कल प्रधानमंत्री जी के जन्म दिवस पर दिया ना जलायें बल्कि सायं 7-8 बजे के मध्य दिया और घर की लाइट बुझा कर ब्लैक आउट करें और अपनी आरक्षण में सुधार , एससी एसटी एक्ट की वापसी और यूजीसी रोलबैक के आंदोलन को मजबूत करें ।
जनहित में सूचित मौजूदा अखिल भारतीय औसत खुदरा दाम-
सरसों का तेल (पैक)₹201.82 प्रति लीटर
🌻 सूरजमुखी तेल (मीठा तेल/रिफाइंड)₹193.22 प्रति लीटर
🌱सोयाबीन तेल(मीठा तेल/रिफाइंड)₹166.12 प्रति लीटर
🪔 शुद्ध देसी घी (सामान्य ब्रांड)₹580 - ₹750 प्रति लीटर (गुणवत्ता व ब्रांड के अनुसार)
ग़ज़ब का साहस होता है इन नेताओं में! —
वार्ड नंबर 34, झोटवाड़ा में सड़कें बदहाल, रास्तों में कीचड़ और पानी भरा है…
फिर भी वोट मांगने के लिए नेता जी दोबारा जनता के दरवाज़े पर हाज़िर हैं!
2028 के विधानसभा चुनाव से पहले के रुझान?
झोटवाड़ा में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के खिलाफ लगे ‘मुर्दाबाद’ के नारे!—-
वार्ड नंबर 34 में मंत्री के खिलाफ नारेबाजी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
महँगी गाड़ियों का काफिला साथ में पुलिस का पूरा डेमो-
जनता ने नकार दिया तो भाजपा अब पुलिस के दम पर बैकडोर से चेयरमैन और सभापति बनाने में जुट गई है।
झुंझुनूं के मंडावा में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थक पार्षदों पर छापामारी, कापरेन में पीहर जा रही निर्दलीय महिला पार्षद को पुलिस से परेशान करवाना, नीमराना में महिला पार्षद के जेठ को जबरन उठवा लेना, यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं, पूरे प्रदेश में एक ही स्क्रिप्ट चल रही है। पुलिस भेजकर नवनिर्वाचित पार्षदों को डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है, ताकि जबरन भाजपा को समर्थन मिल जाए। यह सीधा-सीधा जनादेश पर डाका है, लोकतंत्र को भयतंत्र में बदलने की साजिश है।
मुख्यमंत्री जी, पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है, भाजपा की सत्ता लोलुपता के लिए नहीं। पुलिस महानिदेशक को सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस द्वारा लोकतंत्र की यह हत्या न हो।
@PoliceRajasthan@RajCMO
लगभग आधा राजस्थान अब सूख रहा है और भाजपा सरकार सो रही है। खेतों में लहलहाती फसलें अब जलने लगी हैं, बांधों का पानी दिन-ब-दिन घट रहा है जिससे जल आपूर्ति का अंतराल बढ़ने लगा है और आने वाले दिनों में पीने का पानी की कमी पड़ने वाली है, फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
अभी तक न कोई सूखाग्रस्त इलाकों का सर्वे हुआ है, न कोई राहत पैकेज देने की बात आई है। यह सरकार की नीयत साफ बताती है, इन्हें सिर्फ चुनाव और कुर्सी से मतलब है, किसान और आम जनता की चिंता से नहीं।
आखिर कब भाजपा सरकार राजस्थान के किसानों और आम जनता की ओर ध्यान देगी?
विद्रोही हैं, विद्रोह करेंग : प्रशासन, प्रिंसिपल और चेयरमैन ये समझ ले हिन्दू कॉलेज किसी की जागीर नहीं...आपके एक-एक भ्रष्टाचार, मनमानी और घोटालों का हिसाब लेने आ रहे हैं शिक्षक और छात्र...ये आवाज सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी तक ही नहीं रहेगी, दूर तक जाएगी...