@JaikyYadav16 ये विपिन यादव वही है जिसकी वीडियो पर 2 हजार व्यू भी नहीं आते हैं जबकि सब्सक्राइबर 6M+ है।
बस ये खान सर के नाम पर वीडियो बना बना के व्यूज बटोर रहा है और पब्लिसिटी चाह रहा है
लखनऊ में लेखपाल, दारोगा भर्ती
में गड़बड़ी के खिलाफ हल्ला बोल
UP News: UPSI और लेखपाल भर्ती में कथित गड़बड़ी को लेकर आज छात्रों का हुजूम लखनऊ के इको पार्क में हल्ला बोल रहा है. इस आंदोलन की शुरुआत प्रयागराज से हुई थी, जिसके बाद छात्र अब लखनऊ में विरोध प्रदर���शन कर रहे हैं.
Student Protest | UP Lekhpal | UPSI | Yogi Adityanath | UP News
जब इतने सारे लोग इकट्ठे हो रहे है और ये आवाज उठा रहे है कि #uplekhppal में गड़बड़िया है
तो क्या सरकार को संज्ञान लेकर इस पर कोई जाँच नहीं करनी चाहिए कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ?
@abhijeet_dipke ओ मेरे भाई लखनऊ में लेखपाल परीक्षा धांधली और UPSI शो मार्क्स को लेके धरना प्रदर्शन है।
वहाँ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेके हमारा प्रोटेस्ट नहीं है ये।
लेखपाल परीक्षा जांच के लिए प्रोटेस्ट है।
इसलिए भाई वहां जाके सब गू गोबर एक मत कर देना
व्यक्तिगत रूप से Khan Sir को नहीं जानता पर उन्हें देख सुनकर हमेशा एक सकारात्मक एहसास हुआ। उनके पढ़ाने की शैली और कमज़ोर तबके से आए छात्रों में आत्मविश्वास भरने का उनका तरीक़ा कमाल का है।
आज Khan Sir थोड़ी मुश्किल में हैं। उनपर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं। मैं हक़ी��़त नहीं जनता लेकिन अदालत से पहले किसी को दोषी भी नहीं मानता।
किसी युवा ने अगर कोचिंग में पढ़ाकर सामान्य घरों के बच्चों को सिर्फ़ सरकारी नौकरी पाने में मदद ही नहीं की बल्कि अपनी कमाई से एक अस्पताल भी खोला है तो मैं ऐसे व्यक्ति को क्रिमिनल नहीं मानता। Khan Sir से उन्हें एक रात में Faisal बना देने वाले लोग ऐसा मानने के लिए आज़ाद हैं।
मैं Khan Sir से कहूंगा कि सामने आइये और सामना कीजिये। तपकर कुंदन बने हैं। मानिये कि अग्नि परीक्षा बाक़ी है। छात्र समुदाय को न बंटने दीजिये और न पढ़ाई से उनका ध्यान हटने दीजिये।
पटना और मुंबई नहीं देशभर में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो ये मानते हैं कि समाज के प्रति आपका जो दायित्व है उसके एक बड़े हिस्से का पूरा किया जाना अभी बाक़ी है। आपको रोकने की कोई साज़िश सफ़ल नहीं होगी।
प्रयागराज में छात्रों के पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से रोकना युवाओं के साथ तानाशाही और मेरे संसदीय विशेषाधिकारो का हनन है।
आज मैंने राज्यसभा के मा. सभापति को कार्यवाही हेतु प्रयागराज के ADM सिटी सत्यम मिश्रा के ख़िलाफ़ विशेषाधिकारों के हनन का नोटिस दिया है।
मैं गृह मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति का सदस्य भी हूँ।
जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्ष��� से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा ��ंस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार ह���गा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
जिस देश के @kmrvivek14 जैसे गुरुओं के आँख में आंसू हों,
उस देश का भविष्य अंधकारमय ही होगा,
बिन परिवार और बिन बच्चे वाले क्या जानें कि परिवार की रोजी रोटी और बच्चों का भविष्य क्या होता है,
प्रोफेसर विवेक की गलती सिर्फ इतनी है ��ि
वो 50 हज़ार वाला कोर्स एक हज़ार में क्यों पढ़ाते हैँ,
प्रय���गराज यू पी में तानाशाही चरम पर है बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने तक की इजाजत नहीं पेपर लीक पर बात करने पर प्रशासन रोकने पहुंच गया है।
मोदी योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है विपक्ष को कुचलना चाहती है।
प्रयागराज में छात्रों और युवाओं की आवाज़ उठाने वाले कोचिंग संस्थानों — क्लाइमैक्स, टारगेट विद रवि तिवारी और एग्जामपुर — को बंद क��� दिया गया है। इतना ही नहीं, संस्थानों के बाहर पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है।
सवाल यह है कि क्या युवाओं के भविष्य की बात करना अब अपराध बन गया है, क्या छात्रों के हक की आवाज़ उठाने वालों को दबाकर शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
जो लोग देश को "विश्व गुरु" बनाने का दावा करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि विश्व गुरु बनने का रास्ता शिक्षा के मंदिरों पर ताले लगाने से होकर जाता है या शिक्षा को मजबूत करने से,
युवाओं की मांगों का जवाब संवाद से दिया जाना चाहिए, दमन से नहीं। आवाज़ों को बंद करने से समस्याएँ खत्म नहीं होतीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति अविश्वास और बढ़ता है।
याद रखिए, जब छात्र अपने भविष्य के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएँ, तो सवाल छात्रो��� पर नहीं, व्यवस्था पर उठते हैं।
क्योंकि किताबों से डरने वाली व्यवस्था कभी ज्ञान का नेतृत्व नहीं कर सकती।
#indianmedia #youtubeteachers #students
लेखपाल जैसी अनेक प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक का आरोप लगाकर इलाहाबाद में प्रतियोगी छात्रों का हुजूम सड़कों पर है।
भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार में हर परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं। दूसरों सरकारों पर सीटें बेचने का आरोप लगाने वाले पीएम मोदी के शासन में, जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री के राज में पेपर ह�� बिक जाते हैं।
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के समय के बाद भी पेपर लीक और सॉल्वर गैंग, पेपर लीक स्ट्रीट के दलाल एक्टिव रहते हैं। हाल में ऐसे वीडियो भी वायरल हुए हैं। अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए सब कुछ करती है यह निकम्म��� सरकार लेकिन जवाबदेही तय नहीं करती।
युवाओं ! इन निकम्मों और तानाशाहों के रहते यह हालात नहीं बदलने वाले।
इस भीड़ को सिर्फ़ भीड़ मत समझिए।
यह उन युवाओं का आक्रोश है जो भर्ती घोटालों, पेपर लीक और बेरोज़गारी स�� त्रस्त हैं। मेहनत और योग्यता पर भरोसा रखने वाले छात्रों का विश्वास लगातार टूट रहा है। जब व्यवस्था जवाब नहीं देती, तो युवाओं की आवाज़ सड़कों पर गूंजने लगती है।