BJP बोली: “प्रियंक खड़गे अपने मंत्रालय पर ध्यान दें।”
खड़गे जी का जवाब बिल्कुल सटीक 👇
“RSS मार्च निकालती है तो सुरक्षा कौन देता है?
महिला एवं बाल विभाग?
वाणिज्य विभाग?
नहीं... गृह विभाग!
तो सवाल पूछना गलत कैसे?
आखिर सुरक्षा किसे दे रहे हैं?”
#RSSRegistration#PriyankKharge
My senior colleague Dr Shashi Tharoor's admiration for PM Modi appears to have transcended the limitations of the physical world. He now seems capable of hearing what Modi doesn't even say.
According to the official MEA readout of the Modi–Trump meeting on the sidelines of the G7:
1. There is no mention of the cold-blooded killing of three Indian sailors by the United States in the Gulf of Oman.
2. This was the first Modi-Trump meeting after Operation Sindoor, yet there is no indication that Modi challenged Trump's repeated claim - now made over 120 times - that he secured a ceasefire by threatening India with trade consequences.
3. There is no mention of the attack on Iranian frigate IRIS Dena, India's guest during MILAN-2026, in what is effectively India's strategic backyard.
And yet, Tharoor ji somehow heard forceful assertions, robust pushback, and uncompromising diplomacy that never made it into the official record.
Perhaps the rest of us are constrained by ordinary human senses. For devotees of the 'Maha-Maanav Modi', the less he says, the more they hear.
दरभंगा में यामाहा एजेंसी के मैनेजर मोहम्मद फैज को इंसाफ दिलाने में मदद कीजिए, आपकी एक एक ट्वीट बहुत मान्य रखता है, जब तक आवाज नहीं उठाएंगे ये अंधा कानून चुड़िया पहने बैठा रहेगा!
#justiceforfaiz
अमेरिका से समझौता होने के बाद भी ईरान ने एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मूज को बंद कर दिया है,
क्योंकि इजराइल लेबनान पर लगातार हमले करके उसकी जमीन हड़प रहा है,
उत्तर प्रदेश की किसी बड़ी विधानसभा क्षेत्र के बराबर लेबनान की जमीन इजराइल हड़प चुका है,
इजराइल का मकसद दिल्ली के बराबर लेबनान की ज़मीन हड़पने का है,
जिससे की अपनी बढ़ती आबादी को वो नए शहर में बसा सके,
और फिर पूरे लेबनान को अगले दस साल में
ग्रेटर इसराइल का हिस्सा बना लेगा नेतान्याहू,
राजस्थान के साथ लगी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के जिलों में आजादी के बाद से ही माहौल हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। देशभर में चाहे कैसा भी सांप्रदायिक माहौल रहा हो पर संभवतः यहां कभी आपसी तनाव भी पैदा नहीं हुआ।
यहां हिन्दू और मुस्लिम धर्मस्थल एक ही श्रेणी में हैं और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों का पूरा सम्मान करते हैं। चाहे 1965 हो या 1971 का युद्ध हो, यहां के सभी धर्मों के लोगों ने पाकिस्तान को धूल चटाने में सेना और सरकार का पूरा सहयोग दिया।
ऐसी जगह पर केन्द्र सरकार के इशारे पर केवल तनाव पैदा करने व ध्रुवीकरण करने के लिए मस्जिदों, मदरसों पर चुन-चुनकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। इनमें से कई धार्मिक स्थल आजादी से भी पहले के बने हुए हैं। स्थानीय हिन्दू समुदाय भी इस कार्रवाई के खिलाफ है और कई जगहों पर इस कार्रवाई का विरोध भी किया है। एक धर्म को लक्षित कर की जा रहीं ऐसी कार्रवाई निंदनीय है। केन्द्र व राज्य सरकार को अनावश्यक तौर पर विवाद नहीं पैदा करना चाहिए।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुलेआम यह व्यक्ति चुनौति दे रहा है और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है यूपी का रहने वाला है मेरी अपील है इस पर जल्द से जल्द प्रशासन कार्यवाही करे!!
@Uppolice@bihar_police@samrat4bjp@myogiadityanath
Good to see that the RSS debate is now attracting “legal luminaries” too.
I am ready to discuss, deliberate and debate this issue anytime, anywhere on law, Constitution, transparency and accountability.
And I sincerely hope this post targeting me by @JethmalaniM will not be billed to either the BJP or the RSS.
Mr. Mahesh, you say:
“A dynast indulged by inheritance does not become larger than the Constitution merely because he sits in a ministerial chair.”
Interesting pravachan coming from the son of Shri Ram Jethmalani.
