✨ "तुम्हारे बिना अधूरी हूँ मैं"
रीमा और आरव की मुलाक़ात एक कैफ़े में होती है। रीमा किताब पढ़ रही होती है और आरव कॉफ़ी लेने आता है। गलती से उसकी कॉफ़ी रीमा की किताब पर गिर जाती है। दोनों के बीच थोड़ी बहस होती है, लेकिन उसी झगड़े में एक अजीब-सी कनेक्शन की शुरुआत हो जाती है।
💖 "पहली बारिश की खुशबू"
अनाया और विराज बचपन के दोस्त हैं। स्कूल खत्म होते ही विराज शहर चला गया, और अनाया अपने गाँव में रह गई। सालों तक दोनों का कोई संपर्क नहीं रहा।
एक दिन अचानक पहली बारिश होती है। अनाया छत पर खड़ी होकर बारिश की बूंदों को महसूस कर रही होती है। तभी पीछे से आवाज़
आती है –
"बारिश की खुशबू तो वही है… पर तुम और भी खूबसूरत लग रही हो।"
अनाया मुड़कर देखती है – विराज खड़ा है, भीगता हुआ।
सालों बाद उसकी मुस्कान देखकर अनाया की आँखें भर आती हैं।
विराज धीरे से उसका हाथ पकड़कर कहता है –
"दूरी ने बहुत कुछ बदल दिया… लेकिन मेरा प्यार नहीं।"
आरव सोचता है –
"क्या सिर्फ़ चैट और कॉल से प्यार ज़िंदा रह सकता है?"
और तभी एक दिन अचानक रीमा उसके दरवाज़े पर खड़ी होती है।
उसके हाथ में वही किताब होती है जिस पर कॉफ़ी गिरी थी… और मुस्कुराते हुए कहती है –
"प्यार दूरी से नहीं, दिल से ज़िंदा रहता है।"
✨ "तुम्हारे बिना अधूरी हूँ मैं"
रीमा और आरव की मुलाक़ात एक कैफ़े में होती है। रीमा किताब पढ़ रही होती है और आरव कॉफ़ी लेने आता है। गलती से उसकी कॉफ़ी रीमा की किताब पर गिर जाती है। दोनों के बीच थोड़ी बहस होती है, लेकिन उसी झगड़े में एक अजीब-सी कनेक्शन की शुरुआत हो जाती है।
धीरे-धीरे दोनों मिलने लगते हैं।
रीमा को आरव की हंसी पसंद आती है और आरव को रीमा की मासूमियत।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब रीमा को एक साल के लिए किसी और शहर जाना पड़ता है। दोनों रोज़ चैट और वीडियो कॉल पर बातें करते हैं, पर distance धीरे-धीरे दोनों को तोड़ने लगती है।