UP SI 4543 भर्ती की हाई कट ऑफ को लेकर उत्पन्न कुछ शंकाएं-
1- पहली बार ऐसा हो रहा है कि फिजिकल की कट ऑफ 90% प्लस चली गई है
2- नॉर्मलाइजेशन में कुछ बच्चों को नंबर मिले हैं ,कुछ बच्चों के नंबर घटे हैं, जिससे कुछ भी आईडिया नहीं मिल पा रहा की भर्ती बोर्ड ने नॉर्मलाइजेशन किस प्रकार किया है ।
3- पेपर चार शिफ्ट में हुआ है तो चारों शिफ्ट के बच्चों को बराबर मौका मिलना चाहिए था क्योंकि किसी को भी नहीं पता होता किसकी शिफ्ट हल्की है या कठिन है।
4- लाखों ट्वीट तथा सैकड़ों ज्ञापन के बाद भी भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों का स्कोर कार्ड जारी नहीं किया है, जिससे ना तो यह पता चल पा रहा है कि उनका स्कोर क्या है, कितने मार्क्स से उनका हुआ ,कितने मार्क्स से नहीं हुआ है ,जिनका हुआ है उनको भी पता नहीं चल पा रहा कि वह सेफ है या नहीं है।
5- परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी का अपना स्कोर जानना एक संवैधानिक और कानूनी अधिकार है जिससे भर्ती बोर्ड न जाने क्यों छुपा रहा है।
6- फाइनल आंसर key आने के बाद भी अभी भी ऐसे कई क्वेश्चन हैं जिनके उत्तर गलत है और भर्ती बोर्ड कह रहा है कि फाइनल आंसर key को चैलेंज नहीं कर सकते हैं।
7- यदि भर्ती बोर्ड के अनुसार पूरी भर्ती पारदर्शी और शुचिता पूर्ण हुई है तो भर्ती बोर्ड को अभ्यर्थियों का स्कोर कार्ड तथा नॉर्मलाइजेशन किस प्रकार किया है, यह डाटा तत्काल जारी करने में कतई भी संकोच नहीं होना चाहिए क्योंकि यह बच्चों की सालों साल की मेहनत और उनके जीवन का सवाल है।
8- जिन शिफ्ट के क्वेशचन डिलीट हुए है उनका प्रति क्वेश्चन वेटेज ज्यादा है,इससे दूसरी शिफ्ट वाले को नुकसान है,इसका कोई समाधान किया है या नहीं कुछ नहीं पता।
9- अतः हम लोग भर्ती बोर्ड @upprpb से निवेदन करते हैं कि वह तत्काल इन मांगों पर संज्ञान लें तथा माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath से अनुरोध करते हैं की भर्ती बोर्ड के कार्य प्रणाली को एक बार अपने संज्ञान में लें 🙏
लाखों युवा अभ्यर्थी सदैव आपके ऋणी रहेंगे 🙏
#UPSI_GIVE_SCORE_CARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
#YOGIJI_REFORM_UPPRPB
@CMOfficeUP@myogioffice@ChiefSecyUP@UPGovt 🙏
भर्ती बोर्ड आखिर हम सब अभ्यर्थियों के साथ ये अन्याय कब चलेगा?
उत्तर प्रदेश में अभी दरोगा भर्ती का result आया है लेकिन स्कोर कार्ड नहीं दिखाया गया है
सिर्फ बच्चों का रोल नम्बर दिखाकर पारदर्शिता दिखाई जा रही है
भर्ती बोर्ड आपसे निवेदन है कि सभी अभ्यर्थियों का स्कोर कार्ड जारी करिए
#Score_Card_जारी_करो
#Release_Score_Card
मैं SSC CGL aspirant हुन लेकिन मुझे लग रहा है कि UPSI परीक्षा में अगर कुछ गलत हुआ है तो मुझे आवाज उठानी चाहिए,इसलिए सभी लोग एक दूसरे का साथ दे,ज्यादा से repost करे..आवाज उठाओ.👍👍
ट्विटर अभियान से जुड़ें।
#Score_Card_जारी_करो#Release_Score_Card#UPSI2025#UPSIScoreCard
#UPSI
UP POLICE BHARTI BOARD
sabse jada bhrasta hai high court ke adesh ke baad bhi aaj tak up constable ka scorecard jari ni kia ,
Ye log pardashita ki baat krte hai aur bacho ke marks tak ni dikhate , UPSI me agar marks ni dikhaye to hum andolan karenge , bhukha rehna pade pr scorecard aur ye kon log hai jo 370 marks laye hai 12333 kon hai , category wise result dikhao
UP SI भर्ती को लेकर लाखों छात्र आज सवाल पूछ रहे हैं।
160 में 148-155 तक कटऑफ पहुंचना अपने आप में हैरान करने वाला है!
