@INCIndia के C टाइप के लोग 1947 से 2013 तक चीनी 40 पैसा प्रति किलो ही बेचा करते थे ?
यह C टाइप के लोग भूलते क्यों है कि कांग्रेस ने 36 रुपया पर चीनी छोड़ी थी और 12 वर्ष में मात्र 15 से 20 रुपये ही बढ़ा है
जिसको नींबू की आदत हो वह चीनी की जगह नमक ही खाएँगे
हॉस्टल से इस लाइन का कोई संबंध नहीं है
@NagarJitendra@SupriyaShrinate बंधु अड़ियल, ज़िद्दी झगड़ालू और बड़े वाले C में अंतर है
आज का विपक्ष सियापा करता है यह कोई अड़ियल नहीं
कोई ज़िद्दी नहीं कोई झगड़ालू नहीं
1937 में पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत में ही था कांग्रेसियों !
@INCIndia की हिम्मत है क्या आज कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में तिरंगा लगा कर या 1937 का ध्वज लगा कर वहाँ के लोगों के साथ #वंदेमात्रम के दो छंद ही गा ले?
@INCIndia वालों अपनी विकृत नानसिकता का परिचय मत दो
अमित शाह की इतनी हिम्मत कि वो महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर, आचार्य कृपलानी जैसे लोगों को देश विरोधी बुला रहे हैं?!
1937 में आज़ादी के इन महानायकों ने फैसला लिया वंदे मातरम् के दो छन्द गाये जायेंगे
हम वही करेंगे
@JainKiran6 यह वही है जिस पर बूथ कैप्चरिंग और बवाल का मुक़दमा चल रहा है
तो इनको नहीं पता कि जब सनातन में सन्यास दीक्षा होती है तो #लंगोट दिया जाता है
इनको टोपीवाज़ों की पूरी जानकारी है
सनातन की नहीं
जिन मुकदमों में यह न्यायालय की दया से घूम रहे हैं पहले उनपर तो कुछ हो
नेताओं के लिए न्यायालय की आँखों में काली पट्टी चिपक जाती है तो क्यों अपना समय बर्बाद करना है और जितना समय इनके मुकदमे में न्यायालय लगता है उतना समय दूसरे मुकदमे को दें तो कई समस्या ख़त्म होगी एमपी एमएलए कोर्ट बंद ही हो
@rohitjain2706@PATRIOTNumber01 पोथी पढ़ पढ़ कर जग मुआ, पंडित भयो न कोए
ढाई आखर प्रेम के, जो पढ़े सो पंडित होय
मूर्ख को आदर्श मानने वाले के लिए किसी ने लिखा ही नहीं कुछ
बंधु जिस समय क्रांतिकारी अंग्रेजों से लड़ रहे थे उस समय कांग्रेस भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने में व्यस्त थी
कांग्रेस में उस समय बैरिस्टर की भरमार थी एक बता दो जिसने किसी क्रांतिकारी का मुकदमा लड़ा हो ?
अंग्रेजों का नियम था फुट डालो राज करो और कांग्रेस का स्थापक भी अंग्रेज था !
अंग्रेजों ने राष्ट्र को ह्यूम की विचारधारा को राष्ट्र दिया हिन्दुस्थान की विचारधारा को नहीं
जो क्रांतिकारी भारत के विचारों को सम्मान देते थे वह कांग्रेस से अलग हुए और सरदार पटेल जी जैसे महान व्यक्तित्व को कांग्रेस ने नज़रअंदाज़ किया
ह्यूम की पार्टी ने ह्यूम से ही लड़ाई लड़कर आजादी उसी प्रकार से ली जिस प्रकार से कई वर्षों तक सोनिया गाँधी जी सोनिया गाँधी जी को ह्यूम की स्थापित पार्टी की अध्यक्षा घोषित करती रही ।
बड़ी शिद्दत से कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी
यातनाएँ सहीं, क़ुर्बानियाँ दीं
ब्रिटिश हुकूमत को हरा कर स्वतंत्र भारत की नीव रखी
इस आज़ादी को किसी क़ीमत पर छिनने नहीं देंगे
जय हिन्द ✊🇮🇳
📍इंदिरा भवन, नई दिल्ली
@SabhapatiM30191 पाप और पुण्य समाजवादी समझा रहे हैं !
आतंकियों के मुकदमे वापस लेने वाले
अतीक अहमद जैसे का पालन करने वाले
कार सेवकों के हत्यारे
पाप पुन्य समझा रहे हैं
सरकार के पास टैक्स का पैसा होता है
टोंटी वाला सीधा कर दाताओं को पापी कह रहा है