A surname may open doors, but it does not automatically give weight to every argument. And certainly, invoking the Constitution while defending opacity does not make the argument constitutional.
Let me remind you of a basic distinction:
You are selected representative.
I am an elected public representative
Not once. Not twice. But, Thrice.
So, before lecturing me on constitutional morality, please answer the real question: why should any organisation of such scale, influence and public activity remain outside ordinary legal transparency?
Please get yourself appointed as the RSS designated legal representative and respond to our queries in my office if they allow you.
Also, this applies equally to all the “legal luminaries” writing editorials and delivering pravachans on TV.
PS: if you don’t mind me asking Mahesh ji, do your children:
- attend RSS shakhas
- spend time Gau Shalas
- drink Gau mutra
- Are they Gau or Dharam Rakshaks (at least part time)
If they aren’t doing it, are they also anti nationals like me?
थाने के सामने, विधायक के कार्यालय पर फायरिंग!
जब एक निर्वाचित विधायक का कार्यालय सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा?
महम में कांग्रेस विधायक बलराम दांगी जी के कार्यालय पर हुई फायरिंग हरियाणा की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। अपराधियों में न पुलिस का डर है, न कानून का भय।
दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
#Maham #Rohtak #LawAndOrder #Haryana
प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब गृह विभाग पूरी तरह विफल हो गया है।
जोधपुर में आपसी रंजिश के चलते एक व्यक्ति को सरेआम दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटना और फिर गोली मारकर हत्या कर देना, इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
ये खौफनाक घटनाएं साफ संकेत हैं कि अपराधियों के दिलों से कानून और पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरकार की नाकामी के कारण आज स्थिति बिल्कुल उलट गई है- "आमजन में डर बढ़ रहा है और अपराधियों में विश्वास!" एक सभ्य समाज के लिए यह बेहद खतरनाक और चिंताजनक स्थिति है।
सरकार तुरंत अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
“एक दलित आदमी को RSS से क्या मतलब?”
ये कहना है भाजपा के सांसद रमेश जिगाजिनगी का। ये है भाजपा और RSS का असली स्वरूप जो जाने अनजाने सामने आ ही जाता है।
दरअसल कर्नाटक के गृहमंत्री श्री @priyankkharge ने पिछले दिनों RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत को चिट्ठी लिखकर कहा था कि RSS को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, संपत्ति का ब्यौरा देना होगा, कितना पैसा कहाँ से आता है और कहाँ जाता है, बताना होगा।
बस इसी बात से भाजपा और RSS दोनों बौखलाए हुए हैं और अपने असली, दलित विरोधी खाल में बाहर निकल कर आ गए हैं। कोई हैरानी नहीं है कि RSS के किसी बड़े पद पर आज तक कोई दलित या OBC नहीं पहुँच पाया है। दरअसल इनकी मौलिक सोच में ही दलित विरोध कूट कूट कर भरा हुआ है।
राम मंदिर के दान पात्र में हुई चोरी का मुद्दा उठाकर अखिलेश यादव जी ने
यह साबित कर दिया कि आस्था के नाम पर राजनीति नहीं,बल्कि आस्था की रक्षा सबसे जरूरी है।
इसीलिए हर वर्ग अखिलेश यादव जी की तारीफ कर रहा है।
जब भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था तो एनकाउंटर क्यों किया गया पूछता हैं भारत?
जिओ तिवारी जनेऊ धारी भरत तिवारी जी क्रांति की राहों पर चलते हुए शहीद हुए है इतिहास गवाह है जिसने भी सत्ता के ख़िलाफ़ लड़ाई छेड़ी है चाहे ग़ुलाम भारत हो फ़िर आज का आजाद भारत उसे पुलिस के गोलियों से मरना ही पड़ा है चाहे वह अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी हो या फिर भरत तिवारी जी और ये लोग सही मायने में मानसिक रूप से पागल ही थे जो अपने निजी हितों को छोड़ सामाजिक और देश हित में हथियार उठाए और शहीद हो गए ।
मै इस फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दिवंगत भरत तिवारी जी के माता जी और पिता जी को चरण स्पर्श करता हूं कि इन्होंने एक महान और वीर पुत्र को जन्म दिया है ।
शाहिद भरत तिवारी जी अमर रहे 🙏🙏
ब्रेकिंग न्यूज़:🚨🇫🇷🇵🇸 पेरिस परिषद ने फ़िलिस्तीनी लोगों को मानद नागरिकता प्रदान करने के लिए मतदान किया है।
हर देश को फिलिस्तीन की मदद के लिए आगे आना चाहिए
"और इसराइल #Genocide के खिलाफ