प्रत्येक 3rd ग्रेड शिक्षक ट्रांसफर के लिए अपनी वरिष्ठता (seniority) को त्यागने के लिए तैयार है
माननीय शिक्षा मंत्री जी @madandilawar 3rd ग्रेड शिक्षकों के तबादले कर उन्हें राहत प्रदान करे l
अगर ऐसा होता है तो यह ऐतिहासिक फ़ैसला होगा
@RESMA_7
प्रभु श्री राम से चुराएँगे, पवनपुत्र हनुमान को नचाएँगे, फिर भी बेशर्म ख़ुद को हिंदू बताएँगे। ये कोई पार्टी नहीं, पाखंड की दुकान है
: पवन खेड़ा, कांग्रेस सांसद
थर्ड ग्रेड के शिक्षकों के तबादलों पर 2018 से बैन लगा हुआ है
टीचर लगातार ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं
इस बार सरकार ने तबादले खोले हैं लेकिन थर्ड ग्रेड की टीचरों को मौका नहीं दिया
वही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर भी रोक है
सरकार से मांग है सभी विभागों के ट्रांसफर खोले जाए
मास्टर प्राईवेट स्कूलो मे बच्चो को पढा रहे है वो तो निकम्मापन है #शिक्षामंत्री_के_पोते सरकारी स्कूल को छोडकर प्राईवेट स्कूल मे पढ रहे है तो शिक्षामंत्री जी ये #किसका_निकम्मापन_है ये भी बता देना आप
बच्चा स्कूल जाता है बिल्डिंग गिर जाती है🤯 शिक्षामंत्री की कोई जिम्मेदारी है भाषण दिलवा लो
- टीकाराम जूली
जंतर-मंतर पर छात्रों ने सिर मुंडवाए, अस्थि कलश रखे और फूट-फूटकर रोए।
यह कोई नाटक नहीं, उस शिक्षा व्यवस्था की प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा है जिसने लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य को बार-बार दांव पर लगाया है।
अब भी सरकार नहीं जागी, तो सवाल सिर्फ परीक्षा का नहीं रहेगा—पूरी व्यवस्था पर भरोसे का होगा।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की #ट्रांसफर समस्या का समाधान
सिर्फ जुड़ने से कुछ नहीं होगा, जोड़ने का दायित्व भी निभाओ
टेलीग्राम https://t.co/2ElYiyGXWX
ट्विटर https://t.co/gdp1UYjBsl
पूरे राजस्थान के सब शिक्षकों को एक करने का लक्ष्य रखो, ट्रांसफर 100% होंगे वो भी निःशुल्क।
बीजेपी सरकार मुर्दाबाद और अमित शाह मुर्दाबाद जैसे नारे लगाने पर आप किसी को तड़ीपार कर देंगे ? क्या ऐसे नारे नहीं लगाए जा सकते ?
यह क्या हो रहा है ? देश के सभी नागरिकों को क्या भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है ? देश के नागरिक न विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं, न आंदोलन कर सकते हैं. यह सब क्या है ? इतने सारे पेपर लीक हो चुके हैं. अगर लोग विरोध करेंगे, तो क्या आप उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर देंगे ? विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है.
न जस्टिस माधव जामदार की ये फटकार महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार और बीजेपी सरकार की पुलिस पर एक तमाचे की तरह है. महाराष्ट्र पुलिस को ऐसी ही फटकार लगाकर बॉम्बे हाईकोर्ट के इस जस्टिस ने 49 साल के सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी नाम के शख्स को जिला बदर करने के पुलिसिया फैसले को रद्दी की टोकरी में फेंककर रद्द कर दिया.
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
बॉम्बे हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति माधव जमदार की सख्त टिप्पणियों ने भाजपा सरकार के दमनकारी और अलोकतांत्रिक चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। सरकार को इन टिप्पणियों पर केवल 'मनन' नहीं, बल्कि अपने कृत्य पर शर्म करनी चाहिए। लोकतंत्र में विरोध की आज़ादी ही उसकी आत्मा है, लेकिन भाजपा ने इसे 'बनाना रिपब्लिक' बना दिया है, जहां महज राजनीतिक नारेबाजी को भी बदले की कार्रवाई का आधार बना लिया जाता है। सत्ता के अहंकार में चूर भाजपा सरकारों की यह कायरतापूर्ण और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाइयां लोकतंत्र पर कलंक हैं।
पिछले 12 वर्षों में देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है जहां सरकार के विरोध को 'देशद्रोह' का रूप दे दिया जाता है। भाजपा नेता भूल गए कि UPA शासन में वे खुद कितनी आक्रामकता से विरोध करते थे और कांग्रेस उसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया मानती थी। आज केवल सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने पर भाजपा शासित राज्यों में पत्रकारों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर FIR कर उन्हें महीनों-वर्षों तक जेल में बंद रखा जा रहा है।
यह सच को दबाने और देश में भय का माहौल बनाने की सोची-समझी साजिश है, जो लोकतंत्र की सरेआम हत्या है। सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व करने वालों में आलोचना सुनने की सहनशक्ति होनी चाहिए। पुलिस और जांच एजेंसियों को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी जवाबदेही सिर्फ और सिर्फ देश के संविधान के प्रति है, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं।