अर्णब गोस्वामी ने AAP के अभिजीत दिपके को उसकी औकात दिखा दी! हमारे सुरक्षा बलों और गैलेंट्री अवार्ड विजेताओं का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं।
कान पकड़ कर माफ़ी मांग दिपके, फिर हम राष्ट्रवादी तय करेंगे कि तेरा कानूनी इलाज कैसे करना है! 🔥🇮🇳
प्रोटेस्ट में एंटी-सोशल एलिमेंट्स भरे हुए थे। उनके हाथ में जो कुछ भी था, वे उससे पुलिस पर हमला कर रहे थे।
'प्रोटेस्टर्स' के हमले के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मुझे उनकी जान का डर था। उस दिन उनकी मौत हो सकती थी। मेरे परिवार का क्या होता?
दंगों के दौरान हमला किए गए दिल्ली पुलिस के एक जवान का परिवार।
हामिद अंसारी
फ़ारूक़ अब्दुल्ला
और
अब ‘अविमुक्तेश्वरुद्दीन’
(ये शब्द अविमुक्तेश्वरानंद जी ने ही इस्तेमाल किया)
-बीच PODCAST light काटी
-Camera बंद करने की कोशिश
-टीम के mobile छीने
- सहयोगियों ने गालियां दी,धमकाया (सब कैमरा में रिकॉर्ड )
-महाराज जी ने स्वयं मुझे उग्र करने की धमकी दी
-बाहर निकल कर सहयोगियों ने हाथ मरोड़ा और देख लेने की धमकी दी।
लेकिन सारे सवाल TAP किए।
TAP का पहला PODCAST है।
Premiere कल Saturday 7 PM करूँगा।
धन्यवाद 🙏
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ये छोटी सा हिस्सा।
ये दिल्ली का जंतर मंतर नहीं बल्कि झारखंड की तस्वीर है जहां कांग्रेस-जेएमएम की सरकार है..
छात्र सड़क पर हैं... परीक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं...
कॉकरोच पार्टी वाले वहां छात्रों की आवाज़ बनने कब पहुंच रहे हैं?
राहुल जी के पास पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था ठीक करने का फॉर्मूला है तो झारखंड का भी इलाज कर दें...
#PaaltuMedia सन्नाटे में है.. उसका काम है सरकार से सवाल पूछना.. लेकिन उनके लिए सरकार मतलब सिर्फ मोदी है.. विपक्ष शासित राज्य की सरकारों को वो सरकार नहीं मानते...
पीएम मोदी ने तो अपने शिक्षामंत्री का इस्तीफा ले लिया.. अभी देखते हैं कहां कहां की सरकारें क्या क्या करती हैं छात्रों के लिए।
डियर GEN Z,
तुम्हें सो कॉल्ड गोदी मीडिया के खिलाफ नारे लगानेवाली/लिंचिंग को उतारु भीड़ बनाकर छोड़नेवाले खुद उन्हीं चैनल्स की गोद में बैठकर इंटरव्यू देते रहे जिन्हें तुम्हारे दिमाग में गोदी मीडिया बनाकर छोड़ दिया..
पूछा तुमने कभी कि अगर वो गोदी मीडिया थे तो कॉकरोच पार्टी वाले उनके यहां क्यों गए?
अगर वो गोदी मीडिया थे तो कॉकरोच पार्टी को मंच क्यों देते रहे?
लिंचिंग के बाद भी वो सो कॉल्ड गोदी मीडिया पूरा प्रोटेस्ट चैनल्स पर दिखाती क्यों रही?
सोचो भाई लोगों...
आज पुलिस तुम्हारे घर आ रही
नाराज़ लोग तुम्हारे घर आ रहे
माफी तुम्हें मांगनी पड़ रही है
कंधे तुम्हारे मां-बाप के झुके हैं..
लेकिन तुम्हें इस्तेमाल करने वालों पर एक FIR या एक्शन हुआ क्या? उनको कोई माफी मांगनी पड़ी क्या.. सोचो.. सोचो.. सोचो
पंजाब यूनिवर्सिटी में सरकार की लापरवाही से 28 वर्षीय PhD स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई।
यह हादसा नहीं, हत्या है! भगवंत मान जी, आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?
मोदी जी, मुझे माफ़ कर दीजिए।
मुझसे गलती हो गई, मैं आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।
आपके विरोध में जंतर मंतर पर मैंने बहुत कुछ बोला, आपको अपशब्द कहे, मुझे इसका पछतावा है।
कृपया मेरे खिलाफ कोई भी एक्शन न लें, मुझे माफ कर दें।
: प्रदर्शनकारी
जो CJP सोनम वांगचुक के सगे नहीं हुए, वो इस लड़की को क्या बचाएंगे?
किसी भी CJP नेता को लाठी पड़ी क्या। इंटरनेट पर चंद लाइक्स के लिए कुछ पापा की परियों ने अपना भविष्य बर्बाद कर लिया, सिर्फ Dipke का भविष्य चमकाने के लिए!
वड़ा पाव खाओ खिलाओ पर दिमाग की बत्ती जलाओ
फेक न्यूज मत फैलाओ !
@PiyushGoyal जी दया मत करिए करवाई करिए क्योंकि एक बार अगर इन जैसे लोगों को छोड़ दिया गया माफ कर दिया गया तो आगे से न जाने इनके हौसले कितने बुलंद हो जाएंगे और यह न जाने कौन-कौन सी वीडियो बनाकर पोस्ट करेंगे कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि वह वीडियो कई लोगों तक पहुंची है और आपके खिलाफ गुस्सा है लोगों में ऐसे लोगों पर कार्रवाई से ही लोगों में डर पैदा होगा
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
*जंतर मंतर पर*
*लॉवारिस पापा मम्मी की*
*लॉवारिस परियो को देख कर*
*पूरा मज़ा आ रहा था*
*दो चार दिन और चलने देते*
*पर भारत सरकार*
*ना देखूंगा ना देखने दूंगा*
मैं अपना यह मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित करता हूं।
उन्हीं की बदौलत आज अपने देश भारत के लिए मेडल लाने में सफल हो पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किया है, आज हमें सारी आधुनिक सुविधाएं और ट्रेनिंग मिल रही है।
: ऋषिकांत सिंह, रजत पदक विजेता