कैसे भरोसा करे RPSC तुम पर ?
प्रदेश के युवाओं का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी वाली संस्था RPSC पर से युवाओं का ऐसा भरोसा उठा है कि अब फिर से कायम होने का नाम ही नहीं ले रहा। उम्मीद तो थी कि इस संस्था में ऐसे छवि के विद्वानों को जिम्मेदारी दी जाए, जिन पर सभी का भरोसा हो, लेकिन अब यहां भी नियुक्तियां राजनीतिक सी ही होने लगी है। सरकार किसी की भी हो क्रम नहीं बदला। अब तीन ताजा नियुक्तियां हुई, तो RPSC ट्विटर पर ट्रेंड हो गई।
जोधपुर के जेएनवीयू में गणित विभाग में प्रोफेसर रहे अयूब खान राजनीतिक गुणा-भाग से सदस्य बन गए। 1985 में एनएसयूआई से जुड़े थे। उसके बाद वह राजीव गांधी स्टडी सर्किल के सदस्य रहे और ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के सदस्य भी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सूरसागर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया था। यानि नेता से RPSC का सफर।
दूसरी नियुक्ति कर्नल केसरी सिंह राठौड़ की। नागौर जिले के मकराना विधानसभा क्षेत्र के गांव शिवरासी के रहने वाले हैं। वे सेना से रिटायर्ड होने के बाद समाज सेवा और राजनीति में सक्रिय हो गए। पिछले कुछ सालों से वे मकराना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। इनका वीडियो वायरल है कि अब बस अपने समाज के लिए काम करूंगा । ऐसे में RPSC में पारदर्शिता की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
तीसरे सदस्य कैलाश चंद मीणा सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। वे इसी RPSC में चयनित होकर पदोन्नति पाने के बाद आईएएस बने हैं। कोटा और जोधपुर में संभागीय आयुक्त रहने के बाद वर्तमान में वे एलएसजी के सचिव हैं।
लगे हाथ पुरानी नियुक्तियों का भी जिक्र हो जाए। संगीता आर्य विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है, इनके पति अब तैयारी कर रहे है। जसवंत राठी पत्रकार के नाते नियुक्त हुए बताए। इनकी एक किताब व किसान मंत्री से नजदीकियां भी चर्चा में रही। मंजू शर्मा कवि कुमार विश्वास की पत्नी है। कुमार विश्वास को तो 'आप' जानते ही होंगे, राहुल गांधी के सामने चुनाव लड़ा था और क्या उपाधि दी थी। RPSC की सदस्य सूची में अभी भी बाबुलाल कटारा का नाम दर्ज है, जो जेल में है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा निभा चुके संजय श्रोत्रिय इस संस्था के चेयरमैन है। तो इस RPSC में केवल संजय व कैलाश को प्रशासनिक अनुभव है। बाकी का रिकॉर्ड आप भी खंगाल ले। जिस तरह से पेपरलीक को लेकर कड़े कानून बनाए गए, उम्मीद थी कि नियुक्तियां भी कुछ कठोर फैसलों के साथ होगी। लेकिन राजनीतिक छोंक लग ही गया। अब कैसे भरोसा करें ?
यह व्यक्ति कर्नल केसरी सिंह मकराना है इसको आज #RPSC का सदस्य बनाया गया। जाट और गुर्जर समाज के बहुत सारे भाई लोग इस आनंदपाल के अनुयाई का पिछले दो घंटे से विरोध कर है, विरोध का कारण पता नहीं। लेकिन विरोध करने वाले भाइयों से मैं कहना चाहता हूं सो बना न ये rpsc का सदस्य, आपको किस प्रकार का डर है?? हां, सरकार ने अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए बना दिया होगा इसको सदस्य, इसके सदस्य बनने से क्या हमारे समाज के युवाओं को ये नौकरी से हटा देगा या नौकरी लगने नही देगा! गजब की बहकी–बहकी बातें करते हो भाइयों।🙏
मत करिए विरोध! यह हमारे समाज के युवाओं का कुछ उखाड़ना तो बहुत दूरी की बात है, बाल भी बांका नही कर सकता.👍💯
आरपीएससी पहले ही पेपर आउट से बदनाम हो चुकी है और एक बार फिर विवादित व्यक्ति की नियुक्ति को लेकर युवाओं द्वारा आवाज उठाई जा रही है।
#जातिवादी_केसरीसिंह_को_हटाओ
@ashokgehlot51 जी आरपीएससी में अच्छे व्यक्ति को नियुक्त करके इसकी विश्वसनीयता को कायम रखना चाहिए क्योंकि लोगों का विश्वास पहले से ही टुट चुका है।
#जातिवादी_केसरीसिंह_को_हटाओ
नया शिक्षा सेवा नियम 2021 ( यूजी और पीजी में समानता) छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अभूतपूर्व कदम था लेकिन कुछ स्वार्थी लोगों के कारण वापस लिया जा रहा है जिसका खामियाजा सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ेगा। @ashokgehlot51@DrBDKallaINC@GovindDotasra@rajeduofficial
@8PMnoCM कांग्रेस की कार्य शैली बहुत ख़राब है क्योंकि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की इतनी बड़ी भर्ती होने के बाद भी तृतीय श्रेणी शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं कर पाई जबकि वसुंधरा राजे ने बड़ी संख्या में ट्रांसफर किए थे।
@ashokgehlot51@GovindDotasra@_lokeshsharma@DrBDKallaINC
@PRESIDENTBKN2@ashokgehlot51@GovindDotasra कांग्रेस सरकार अगर नियम संसोधन करती है तो सबसे पहले तो वाइस प्रिंसिपल की 50% सीधी भर्ती होनी चाहिए नहीं तो फिर पदोन्नति में संशोधन क्यों? यदि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती हैं तो वरिष्ठ अध्यापक और तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पास चुनाव ही अंतिम सहारा है।
@ashokgehlot51@GovindDotasra
ज्योति मिर्धा ने हारने के बाद लोगों को मुंह भी नहीं दिखाया और अब बीजेपी से सांसद बनने का सपना ले रही है नागौर के लोगों ने तो दिन रात साथ देने वाले @hanumanbeniwal को तय कर लिया है।
#नागौर_का_शेर_बेनीवाल