@ChouhanShivraj माननीय, निवेदन है कि म0प्र0 के तकनीकी शिक्षा विभाग में MPPSC से चयनित 600 व्याख्याताओं को स्वशासी संस्थाओं में कार्यरत होने के नाम पर गत 12 वर्षों से शासन की समस्त योजनाओं से वंचित रखा गया है। न दुर्घटना/स्वास्थ्य बीमा,न अनुकंपा,न मृत्यु अनुग्रह राशि,कृपया उनके भी कष्ट दूर करें।
@CMMadhyaPradesh@yashodhararaje
सेवा भर्ती नियम 2004 मे नियुक्त व्याख्याताओं के साथ भेदभाव समाप्त करने एवं तकनीकी शिक्षा के उन्नयन हेतु शासन मे संविलियन होना आवश्यक है। माननीय मंत्री महोदया व विभाग द्वारा सकारात्मक कार्यवाही अपेक्षित है। #bhart_niyam2004hatao
@yashodhararaje
आदरणीय मंत्री महोदया,
वर्ष 2015 में भर्ती किये गए तकनीकी शिक्षकों का नियमितीकरण 2018( 3 वर्ष पश्चात) हो जाना चाहिए था परंतु आज 5 वर्ष पश्चात भी वह नियमितीकरण के लिए हम इंतजार कर रहे हैं।
#RegularisationofPloytechniclecturers
तकनीकी शिक्षा के सेवा नियमों में संशोधन हेतु सबकी भागीदारी को लेकर संगठन द्वारा माननीया मंत्री महोदयजी और अधिकारियों को पत्र लिखा गया। निश्चित रूप से नये नियम सेवा शर्तों में उत्पन्न किये गए भेदभाव को समाप्त कर विभाग में एकरूपता लायेंगे। @yashodhararaje@CaraKDeshmukh@pnarahari
@yashodhararaje आदरणीय मैडम
वर्ष 2015 में भर्ती किये गए तकनीकी शिक्षकों का नियमितीकरण 2018( 3 वर्ष पश्चात) हो जाना चाहिए था परंतु आज 5 वर्ष पश्चात भी वह नियमितीकरण के लिए हम इंतजार कर रहे हैं।
महिला व्याख्याता के ट्रांसफर में भी समस्याएं हो रही है। 🙏🙏
@yashodhararaje म.प्र.लोक सेवा आयोग जैसे संबैधानिक आयोग जो लोक सेवकों की भर्ती के लिए अधिकृत है बावजूद इसके स्व. नितेश कुमार मोदी, व्याख्याता की आश्रित पत्नी व दो छोटी बेटियां दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है। तत्कालीन अधिकारियों के स्वयं के स्वार्थसिद्धि के लिए बनाये गए भर्ती नियम के दुष्परिणाम