#RSS100 | विश्व में समर्पण, संयम, सेवा और शक्ति के पर्याय के रुप में सुदृढ़ता से स्थापित #राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ रुपी कल्पवृक्ष का प्रांकुर 1925 में आज #विजयादशमी के ही दिन प्रस्फुटित हुआ था.
जो समयांतराल के साथ प्रकृति और परिस्थिति की विभिन्न कसौटियों पर खरे उतरते हुए...चरैवैति-चरैवैति का व्रत धारण किए... समाज में समरसता और बंधुत्व के भाव प्रसारित करते हुए...वसुधैव कुटुम्बकम् के पथ को प्रशस्त करते हुए... हर शुभ नवदिवस नए आयामों को छू रहा है.
'स्वयंसेवक ही संघ' की प्रबल इच्छाशक्ति और आत्मीयता के साथ आज समाज के हर वर्ग और हर घर तक पहुंच चुका है, जिसका श्रेय सिर्फ और सिर्फ इसके स्वयंसेवकों को जाता है. जो निस्वार्थ भाव से आठों पहर इसकी चिंता करता है.
यह स्वयंसेवकों के सेवा भाव व संघर्षों का ही प्रतिफल है कि संघ ने आज 99 वर्ष की अपनी यात्रा पूर्ण कर चुका है और अपने शताब्दी वर्ष से महज एक कदम दूर है. इस उपलब्धि के लिए सभी स्वयंसेवक बंधुओं को ढेर सारी शुभकामनाएं...एवं विजयादशमी की बधाई..
राम-राम 🙏
@RSSorg@editorvskbharat
#RSSVijayaDashami #RSSFoundationDay
राष्ट्रमन रिंगनोद
महिलाएं ही परिवार, समाज और देश की मूलाधार है। यदि किसी समाज की महिलाएं संस्कारित और सक्षम हो जाएं तो वह परिवार का भला कर सकती है, यदि परिवार का भला हो जाए तो समाज और देश भी बदल सकते हैं।
#RSS100#विजयादशमी2024#राष्ट्र_सेविका_समिति#vskmalwa
राष्ट्रमन रिंगनोद
महिलाएं ही परिवार, समाज और देश की मूलाधार है। यदि किसी समाज की महिलाएं संस्कारित और सक्षम हो जाएं तो वह परिवार का भला कर सकती है, यदि परिवार का भला हो जाए तो समाज और देश भी बदल सकते हैं।
जय भारत "
#RSS100#विजयादशमी2024#राष्ट्र_सेविका_समिति#vskmalwa
हिन्दुओं को जाति, क्षेत्र और भाषा के कृत्रिम विभाजन के चलते उत्पन्न सामाजिक-सांस्कृतिक विरोधाभासों से उबारना है। इसकी आकांक्षा है कि भारत को विश्व गुरु का स्थान अपने कर्तृत्व, दर्शन और सांस्कृतिक प्रभाव से पुनः मिले #RSS100#विजयादशमी2024#राष्ट्र_सेविका_समिति#vskmalwa
राष्ट्र सेविका समिति समाज में सकारात्मक सामाजिक सुधार के लिए हिंदू महिलाओं की नेता और अभिकर्ता के रूप में भूमिका विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करती है, हरि ॐ।#RSS100#विजयादशमी2024#राष्ट्र_सेविका_समिति#vskmalwa
सन 1925 विजयादशमी के दिन मैंने अपनी यात्रा प्रारंभ की और इस वर्ष विजयादशमी के दिन मैं अपनी यात्रा करते हुए शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा हूं...
मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हूं।
Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)
#RSS100#विजयादशमी2024#राष्ट्र_सेविका_समिति#vskmalwa
बड़े भाग मानुष तन पावा।
मनुष्य का शरीर भाग्य से मिला है और ये जीवन तभी सार्थक है जब आप दूसरे की पीड़ा समझ सकें।
भीषण गर्मी है, पशु-पक्षी इस तपती गर्मी में व्याकुल हैं। ऐसे में हमारी छोटी सी कोशिश कई प्राणियों को राहत तथा जीवन दे सकती है। और पौधे लगाने, पानी पिलाने से बड़ा पुण्य भला क्या होगा!
विश्व को शांति सद्भाव,भाईचारे और सेवा का संदेश देने वाले सिख धर्म के संस्थापक एवं प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
बलिदान दिवस | 26 सितंबर, 1921 को मोगा, पंजाब में जन्में मां भारती के 'परमवीर' सपूत, सिख रेजीमेंट के सूबेदार जोगिंदर सिंह जी ने आज ही दिन राष्ट्र रक्षार्थ अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद जोगिंदर सिंह अकेले चीनियों पर भारी पड़ रहे थे. उनके परम शौर्य से कांप कर चीनी सैनिकों को उल्टे पांव लौटना पड़ा और युद्ध में भीषण संघर्ष के दौरान जब वे गम्भीर घायल हो गए तो उन्हें बंदी बना लिया गया.
आजादी से पहले ब्रिटिश इंडियन आर्मी और 1948 में कश्मीर में हुए कबाइलियों के हुए हमले में राष्ट्र रक्षार्थ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अमर शहीद जोगिंदर सिंह ने 1962 के युद्ध में अपनी 27 जवानों की टुकड़ी के साथ 200 चीनी सैनिकों का सामना किया.
बहादुर सूबेदार ने अपने सैनिकों में तब तक साहस का प्राण फूंका जब तक कि वह खुद बर्फ की चादर के नीचे बुरी तरह घायल होकर गिर नहीं पड़ें. सूबेदार जोगिंदर सिंह को मरणोपरांत अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण, प्रेरक नेतृत्व और सर्वोच्च बहादुरी के लिए 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया.
और जब चीनियों को मां भारती के इस अमर सपूत के रुतबे और सम्मान के बारे में पता चला तो उन्होंने भी इस महान योद्धा के शौर्य का सम्मान करते हुए उनकी अस्थियां भारत को लौटा दी।
हर्ष है कि बीते दिनों शहादत के सम्मान में #शहीद_समरसता_मिशन की मांग पर अंडमान निकोबार के 21 द्वीपों का नाम हमारे परमवीर चक्र से अलंकृत योद्धाओं के नाम पर रखा गया. उनमें परमवीर शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह जी भी शामिल है।
जय हिंद 🇮🇳
#Shaheedsamarasatamission
सर्वोच्च बलिदान को सर्वोच्च सम्मान 🫡