यह बयान “बांग्लादेश ने हमें रास्ता दिखाया” कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या बांग्लादेश जैसे घटनाक्रम को भारत में राजनीतिक बदलाव का मॉडल बनाना चाहते हैं ये लोग?
मैं राहुल गांधी और INDI गठबंधन के नेताओं से पूछना चाहता हूँ: क्या वे नेहा बोरा जैसे लोगों के इस इस बयान से सहमत हैं? अगर नहीं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से कड़े शब्दों में इसका विरोध करना चाहिए। यदि वे नहीं करते हैं तो स्पष्ट हो जाता है कि राहुल गांधी और INDI लोकतंत्र के साथ नहीं बल्कि अराजकता के साथ हैं।
@R_N_Vaghani If you will pay 2000 rs through UPI the the merchant will receive 1996 rs and the 4 rs will be deducted as MDR so the consumer will not affected
𝐏𝐚𝐬𝐭 𝐯𝐬 𝐏𝐫𝐞𝐬𝐞𝐧𝐭: 𝐓𝐡𝐞 𝐑𝐞𝐚𝐥 𝐓𝐚𝐥𝐤 💯
पहले का इंडिया… स्कैम, ब्लास्ट और अस्थिरता।
आज का इंडिया… हाथ में स्मार्टफोन, मेट्रो, एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट्स और IIT, IIM, AIIMS का तेज़ विस्तार।
दशकों तक रुका विकास, अब तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जब देश मजबूत नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, तो इस मौके का फायदा उठाइए और अपने करियर पर फोकस कीजिए।
और हां… किसी का इस्तीफा किसी एक व्यक्ति की “पर्सनल विक्ट्री” नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है। सरकार चुनौतियों का समाधान करने और युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
अपने फ्यूचर पर फोकस रखो… क्योंकि Strong India = Stronger Future. 🇮🇳
छात्रों की आवाज़ कब सुनी आपने?
आप UGC लेकर आए छात्रों को तोड़ने के लिए, नीट को बेच दिया, आरक्षण लाकर देश को बाँटना शुरू कर दिया।
अब घड़ियाली आँसुओं से कुछ नहीं होगा, सर। 🙏🙏
कृपया ज़िम्मेदारी लीजिए। मेरी आपसे तीन विनम्र माँगें हैं:-
1. पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए और ऐसी व्यवस्था बनाइए कि भविष्य में कभी भी पेपर लीक न हो।
2. आरक्षण समाप्त कीजिए या उसे आर्थिक आधार पर लागू कीजिए।
3. सभी के लिए मुफ्त या सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराइए और यह सुनिश्चित कीजिए कि सभी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क समान हो।
That's all