गरीबी क्या होती है आईये बताते हैं
ये हैं विक्की सिंह तोमकयाल जो उत्तराखंड के रहने वाले हैं
एक Indian MMA Fighter हैं, लेकिन घर चलाने और अपनी डाइट के लिए भाई कों रात में सिक्योरिटी गॉर्ड की नौकरी करनी पडती,
धामी सरकार से रिक्वेस्ट है भाई को उचित सुविधा मुहैया कराई जाये
टेलेंट को बर्बाद मत होने दो 🙏
मीणा जी की गरीबी देखकर आंसू आ गया,
करोड़ों का बंगला, लाखों का Iphone, करोड़ों की गाड़ी, full आरक्षण, no fees in any Govt schools, colleges and all that...
नाम:- सनी कौशल
उम्र:- 36
कुल कमाई:- ₹15-₹25 करोड़
फिल्म:- मिली, शिद्दत,चोर निकल के भगा
नाम :- वेदांग रैना
उम्र:- 26 साल
कुल कमाई :-3 करोड़
फिल्म में काम:- जिगरा,में बापिस आऊंगा,
साथ में सिंगर भी है
सनी कौशल और शर्वरी वाघ का 6 साल पुराना रिश्ता टूट गया है कोई खास बजह नहीं दिखी
सनी कौशल का कैरियर डाउनफॉल चल रहा है वही वेदांग रैना का कैरियर शुरू हुआ है
शर्वरी वाघ ने अच्छा फ़्यूचर के लिए वेदांग का साथ चुना वही सनी अकेले रह गए
जिसके पास पैसा है उसी के पास सच्चा प्यार है
कभी कभी सच लगता है कुछ लड़कियों सिर्फ सफल पुरुष को ही महत्व देती है
क्योंकि शर्वरी वाघ की उम्र ओर वेदांग की उम्र में 3 साल का अंतर है बड़ी है,
जैस्मिन सैंडलाज़ स्टेज पर परफ़ॉर्म कर रही है…
अपना सबसे सुपरहिट गाना….
और सामने दर्शकों का जो विडियो है
उसमें पिछले दस साल के अलग अलग शो की क्लिप काटकर लगा दी गई है…
और सब पोस्ट किए जा रहे हैं….😎
वैसे परफ़ॉर्मेंस तो शानदार है, इसमें कोई संदेह नहीं…!!
मैं राजा भैया की इस बात पर उनका पुरज़ोर समर्थन करता हूँ।
उन्होंने बिल्कुल सही बात कही है।
ये संविधान का झुनझुना पकड़कर नाचने वाले तब कहाँ बिल में छुप जाएंगे, पता भी नहीं लगेगा। @Raghuraj_Bhadri
ये सोशल मिडिया इन्फेलुन्सर अंकित बैनपुरिया है, इन्होने लाईव आकर ये कहा की हरियाणा की कुश्ती मे जातिवाद हद से ज्यादा है और वहां सबसे पहले जाति पूछी जाती है |
इतना कहने भर की देर थी की अब हरियाणा के जितने भी जाट इन्फेलुन्सर लोग थे इसके पीछे पड़ गए, लाईव आकर भला बुरा कहने लगे और कहने लगे की हरियाणा और कुश्ती मे जातिवाद तो है ही नहीँ, ये सब फर्जी बाते है लाइमलाइट मे आने की |
खैर ऐसे ही कहा जाता है की प बंगाल मे जातिवाद नहीँ है, उत्तराखंड हिमाचल मे जातिवाद नहीं है, कम्युनिस्ट पार्टियों मे जातिवाद नहीँ है, आरएसएस मे जातिवाद नहीँ है, भारतीय सेना मे कोई भेदभाव नहीँ है, क्रिकेट मे कोई क्षेत्रवाद भेदभाव नहीँ है |
जबकि सच तो ये की जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद भारत मे हर जगह है,बस उसके प्रकार अलग अलग है, कही जातिवाद मे छुआछूत भेदभाव होता है तो कही पसंद नापसंद होता है|
और ज़ब कोई कहता है की फलाने जगह पर जातिवाद क्षेत्रवाद नहीँ है तो असल मे वो बड़ी बारीकी से सच छुपाना चाहता है|
बताइये बंगाल मे जातिवाद नहीँ है लेकिन कोई OBC SC का व्यक्ति CM क्यों नहीँ बन पा रहा? क्यों ब्राह्मण कायस्थ वैध ही CM बन रहे? ये भी एक प्रकार का महीन जातिवाद ही है, बस समझ का फेर है
हिमाचल मे जातिवाद नहीँ हैं फिर क्षत्रिय ही क्यों CM बन रहे? ये भी एक प्रकार का जातिवाद ही है
कम्युनिस्ट पार्टियों मे जातिवाद नहीँ है, उसका निर्माण ही गरीबो दलितों के उत्थान के लिए हुआ है लेकिन अजीब बात ये है की इस पार्टी के सर्वोच्च स्थान महासचिव पर पहुंचने पर दलित व्यक्ति को 100 साल लग गए और आप कहते हो जातिवाद नहीँ है|
आरएसएस मे जातिवाद नहीँ है क्षेत्रवाद नहीँ है लेकिन सर्वोच्च पदों पर और मुख्य पदों पर ब्राह्मण वो भी खासकर मराठी मूल के ब्राह्मणो को जगह मिलता है और आप कहते हो की आरएसएस मे जातिवाद नहीँ है |
मै कहता हु 20 ब्राह्मण बच्चे और 20 गैर ब्राह्मण बच्चो को फूल टाइम आरएसएस को ज्वाइन करवा दीजिये, 20 साल बाद ब्राह्मण लड़को और गैर ब्राह्मण लड़को मे पदों पे जमीन आसमान का अंतर न दिखे तो नाम बदल दीजियेगा |
कहा जाता है की फौज मे जातिवाद नहीँ क्षेत्रवाद नहीँ है, फिर ये चंडीगढ लॉबी क्या है? क्यों NDA मे सेलेक्शन ज्यादातर आर्मी बाइकग्राउंड लोगो का होता है? क्या ये जातिवाद क्षेत्रवाद परिवार वाद नहीँ है?
