2023 में बांडासर की एक जनसभा में बुजुर्ग लंगे खां ने रविन्द्र सिंह भाटी से कहा था कि "बेटा, और कुछ नहीं बस, हमारे लिए पानी ले आना।"
भाटी ने जवाब दिया था कि "जीतूं या हारूं, आपके लिए पानी जरूर लाऊंगा।"
भाटी विधायक बनने के बाद लंगे खान से किया वादा भूले नहीं। इसी का परिणाम है कि जल जीवन मिशन से नल कनेक्शन का काम शुरू हुआ और अब थार BADP योजना में नलकूप की मंजूरी भी मिल गई।
राजनीति में भाषण और वादे बहुत होते हैं। लेकिन, बुजुर्ग के भरोसे को जिम्मेदारी मानकर वादा निभाना बड़ी बात है। बाड़मेर की सरहद पर एक वादा अब कागज से जमीन तक पहुंचने की राह पर है।
अब बुजुर्ग और ग्रामीण विधायक का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं।
जोधपुर प्रवास के दौरान राजपुरोहित हॉस्टल के युवा साथियों से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर सभी साथियों से उनकी पढ़ाई एवं वर्तमान विषयों पर सार्थक चर्चा की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
विश्वविद्यालय के समय से ही राजपुरोहित हॉस्टल के साथियों से मेरा आत्मीय जुड़ाव रहा है। छात्रसंघ चुनावों के दौरान भी हॉस्टल के साथियों का जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला, वह आज भी अविस्मरणीय है।
जब भी इन साथियों से मिलने का अवसर मिलता है, ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच लौट आया हूं। यह अपनापन और स्नेह मेरे लिए सदैव विशेष और अनमोल रहेगा।
नागौर के डांगावास में वर्ष 2015 में हुई जघन्य सामूहिक हत्या की घटना आज भी पूरे राजस्थान को झकझोर देती है। इस हृदयविदारक घटना में 6 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिनमें 5 दलित समाज से थे। इतने लंबे न्यायिक संघर्ष के बाद, लगभग 11 वर्ष बीत जाने पर सभी 40 आरोपियों का बरी हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो आखिर उन 6 लोगों की हत्या किसने की? क्या इतने बड़े नरसंहार का कोई दोषी नहीं है? क्या पीड़ित परिवारों को कभी न्याय नहीं मिलेगा? ऐसे फैसले पीड़ित परिवारों के विश्वास को तोड़ते हैं और समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करते हैं। यदि दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और कानून का भय समाप्त होता जाएगा। यह किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
मैं राजस्थान सरकार से मांग करती हूं कि इस मामले में तत्काल उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी अपील दायर की जाए, पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की जाए और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा सुनिश्चित की जाए।
@RajCMO@RajGovOfficial
नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत 6 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन 6 लोगों की हत्या आखिर किसने की?
11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, सीबीआई जांच और ट्रायल के बावजूद इंसाफ न मिलना जांच और अभियोजन की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उन्हीं के शासन में प्रतिकूल फैसला आना दिखाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़नी चाहिए, राज्य सरकार को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
बताइए सरकार...!
छह हत्याओं के 40 आरोपी बरी कैसे हो गए?
क्या इनको किसी ने नहीं मारा?
यह केस पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा करने वाला है। न्यायिक व्यवस्था से भरोसा उठाने वाला भी है।
क्या मत्स्य न्याय ही अब न्याय है?
@BhajanlalBjp@PoliceRajasthan
श्री राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में अपनी जायज मांगों को लेकर जयपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय है। असहमति की आवाज़ का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता से होना चाहिए।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।
@PMOIndia@RajCMO
@saten_08 ji
@kamal_kanawaria ji संस्कृत विभाग वालों से बात हुई है, लाइब्रेरियन वालों के दस्तावेज अभी तक उनको प्राप्त नहीं हुएहै
कृपा करके निदेशालय को दस्तावेज भिजवाने हेतु सूचित करवाने का कष्ट करे , जिससे संस्कृत विभाग के अभ्यर्थियों का कार्य भी निदेशालय, बीकानेर के साथ हो सके
@saten_08 ji
@kamal_kanawaria ji संस्कृत विभाग वालों से बात हुई है, लाइब्रेरियन वालों के दस्तावेज अभी तक उनको प्राप्त नहीं हुएहै
कृपा करके निदेशालय को दस्तावेज भिजवाने हेतु सूचित करवाने का कष्ट करे , जिससे संस्कृत विभाग के अभ्यर्थियों का कार्य भी निदेशालय, बीकानेर के साथ हो सके
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने librarian grade 3 की जिला आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी
संस्कृत शिक्षा विभाग भी अपना दायित्व निभाते हुए आज counseling प्रक्रिया शुरू करें |
माननीय मंत्री @madandilawar जी संस्कृत शिक्षा विभाग को
@rajeduofficial@RajCMO@kamal_kanawaria@saten_08
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने librarian grade 3 की जिला आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी
संस्कृत शिक्षा विभाग भी अपना दायित्व निभाते हुए आज counseling प्रक्रिया शुरू करें |
माननीय मंत्री @madandilawar जी संस्कृत शिक्षा विभाग को
@rajeduofficial@RajCMO@kamal_kanawaria@saten_08
माननीय निर्देशक महोदय का हार्दिक आभार। 🙏
लाइब्रेरियन ग्रेड-III का परिणाम जारी कर हजारों अभ्यर्थियों के लंबे इंतजार को समाप्त करने के लिए आपका धन्यवाद। अब आपसे विनम्र निवेदन है कि नियुक्ति प्रक्रिया भी शीघ्र पूर्ण कर हमें जल्द जॉइनिंग प्रदान करें।
@saten_08@kamal_kanawaria