित सम्मान तक नहीं मिल रहा।
देश का ऐसा कोई कोना नहीं बचा है
जहाँ UGC नियमों का विरोध न हुआ हो।
दिल्ली से लेकर जम्मू तक लगातार UGC का विरोध किया जा रहा है। यह वीडियो हिमाचल प्रदेश का है।
A Kashmiri Hindu walks through the home she was forced to leave behind due to muslim terrorism 💔💔
No rhetoric. No political speeches. Just the memory of what happened.
Then she says:
“Hindu-Muslim bhai chaara is a beautiful idea for those who never took a bullet.”
That sentence carries years and years of pain.
You say Kashmir files is propaganda