क्रिकेट मे क्या मुंबई लॉबी दिल्ली लॉबी बंगलौर लॉबी नहीँ है? एक बिहार के क्रिकेटर को क्या उतना सपोर्ट या मौका मिल पाता है जो इन 3 लॉबी वाले खिलाडी को मिलता है? आकाशदीप परफॉर्मेंस के बाद बाहर है जबकि उसकी जगह हर्षित राणा को रेगुलर प्लेयर बनाया गया, ईशान किशन को इतने साल साइड लाइन किये क्या ये क्षेत्रवाद नहीँ है?
इसी कुश्ती मे एक तोमर क्षत्रिय लड़की थी जो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई की लेकिन उसकी जगह अंत मे जाट लड़की को भेजा गया, सुशील कुमार को हराने वाले नरसिँह यादव के साथ क्या किया गया किसी से छुपा है? फोगाट सिस्टर और मालिक ने कितने लड़कियो का कैरियर खत्म किया, हारने के बाद भी जबरदस्ती दूसरे वेट मे खेलकर अपने क्वालीफाई की ये किसी से छुपा है?
किसी भी गैर जाट खिलाडी से पूछ लीजिये की कुश्ती खेल मे जाट लॉबी कितना हावी है कैसे किसी और को आगे नहीँ बढ़ने देते थे ये किसी से छुपा है?
वो तो कहिये बृज भूषण सिँह जैसा हिम्मती और दमदार आदमी था जो इस लॉबी को थोड़ा कमजोर किया और बाकी जाति के खिलाडीयों को मौका मिलने लगा |
इस लॉबी ने तो शिकार बृज भूषण सिँह का भी करना चाहा, सारे हथकंडे अपना लिए पूरा जोर लगा लिया लेकिन जो व्यक्ति कांग्रेस की सरकार मे बाप के CM रहते सांसद बेटे को कुश्ती संघ के चुनाव मे हरा दे और पूरी गुंडई के साथ सबको घेर ले पुलिस की सहायता लेकर लोगो को घर जाना पड़ा हो जबकि केंद्र मे भी कांग्रेस की सरकार हो, ऐसा आदमी किसी से दब पायेगा, कोई लॉबी उसको रोक पायेगी?
उसने फिर डंके की चोट पर उस लॉबी को बुरी तरह से हराते हुऐ अपनी बादशाहत कायम की, बृज भूषण की जगह अगर कोई और कमजोर आदमी होता तो आज फर्जी जेल मे सड़ रहा होता....
कही कमी है तो उस पर बात करो चर्चा करो न की उस पर पर्दा डालने की कोसिस करो।
Note - यह बिल्कुल सत्य है कि हर जगह अलग अलग जाति के लोगों का वर्चस्व है उनका दबदबा चलता है चाहे राजनीति हो, स्पोर्ट्स या कोई संगठन।
Golden week जापान का सबसे बड़ा Holiday season है, जो अप्रैल के अंत से मई के पहले हफ्ते तक चलता है। इसी दौरान किरन और मेरा भी जापान जाना हुआ।
जैसे हमारे यहाँ त्यौहारों का माहौल होता है, वैसे ही पूरा जापान छुट्टियों और खुशियों में डूबा था।
वहां बहुत से नए लोग और अनुभव भी मिले। Tokyo में हम बुद्ध मॉनेस्ट्री गए और वहाँ जाकर गर्व हुआ कि बुद्ध को सदियों पहले हमारे बिहार की ही धरती पर ही ज्ञानप्राप्ति हुई थी, और उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया में मानी जाती हैं। बिहार से निकली शांति और करुणा की गूंज आज जापान के कोने-कोने में बसी है।
जब भी मैं किसी देश की यात्रा पर जाता हूँ, मुझे हर हज़ार लोगों में 2-4 भारतीय ज़रूर मिलते हैं। दुनिया के हर कोने में भारतीयों की बढ़ती मौजूदगी हमारी बढ़ती ताकत का सबूत है।
मैंने सुना कि जापान में manpower की कमी है, इसलिए बहुत सारे भारतीय वहां काम करने जा रहे हैं। Tokyo में एक बड़े प्यारे सज्जन से भी मुलाकात हुई जो जापान रोज़गार की खोज में आए, खूब मेहनत की, वहीं बस गए और फिर अपनी फैमिली को भी बुला लिया। हम भारतीय जहाँ भी जाते हैं, मेहनत और लगन से अपनी जगह बना ही लेते हैं।
बातों–बातों में ये भी पता चला कि जापान में भी बहुत से दोस्त मुझे social media पर फॉलो करते हैं, मेरे विचारों को पढ़ते हैं। मुझे अंदाज़ा भी नहीं था कि social media ने मुझे जो परिवार दिया वो अब इतना बड़ा हो चुका है।