छात्रों की मेहनत, त्याग और संघर्ष पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर आशंकाएं जरूर खड़ी हो गई हैं।
इलाहाबाद, लखनऊ, दिल्ली के छोटे कमरों में हजारों गरीब छात्र सालों तक पंखा-गर्मी-भूख सहकर तैयारी करते हैं। मां अपने गहने बेचती है, पिता खेत गिरवी रखते हैं…
ताकि बेटा ईमानदारी से नौकरी पा सके।
लेकिन आज हाल ये है कि पढ़ने वाला रो रहा है।
जब इतना अप्रत्याशित रिजल्ट आता है, तो छात्रों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
ना पारदर्शिता,
ना नॉर्मलाइजेशन का साफ हिसाब,
ना मार्क्स सार्वजनिक,
ना चयन प्रक्रिया पर भरोसा।
सरकार और भर्ती बोर्ड को चाहिए कि—
• सभी अभ्यर्थियों के मार्क्स सार्वजनिक करे
• नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया स्पष्ट करे
• कटऑफ का पूरा आधार बताए
• चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए
क्योंकि नौकरी सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती,
किसी परिवार की उम्मीद, संघर्ष और भविष्य होती है। 🔥
UPSI भर्ती 5 साल बाद आई थी।
लाखों युवाओं ने दिन-रात मेहनत की, कई लोगों ने उम्र, नौकरी और परिवार तक दांव पर लगाकर तैयारी की… क्योंकि उन्हें लगा था कि इस बार भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
लेकिन रिजल्ट आने के बाद जिस तरह Normalization को लेकर सवाल उठे हैं, उसने छात्रों का भरोसा हिला दिया है।
एक ही परीक्षा की अलग-अलग शिफ्ट में इतना बड़ा अंतर कैसे आ गया?
कई मेहनती छात्रों के नंबर अचानक नीचे कैसे चले गए, जबकि कुछ के असामान्य रूप से बढ़ गए?
अगर Normalization पूरी तरह वैज्ञानिक और निष्पक्ष था तो भर्ती बोर्ड और आयोग अब तक -
• Normalization का पूरा फार्मूला
• Shift wise raw score
• Difficulty level analysis
• Final calculation process
सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे?
सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि 5 साल बाद भर्ती निकालने के बावजूद क्या आयोग एक समान स्तर का पेपर भी तैयार नहीं कर पाया?
अगर शिफ्टों के बीच इतना अंतर था कि normalization की जरूरत पड़ी, तो यह परीक्षा व्यवस्था और पेपर सेटिंग पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
छात्र सिर्फ रिजल्ट नहीं मांग रहे, पारदर्शिता मांग रहे हैं।
क्योंकि जब भर्ती प्रक्रिया पर ही संदेह हो जाए, तो मेहनत करने वाले युवाओं का मनोबल टूटता है।
हमारी मांग साफ है -
• UPSI भर्ती की निष्पक्ष जांच हो
• पूरा normalization डेटा public किया जाए
• Shift wise marks और difficulty level जारी हो
• छात्रों की शंकाओं का आधिकारिक जवाब दिया जाए
युवाओं के भविष्य के साथ प्रयोग बंद होना चाहिए।
मेहनत हमारी, हक हमारा तो पारदर्शिता भी हमारी मांग नहीं, अधिकार है।
@uppbpb
#UPSI #Normalization #UPSI_4543_भर्ती