NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि
अपने दूरदर्शी नेतृत्व से उन्होंने भारत को आर्थिक रूप से सशक्त किया देश के वंचितों और गरीबों के लिए उनके ऐतिहासिक प्रयासों और साहसिक निर्णयों ने भारत को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाई
❌ RSS-BJP का गीत अलग है
✅ कांग्रेस का गीत 'वंदे मातरम्' है
❌ RSS-BJP का झंडा अलग है
✅ कांग्रेस का झंडा 'तिरंगा' है
❌ RSS-BJP की किताब मनुस्मृति है
✅ कांग्रेस की किताब 'संविधान' है
@alokrajRSSB आलोक राज जी शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं को सही दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हो। आपकी नेतृत्व क्षमता, स्पष्ट दृष्टि और काम करने का जज़्बा आपको संपूर्ण ब्रह्माण्ड से अलग बनाता है आप समाज में एक सशक्त और प्रेरक आदर्श दाता के रूप में हर पल तत्पर रहते हो.
@alokrajRSSB आलोक राज जी शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं को सही दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हो। आपकी नेतृत्व क्षमता, स्पष्ट दृष्टि और काम करने का जज़्बा आपको संपूर्ण ब्रह्माण्ड से अलग बनाता है आप समाज में एक सशक्त और प्रेरक आदर्श दाता के रूप में हर पल तत्पर रहते हो.
युवाओं के साथ राजस्थान में कैसा तमाशा हो रहा है…
प्रदेश में लाखों युवा रोजगार के लिए तैयारी कर रहे हैं और रीट 2025 में केवल 7759 पद हैं…
साथ ही, विशेष शिक्षक का एक भी पद इस भर्ती में नहीं रखा गया है… युवा हितों की शेखी बघारने वाली सरकार को पदों की संख्या बढ़ानी चाहिए और विशेष शिक्षकों के पद भी भर्ती में सृजित हों, ताकि प्रदेश में बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था में सुधार और मेहनत कर रहे क़ाबिल युवाओं को रोजगार मिले।
देश के प्रथम गृहमंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
भारत को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी - उनका अदम्य साहस, दूरदृष्टि और आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
शक्ति, संकल्प और सशक्त नेतृत्व की मिसाल रहीं इंदिरा गांधी जी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
'लौह पुरुष' भारत रत्न से अलंकृत, सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150 वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे। उनकी देशभक्ति, देश निर्माण के प्रति उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति एक मिसाल है तथा सदैव भारतवासियों को प्रेरित करती रहेगी।
भाजपा चाहे जितने भी झूठ और ध्यान भटकाने की साज़िश करे, हम अतिपिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पिछड़े समाज को उनका पूरा हक़ दिलाने के लिए संकल्पित हैं।
बिहार में अतिपिछड़ा समाज को मज़बूत बनाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए हमने ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ में ठोस वादे किए हैं।
शिक्षा इन समुदायों की प्रगति का सबसे बड़ा साधन है, इसलिए इस क्षेत्र में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष संकल्प हैं –
अब प्राइवेट कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में भी आरक्षण लागू होगा, प्राइवेट स्कूलों की आरक्षित आधी सीटें SC/ST/OBC/EBC बच्चों को मिलेंगी और नियुक्तियों में “Not Found Suitable” जैसी अन्यायपूर्ण व्यवस्था ख़त्म होगी।
यह सिर्फ़ शिक्षा नहीं, बल्कि अति पिछड़ों की बराबरी और सम्मान की लड़ाई है। यही है सच्चा सामाजिक न्याय और समान विकास की गारंटी।
भाजपा चाहे जितने भी झूठ और ध्यान भटकाने की साज़िश करे, हम अतिपिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पिछड़े समाज को उनका पूरा हक़ दिलाने के लिए संकल्पित हैं।
बिहार में अतिपिछड़ा समाज को मज़बूत बनाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए हमने ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ में ठोस वादे किए हैं।
शिक्षा इन समुदायों की प्रगति का सबसे बड़ा साधन है, इसलिए इस क्षेत्र में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष संकल्प हैं –
अब प्राइवेट कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में भी आरक्षण लागू होगा, प्राइवेट स्कूलों की आरक्षित आधी सीटें SC/ST/OBC/EBC बच्चों को मिलेंगी और नियुक्तियों में “Not Found Suitable” जैसी अन्यायपूर्ण व्यवस्था ख़त्म होगी।
यह सिर्फ़ शिक्षा नहीं, बल्कि अति पिछड़ों की बराबरी और सम्मान की लड़ाई है। यही है सच्चा सामाजिक न्याय और समान विकास की गारंटी।
में कल यानि 27 अक्टूबर को सुबह पाली सर्किट हाउस में उपस्थित रहूंगा। यदि कोई भी लोकल युवा मुझसे मिलना चाहें और अपनी शिकायतें या फीडबैक मुझे देना चाहें तो सुबह 9.30 am पर वहां पधारें, मुझे आपसे मिलकर अच्छा लगेगा। जय हिंद!
राजस्थान की भाजपा सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है।
संविधान के अनुच्छेद 243-E में पंचायतीराज संस्थानों एवं 243-U में नगरीय निकायों के चुनाव आवश्यक रूप से 5 वर्ष में करवाने का प्रावधान है। इनका कार्यकाल किसी भी परिस्थिति में 5 वर्ष से अधिक का नहीं रखा जा सकता। इसी तरह, गोवा सरकार बनाम फौजिया इम्तियाज़ शेख तथा अन्य केस व पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग बनाम पंजाब सरकार केस के फैसलों में सुप्रीम कोर्ट का आदेश है हर पांच साल में पंचायतीराज के चुनाव करवाए जाएं।
परन्तु राजस्थान की भाजपा सरकार पंचायतीराज संस्थानों एवं नगरीय निकायों का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अपनी मनमर्जी से प्रशासक लगाकर यहां चुनाव नहीं करवा रही है। यह सीधा संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। ये स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री एवं नगरीय विकास मंत्री दोनों ही पंचायतीराज की राजनीति से शुरुआत कर यहां तक पहुंचे हैं।
प्रशासक लगाने से पंचायतीराज एवं नगरीय निकायों के काम लगभग ठप से हो गए हैं। पंचायतीराज एवं नगरीय निकायों को बनाने का उद्देश्य खत्म होता जा रहा है। इन चुनावों से जो नई लीडरशिप पैदा होती है जो आगे बढ़ती परन्तु केवल भाजपा की हार के डर से चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। संविधान की हत्या कर रही भाजपा सरकार के इस लोकतंत्र विरोधी कदम की जितनी निंदा की जाए वो कम है।