Zee राजस्थान के कार्यक्रम "सम्मान साहस का" में राजस्थान के माननीय कानून मंत्री श्री @JogarampatelMLA जी ने पुलिस के लिए बहुत ही अच्छी बात कही और पुलिस का दर्द भी साझा किया, जो सुनने में बहुत मार्मिक और भावुक कर देने वाला है और भारत में सबसे बेस्ट पुलिस राजस्थान की हो ऐसा सपना भी देखा जो अच्छा भी है और गर्व का विषय भी है।
अब मैं माननीय कानून मंत्री जी से कहना चाहूंगा कि माननीय कोरे सपने और कोरी कल्पनाओं से राजस्थान पुलिस भारत की बेस्ट पुलिस नहीं बन सकती है, उसके लिए पुलिस और पुलिस कर्मचारियों को मजबूत करने की जरूरत होगी क्योंकि मजबूत नींव पर ही आलीशान महल खड़ा हो सकता है कमजोर नींव पर नहीं।
बेस्ट पुलिस के लिए राजस्थान पुलिस में:-
जनसंख्या के अनुपात में पुलिस कर्मचारियों की नफरी होनी चाहिए।
राजस्थान पुलिस में थानों में नए आधुनिक तकनीकी से लैस उच्च क्वालिटी के वाहन होने चाहिए
पुलिस कांस्टेबल का उसकी ड्यूटी के अनुसार वेतन होना चाहिए।
पटवारी VDO कृषि पर्यवेक्षक की तरह कांस्टेबल को भी प्रथम एसीपी ग्रेड पे 3600 मिलनी चाहिए
पुलिस कांस्टेबल का समय पर प्रमोशन होना चाहिए।
एक समय था जब पटवारी, VDO, कृषि पर्यवेक्षक और कांस्टेबल एक ही ग्रेड पे पर भर्ती होते थे और समान वेतन पाते थे लेकिन आज इन चारों पदों में से 9 साल बाद कांस्टेबल पिछड़ जाता है क्योंकि 9 साल बाद पटवारी VDO कृषि पर्यवेक्षक प्रथम एसीपी ग्रेड पे 3600 लेते हैं और कांस्टेबल ग्रेड पे 2800 पर ही रह जाता है। यह कांस्टेबल के साथ घोर अन्याय हो रहा है और वो चुपचाप सह रहा है क्योंकि सबके पास अपनी बात कहने और रखने के लिए कोई न कोई संघ, महासंघ या संगठन है लेकिन कांस्टेबल के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है जिसके माध्यम से वो अपना दर्द बयान कर सकता है। सच कहूं तो पुलिस कांस्टेबल अपनी बात, अपना दर्द कहते हुए भी डरता है कि यदि मैंने किसी को अपना दुःख दर्द बता दिया तो न जाने मेरे साथ क्या होगा?
जिस तरह आपने कहा कि यदि पुलिस गांव में जाए तो वहां के बच्चे पुलिस से डरे नहीं ऐसा ही यहां भी होना चाहिए कि कांस्टेबल अपनी बात कहते हुए डरे नहीं।
माननीय कानून मंत्री श्री जोगाराम जी पटेल साहब आपसे विनम्र मार्मिक निवेदन है कि आप माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी और गृह राज्य मंत्री श्री @jawaharbedam जी इस विषय पर चर्चा कर पुलिस कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को साझा कर इन वेतन विसंगतियों को दूर करवाने की कृपा करना।
लाखों कार्मिकों की दुआएं मिलेंगी और युगों युगों तक याद किए जाओगे।
अब संपत्ति कुर्की की बारी !
झालावाड़ पुलिस ने ऑपरेशन शटरडाउन के तहत अब तक 51 गिरफ़्तारियाँ की । भारी संख्या में डिजिटल डिवाइस जब्त हुए । अब इनकी करोड़ों की संपत्ति जो अवैध तरीके से बनाई है, उसका इश्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया है । यह केस इसलिए भी सवेंदनशील है कि सरकारी धन में सेंध के साथ, कमजोर वर्ग की आर्थिक सुरक्षार्थ धनराशि में धोखाधड़ी की । अब आगे की अनुसंधान एसओजी करेगी , इन गिरोहों का लगातार पीछा किया जाएगा ।
झालावाड़ पुलिस- आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय
@RajCMO@PoliceRajasthan
"खाकी की होली फीकी" को एक साल बीत गया लेकिन पुलिस की मांगों पर कोई भी विचार नहीं हुआ
आखिर क्यों अनदेखा किया जा रहा है पुलिस कार्मिकों की मांगों को?
क्यों विचार नहीं किया जा रहा है खाकी के दर्द पर ?
आखिर कौन लेगा उनकी सुध ?
@RajCMO@JogarampatelMLA@BhajanlalBjp@DrKirodilalBJP
मे राजस्थान पुलिस कांस्टेबल होली नहीं मनाऊँ गा क्यों कि सरकार हमारी मांग नहीं मान रही है
कस्ट का मारा कानिस्टेबल कैदि के लिए ज्यादा व
कानिस्टेबल के लिए कम मैस भत्ता
अथिकारियो के स्थानांतरण पर कानिस्टेबल का स्थानांतरण नहीं है
"खाकी की होली फीकी" को एक साल बीत गया लेकिन पुलिस की मांगों पर कोई भी विचार नहीं हुआ
आखिर क्यों अनदेखा किया जा रहा है पुलिस कार्मिकों की मांगों को?
क्यों विचार नहीं किया जा रहा है खाकी के दर्द पर ?
आखिर कौन लेगा उनकी सुध
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